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वर्चस्व की जंग में चली गोलियां, भाजपा जिलाध्यक्ष और समर्थक गाड़ी छोड़कर भागे

Wed, 10 Mar 2021 12:23 AM IST
बरेली ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली Published by: बरेली ब्यूरो Updated Wed, 10 Mar 2021 12:23 AM IST
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Bullets in the battle of supremacy, BJP District President and supporters leave the car and run away
घटना का जायजा लेने पहुंचे डीएम और एसएसपी - फोटो : अमर उजाला

खीरी-पीलीभीत उपनिवेशन संघ के चुनाव के दौरान हुए बवाल और फायरिंग से भाजपा के अंदर की गुटबाजी सड़क पर आ गई। अध्यक्ष पद के दावेदार उमाशंकर मिश्रा के नामांकन के लिए जनपद से पूरे लाव लश्कर के साथ भाजपा जिलाध्यक्ष सुनील कुमार सिंह और अन्य विधायक व समर्थक पहुंचे थे। जबकि दूसरे दावेदार धीरेंद्र शुक्ल को भाजपा का एक गुट पर्दे के पीछे से समर्थन दे रहा था। फायरिंग के बाद मामला इतना बढ़ गया कि भाजपा जिलाध्यक्ष, जिला उपाध्यक्ष के अलावा समर्थक भी अपनी गाड़ियां छोड़कर भागे। मामले में दोनों पक्षों की तरफ से पुलिस में तहरीर दी गई है।

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संपूर्णानगर में खीरी-पीलीभीत उपनिवेशन संघ के चुनाव में स्थानीय बनाम बाहरी का मुद्दा बनाया गया। भाजपा के जिला प्रवक्ता रमेश चंद्र मिश्र ने बताया कि पार्टी की तरफ से उपनिवेशन संघ के दो मार्च को संचालक चुने गए उमाशंकर मिश्रा अध्यक्ष पद की दावेदारी के लिये आगे किया गया था। उमाशंकर मिश्रा भाजपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष रह चुके हैं। उनके समर्थन के लिए जिलाध्यक्ष सुनील सिंह मोहम्मदी विधायक लोकेंद्र प्रताप सिंह और श्रीनगर से भाजपा विधायक मंजू त्यागी व सैकड़ों समर्थकों के साथ संपूर्णानगर पहुंचे थे। लेकिन, भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ता धीरेंद्र शुक्ला ने भी उपनिवेशन संघ के अध्यक्ष पद के लिये अपनी दावेदारी कर दी।

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धीरेंद्र शुक्ला सांसद अजय मिश्र टेनी के भतीजे बताए जाते हैं। राजनीतिक हलकों में इस बात चर्चा जोरों पर रही कि सांसद पुत्र अभिमन्यु मिश्रा भी उपनिवेशन संघ के संचालक मंडल में हैं। संचालक मंडल के सदस्य ही अध्यक्ष चुनते हैं। लेकिन अभिमन्यु आज नामांकन के दौरान नजर नहीं आए। जबकि उनके भाई अध्यक्ष पद की दावेदारी कर रहे थे। इसके गहरे राजनीतिक निहितार्थ निकाले जा रहे हैं। हालांकि धीरेंद्र मिश्र का कहना है कि अभिमन्यु का उनकी दावेदारी से कोई लेनादेना नहीं है।
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धीरेंद्र शुक्ला का आरोप है कि जबरन हथियारों के साथ लैस होकर आना यही साबित करता है कि वह उन लोगों को भगाकर अध्यक्ष पद के लिए एकल नामांकन करना चाहते थे। धीरेंद्र शुक्ला के मुताबिक उनके पक्ष में 6 में नौ संचालक हैं, जिसको लेकर उमाशंकर मिश्रा पक्ष डरा हुआ था। जबरन अध्यक्ष पद पर कब्जा करना चाहता था।

