{"_id":"6ac56b78263eb86a890f8c75","slug":"budget-approved-for-33-health-centers-but-construction-yet-to-begin-bareilly-news-c-4-bly1015-982429-2026-10-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: 33 हेल्थ सेंटरों के लिए बजट स्वीकृत, शुरू नहीं हो पा रहा निर्माण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: 33 हेल्थ सेंटरों के लिए बजट स्वीकृत, शुरू नहीं हो पा रहा निर्माण
विज्ञापन
बरेली। गांवों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की योजना अफसरों की सुस्ती के चलते अटक गई है। जिला पंचायत के प्रस्ताव पर 33 हेल्थ सेंटरों को करीब छह माह पहले मंजूरी मिल चुकी है। निर्माण के लिए शासन से करीब 15 करोड़ रुपये का बजट भी जारी हो गया। अब तक एक भी केंद्र का निर्माण शुरू नहीं हो सका है।
जिला पंचायत की अपर मुख्य अधिकारी डाॅ. नीतू सिसौदिया के मुताबिक, पिछले वित्तीय वर्ष में हेल्थ सेंटर बनाने का प्रस्ताव तैयार किया था। जमीन तलाशने की जिम्मेदारी संबंधित तहसील के एसडीएम की है। कौन से छह ब्लॉकों में निर्माण होगा, यह स्वास्थ्य विभाग को तय करना है। स्वास्थ्य विभाग अब तक यह तय नहीं कर पाया है। जमीन भी चिह्नित नहीं की गई है। इस वजह से काम शुरू नहीं हो पा रहा।
वहीं, सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह ने बताया कि निर्माण के लिए 90 ग्राम पंचायतें चयनित करने के साथ ही इसकी सूचना जिला पंचायत को भी दी गई है। हाल ही में हुई जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में भी डीएम के समक्ष इसका ब्योरा दिया गया। इन 90 ग्राम पंचायतों में से 33 का चुनाव जिला पंचायत को ही करना है।
विज्ञापन
भटक रहे ग्रामीण
इन हेल्थ सेंटरों पर सामान्य बीमारियों की जांच व उपचार, जरूरी दवाएं, गर्भवती महिलाओं की जांच, मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, टीकाकरण और स्वास्थ्य परामर्श जैसी सुविधाएं मिलनी थीं। गंभीर मरीजों को जरूरत के अनुसार बड़े स्वास्थ्य केंद्रों पर रेफर करने की व्यवस्था भी इससे मजबूत होती। स्थानीय स्तर पर इलाज की सुविधा न होने से लोग सीएचसी व जिला अस्पताल के चक्कर लगाने के लिए मजबूर हैं।
भूमि मिलने के बाद भी अटका बीपीएचयू का निर्माण
इन 33 हेल्थ सेंटरों के साथ ही जिले के क्यारा, मझगवां, दमखोदा और बहेड़ी में ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट यानि बीपीएचयू का निर्माण होना है। क्यारा और मझगवां में भूमि भी चिह्नित कर ली गई है। इसी बीच जिला पंचायत प्रशासक के अधिकार संबंधी गाइडलाइन न मिलने से इस कार्य का टेंडर भी नहीं हो सका है।
विज्ञापन
जिला पंचायत की अपर मुख्य अधिकारी डाॅ. नीतू सिसौदिया के मुताबिक, पिछले वित्तीय वर्ष में हेल्थ सेंटर बनाने का प्रस्ताव तैयार किया था। जमीन तलाशने की जिम्मेदारी संबंधित तहसील के एसडीएम की है। कौन से छह ब्लॉकों में निर्माण होगा, यह स्वास्थ्य विभाग को तय करना है। स्वास्थ्य विभाग अब तक यह तय नहीं कर पाया है। जमीन भी चिह्नित नहीं की गई है। इस वजह से काम शुरू नहीं हो पा रहा।
विज्ञापन
वहीं, सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह ने बताया कि निर्माण के लिए 90 ग्राम पंचायतें चयनित करने के साथ ही इसकी सूचना जिला पंचायत को भी दी गई है। हाल ही में हुई जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में भी डीएम के समक्ष इसका ब्योरा दिया गया। इन 90 ग्राम पंचायतों में से 33 का चुनाव जिला पंचायत को ही करना है।
विज्ञापन
भटक रहे ग्रामीण
इन हेल्थ सेंटरों पर सामान्य बीमारियों की जांच व उपचार, जरूरी दवाएं, गर्भवती महिलाओं की जांच, मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, टीकाकरण और स्वास्थ्य परामर्श जैसी सुविधाएं मिलनी थीं। गंभीर मरीजों को जरूरत के अनुसार बड़े स्वास्थ्य केंद्रों पर रेफर करने की व्यवस्था भी इससे मजबूत होती। स्थानीय स्तर पर इलाज की सुविधा न होने से लोग सीएचसी व जिला अस्पताल के चक्कर लगाने के लिए मजबूर हैं।
भूमि मिलने के बाद भी अटका बीपीएचयू का निर्माण
इन 33 हेल्थ सेंटरों के साथ ही जिले के क्यारा, मझगवां, दमखोदा और बहेड़ी में ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट यानि बीपीएचयू का निर्माण होना है। क्यारा और मझगवां में भूमि भी चिह्नित कर ली गई है। इसी बीच जिला पंचायत प्रशासक के अधिकार संबंधी गाइडलाइन न मिलने से इस कार्य का टेंडर भी नहीं हो सका है।