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वाजिद के वजूद को 11:30 घंटे तक राैंदते रहे बुलडोजर

Thu, 25 Dec 2025 03:25 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 25 Dec 2025 03:25 AM IST
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Bulldozers kept trampling Wajid's existence for 11:30 hours
बरेली। शहर में 26 सितंबर को हुए बवाल के आरोपी मौलाना तौकीर रजा से नजदीकी और घटना से पहले अपने बरातघर में उसकी बैठक कराने का खामियाजा पूर्व पार्षद एवं प्रॉपर्टी डीलर वाजिद बेग को भुगतना पड़ा। उसके बेग बरातघर काे बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) के बुलडोजर 11:30 घंटे तक रौंदते रहे। इमारत सहित वाजिद बेग के रसूख को पूरी तरह जमींदोज कर दिया। इस दौरान कोई सरपरस्त सामने नहीं आया। फरीदापुर चौधरी के ग्रामीण आपस में चर्चा करते रहे कि कानून से बड़ा कोई नहीं।
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ध्वस्तीकरण के पहले दिन मंगलवार को दो बुलडोजरों और एक पोकलेन ने बरातघर पर लगातार सात घंटे वार कर करीब 35 फीसदी हिस्से को ढहा दिया था। बुधवार को सुबह 10:30 बजे संयुक्त सचिव दीपक कुमार की अगुवाई में बीडीए की टीम दोबारा बेग बरातघर पहुंची। दो बुलडोजर व दो पोकलेन मशीनों ने सुबह 11 बजे से प्रहार शुरू किया।
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कार्रवाई के बीच में ही 11:20 बजे वाजिद बेग का छोटे भाई आबिद बेग मौके पर पहुंचा और मीडिया के सामने अपना पक्ष रखने लगा। पुलिस ने उसे मौके से खदेड़ दिया। इसके बाद कार्रवाई निर्बाध रूप से जारी रही। दो मंजिला बरातघर को मिट्टी में मिलाकर ही बुलडोजर खामोश हुए। पहले दिन साढ़े सात घंटे की मशक्कत के बाद दूसरे दिन भी साढ़े चार घंटे तक तोड़फोड़ जारी रही। अपराह्न 3:30 बजे गुंबद समेत भवन की छत जमींदोज हो गई। इस दौरान एसडीएम रामजनम यादव और इज्जतनगर थानाध्यक्ष विजेंद्र सिंह मौजूद रहे। संवाद
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खराब हुई मशीन
बरातघर की छत जमींदोज होते ही दो में से एक पोकलेन मशीन में तकनीकी दिक्कत आ गई। हालांकि, अधिकारियों ने टेक्नीशियन को बुलाकर उसे दुरुस्त करा लिया। शाम को सभी मशीनों के साथ बीडीए की टीम मौके से निकल गई। बीडीए के अधिकारियों ने बरातघर का नक्शा पास नहीं होने पर इसे रूटीन कार्रवाई बताया। यह दीगर बात है कि शहर में हुए बवाल के मामले में वाजिद बेग भी आरोपी है।

नहीं मिला स्थगन आदेश
वाजिद बेग का छोटा भाई आबिद बेग बरातघर को बचाने की कोशिश कर रहा था। इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता से बातचीत कर स्थगन आदेश के लिए सुबह ही इमरजेंसी वाद दाखिल करने का प्रयास किया। अधिवक्ता ने प्रार्थनापत्र तैयार कर आबिद के मोबाइल फोन पर व्हाट्सएप भी किया, लेकिन उसे मायूस होना पड़ा। आबिद ने पूरे दिन अधिवक्ता से कई बार फोन कॉल पर बात की, पर नतीजा सिफर रहा।

पड़ोसियों को सताती रही अपने मकान की चिंता
बरातघर पर वार से आसपास बने मकानों की दीवारें भी हिल रही थीं। इससे पड़ोसी भी चिंतित दिखे। बरातघर से सटा घर नईम खां और उनके भाई सलीम का है। ये दोनों घर के बाहर खामोश बैठे कार्रवाई देख रहे थे। पू्छने पर दोनों भाइयों ने बताया कि उनके घर से सटी बरातघर की दीवार है। यदि यह दीवार कहीं उनके घर पर आ गिरी तो उनका बड़ा नुकसान हो जाएगा। इसी चक्कर में दोनों भाई दूसरे दिन भी मजदूरी करने नहीं गए। दोनों ने बताया कि वाजिद बेग ने अपने पुरखों की जमीन बेचकर साल-डेढ़ साल पहले ही बरातघर बनाया था। निर्माण के बाद भवन में पांच-छह आयोजन ही हुए थे।

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फरीदापुर चौधरी में सिकलापुर रोड पर प्राधिकरण की अनुमति के बगैर बनाए गए अवैध बरातघर को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया है। अवैध निर्माण के खिलाफ प्राधिकरण की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। - डॉ. मनिकंडन ए., उपाध्यक्ष, बीडीए।
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