अराजक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए तहरीर दी गई है। मुकदमा दर्ज कराया जाएगा और अराजक तत्वों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई कराई जाएगी। मुख्यमंत्री जी को भी मामले से अवगत करा दिया गया है, जिसको लेकर उन्होंने बुलाया है। उनसे मिलने जा रहे हैं।
- सुनील सिंह, जिलाध्यक्ष, भाजपा

कैमरे में कैद हुआ एक असलहाधारी युवक, पुलिस रही खामोश

चुनाव नामांकन के दौरान फायरिंग के बाद एक युवक असलहा के साथ कैमरे में कैद हुआ है। इसको लेकर सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल हुआ है जिसमें कुछ लोग तमंचा लिए हुए युवक को दौड़ा रहे हैं। काफी दूर दौड़ाने के बाद युवक भाजपा का झंडा लगी एक गाड़ी में बैठकर फरार हो गया। पूरे घटनाक्रम के दौरान पुलिस ने बहुत सक्रियता नहीं दिखाई।

उपनिवेशन संघ के पलिया तहसीलदार आशीष कुमार सिंह चुनाव अधिकारी थे। मामले में दोनों पक्षों के विवाद के बाद चुनाव अधिकारी के सामने ही मारपीट शुरू हो गई। बताया गया कि इसमें कई सत्तापक्ष के नेताओं की नाराज जनता के हाथों पिटाई भी हुई है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं है। पुलिस और सत्तापक्ष के खिलाफ वहां मौजूद भीड़ ने जमकर नारेबाजी की। भीड़ ने एक विधायक को घेरकर खरीखोटी भी सुनाई। लोगों ने जिलाध्यक्ष के वाहनों की तलाशी करने के साथ ही उनके वाहनों को सीज करने की मांग की है।

घटना के बाद फायरिंग और भीड़ बढ़ती देखकर पुलिस के पसीने छूट गए। पुलिस केवल मूकदर्शक बनकर देखती रही। यहां तक कि थाना प्रभारी भी भीड़ को पंप के आफिस से बाहर करने की कोशिश करते रहे। लेकिन उनकी किसी ने नहीं सुनी।- युवक घायल

मामले में परसपुर निवासी सोनू के दाहिने हाथ पर गोली लगी है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि वह आफिस में था और शीशा तोड़कर बाहर निकला है, जिससे उसके हाथ में चोट आई है। वहीं हवाई फायरिंग होने के कारण पेट्रोल पंप की छत में सुराख हो गया है, जबकि भीड़भाड़ के कारण पेट्रोल पंप के शीशे आदि भी टूट गए हैं।

नामांकन में पर्चे लेने के दौरान अध्यक्ष पद पर पर्चा लेने पर विवाद हो गया। जिसके बाद कुछ अराजक तत्वों द्वारा फायरिंग की गईं और तोड़फोड़ की गई है, जिसके बाद चुनाव निरस्त कर जांच की जा रही है। - आशीष कुमार सिंह तहसीलदार पलिया/ चुनाव अधिकारी खीरी-पीलीभीत उपनिवेशन संघ

हर पहलू पर जांच की जाएगी कि आखिर इतनी बड़ी घटना कैसे घटित हुई। उक्त मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा। उसके खिलाफ विधिक कार्यवाही की जाएगी। - विजय ढुल, पुलिस अधीक्षक

डीएम ने कई लोगों से ली जानकारी

डीएम शैलेंद्र कुमार व एसपी विजय ढुल ने संपूर्णानगर पहुंचकर अधिकारियों से वार्ता की। इसके बाद पेट्रोल पंप के एकाउंटेंट कृष्णा शुक्ला से पूरी जानकारी ली। अध्यक्ष पद के उम्मीदवार धीरेंद्र शुक्ला और उनके चाचा भाजपा नेता वीरेंद्र शुक्ला के अलावा डीएम ने उपाध्यक्ष पद के परमेंद्र सिंह से भी पूरे घटनाक्रम के बाबत पूछताछ की।

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