भाजपा पर मायावती का हमला: कहा- इनका शासन जातिवादी-संकीर्ण और अहंकारी, सपा है गुंडों की पार्टी
मायावती ने कहा कि भाजपा, कांग्रेस और सपा तीनों ही दल दलित विरोधी हैं। सपा गुंडों की पार्टी है। सपा सरकार में दलित महापुरुषों का अपमान किया गया। कांग्रेस को दलित हितैषी का ढाेंग करने वाला बताया।
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बसपा सुप्रीमो मायावती ने भाजपा को संकीर्ण, जातिवादी, अहंकारी और कांग्रेस व सपा को दलित विरोधी बताते हुए तीनों दलों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा मुसलमानों को डराने वाली पार्टी है। छोटे-छोटे मामलों में मुसलमानों को बड़ी-बड़ी धाराएं लगाकर जेल भेजा गया है। बसपा की सरकार बनने पर दोबारा जांच कराकर उन्हें जेल से निकाला जाएगा। बसपा प्रमुख बिथरी चैनपुर विधानसभा क्षेत्र में आने वाले राधा-माधव पब्लिक स्कूल के पास स्थित मैदान में सोमवार को मंडलीय जनसभा को संबोधित कर रहीं थीं। आधे घंटे के भाषण में वह भाजपा, सपा और कांग्रेस तीनों पर हमलावर रहीं।
कांग्रेस को उन्होंने दलित और पिछड़ा वर्ग विरोधी बताते हुए बाबा साहब आंबेडकर को भारत रत्न न देने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि दलित आंदोलन को बढ़ाने वाले कांशीराम के निधन पर कांग्रेस ने उनके सम्मान में एक दिन का भी राष्ट्रीय शोक घोषित नहीं किया। मंडल कमीशन की रिपोर्ट भी लागू नहीं की। बसपा ने वीपी सिंह सरकार में उसे लागू कराया।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वीपी सिंह सरकार ने ही बाबा साहब को भारत रत्न दिया। सत्ता से बाहर होने के बाद कांग्रेस अब नाटकबाजी कर रही है, सत्ता में रहते हुए न उसे इन वर्गों के उत्थान का ख्याल आया न महिलाओं की भागीदारी का। मायावती ने सपा को गुंडों और अराजक तत्वों की पार्टी बताते हुए कहा कि इस सरकार में हमेशा तनाव बना रहता है। विकास कार्य भी विशेष क्षेत्र और समुदाय के लोगों तक सीमित रहे। दलित, पिछड़े वर्ग और उनके महान संतों के साथ इस सरकार ने सौतेला रवैया दिखाया। भाजपा सरकार को घेरते हुए उसकी नीतियां जातिवादी, पूंजीवादी और आरएसएस के संकीर्ण एजेंडे को लागू करने वाली बताईं।
उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार में धर्म के नाम पर हमेशा तनाव और नफरत का वातावरण बना रहा। प्रदेश में अपराध बढे़ हैं, दलित और महिलाएं सुरक्षित नहीं रहीं। निजीकरण के कारण दलितों और अल्पसंख्यकों को आरक्षण का लाभ नहीं मिल पा रहा है। सरकारी नौकरियों में भी कोटा पूरा नहीं किया गया। मुस्लिम और दूसरे अल्पसंख्यकों के साथ पक्षपात किया गया है। मुस्लिम समाज इस सरकार में सबसे ज्यादा दुखी रहा। पश्चिमी यूपी ही नहीं बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में जहां भी मुस्लिम आबादी है, वहां हर मामले में इस सरकार ने सौतेला रवैया अपनाया है। मुसलमानों में भय और दहशत पैदा की गई है। उन्हें निशाना बनाकर नुकसान पहुंचाया है।