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पांच हजार की रिश्वत.. फिर हमेशा बिजली का बिल आधे से भी कम
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आरोपी युवक।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अब पकड़ा गया मीटर स्लो कर रीडिंग में हेराफेरी करने का मामला, अफसर सन्न
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फ्यूएंट एंड ग्रिड कंपनी और उसके दो कर्मचारियों पर एफआईआर
बरेली। रविवार को एक बार फिर खुलासा हुआ कि मीटर रीडिंग और बिल बनाने वाली एजेंसियाें के कर्मचारी ही बिजली विभाग को करोड़ों की चपत लगा रहे हैं। एक उपभोक्ता की शिकायत पर मीटर में रीडिंग कम करने और उसे नो डिस्प्ले मोड पर करके बिलों में हेराफेरी करने का मामला पकड़ा गया तो विभागीय अफसर सकते में आ गए। विभाग की ओर से गड़बड़ी करने वाली कंपनी और उसके दो कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज कराने के लिए तहरीर दे दी गई है।
बिजली कनेक्शनों पर लगे मीटर को रिमोट से नियंत्रित करने का मामला पकड़े जाने के बाद अब रीडिंग में हेराफेरी करने का मामला सामने आया है। इत्तफाक है कि यह मामला भी पुराना शहर में पकड़ा गया है। गौंटिया एजाज नगर में रहने वाली प्रभा यादव ने शिकायत की थी कि उनके दो किलोवाट के कनेक्शन का शनिवार को पहले मीटर रीडर सचिन सागर ने 440 रुपये का बिल दिया, फिर रविवार सुबह आकर 11,561 रुपये का बिल थमा दिया। यह कहते हुए उनसे साढ़े पांच हजार रुपये की मांग भी की कि यह रकम देने के बाद उनका 500-600 रुपये का ही बिल आएगा। इसके लिए वह मीटर को नो डिस्प्ले मोड पर सेट कर रीडिंग गायब कर देगा। प्रभा यादव की शिकायत लेकर आए उज्जवल यादव ने एक्सईएन अनिल गर्ग को पूरा मामला बताया तो वह हैरत में पड़ गए।
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एक्सईएन ने मामले की जानकारी एसई शहर एनके मिश्रा को दी और उनसे इस गोरखधंधे का पर्दाफाश करने के लिए दिशा-निर्देश मांगे। मिश्रा ने सतर्कता से कार्रवाई करने और शिकायत सही निकलने पर एफआईआर में बिलिंग कंपनी का नाम भी शामिल करने का निर्देश दिया। एक्सईएन ने इसके बाद मीटर में हेराफेरी और बिल कम करने वाले गिरोह को रंगे हाथ पकड़ने के लिए पुलिस अफसरों से भी मदद मांगी। एक्सईएन ने उज्ज्वल से कहा कि वह मीटर रीडर को फोन कर पैसा देने के लिए बुलाए ताकि उसे उनके घर पर पैसे लेते हुए रंगे हाथों दबोचा जा सके। मीटर रीडर सचिन सागर इस जाल में फंस गया। कुछ ही देर में वह मीटर को नो डिस्प्ले करने में माहिर रवि को साथ लेकर प्रभा के घर पहुंच गया।
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ऐन मौके पर बिजली विभाग की टीम ने दोनों को पकड़ लिया। हालांकि पुलिस नहीं पहुंच पाई। टीम ने दोनों को गाड़ी में बैठाकर उनके पास मिले टूल और रीडिंग मशीन कब्जे में ले ली। हालांकि बीसलपुर चौराहे पर गाड़ी धीमी होते ही रवि कूदकर भाग गया। सचिन को पुलिस के हवाले कर दिया गया। एसडीओ मीटर संदीप रावत और जेई प्रदीप भारती आदि टीम में शामिल रहे। बारादरी थाना प्रभारी ने बताया कि बिजली विभाग से मिली तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।
मीटर और रीडिंग में हेराफेरी करने वाला गिरोह पहली बार पकड़ में आया है। यह लाखों रुपये की राजस्व क्षति से जुड़ा मामला है इसलिए विभाग इस धंधे में जुड़े और लोगों को भी चिह्नित करेगा। बिलिंग कंपनी की कार्यप्रणाली भी संदेह के घेरे में है। उस पर अलग कार्रवाई होगी। - एनके मिश्रा, एसई शहर
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फ्यूएंट एंड ग्रिड कंपनी और उसके दो कर्मचारियों पर एफआईआर बरेली। रविवार को एक बार फिर खुलासा हुआ कि मीटर रीडिंग और बिल बनाने वाली एजेंसियाें के कर्मचारी ही बिजली विभाग को करोड़ों की चपत लगा रहे हैं। एक उपभोक्ता की शिकायत पर मीटर में रीडिंग कम करने और उसे नो डिस्प्ले मोड पर करके बिलों में हेराफेरी करने का मामला पकड़ा गया तो विभागीय अफसर सकते में आ गए। विभाग की ओर से गड़बड़ी करने वाली कंपनी और उसके दो कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज कराने के लिए तहरीर दे दी गई है।
बिजली कनेक्शनों पर लगे मीटर को रिमोट से नियंत्रित करने का मामला पकड़े जाने के बाद अब रीडिंग में हेराफेरी करने का मामला सामने आया है। इत्तफाक है कि यह मामला भी पुराना शहर में पकड़ा गया है। गौंटिया एजाज नगर में रहने वाली प्रभा यादव ने शिकायत की थी कि उनके दो किलोवाट के कनेक्शन का शनिवार को पहले मीटर रीडर सचिन सागर ने 440 रुपये का बिल दिया, फिर रविवार सुबह आकर 11,561 रुपये का बिल थमा दिया। यह कहते हुए उनसे साढ़े पांच हजार रुपये की मांग भी की कि यह रकम देने के बाद उनका 500-600 रुपये का ही बिल आएगा। इसके लिए वह मीटर को नो डिस्प्ले मोड पर सेट कर रीडिंग गायब कर देगा। प्रभा यादव की शिकायत लेकर आए उज्जवल यादव ने एक्सईएन अनिल गर्ग को पूरा मामला बताया तो वह हैरत में पड़ गए।
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एक्सईएन ने मामले की जानकारी एसई शहर एनके मिश्रा को दी और उनसे इस गोरखधंधे का पर्दाफाश करने के लिए दिशा-निर्देश मांगे। मिश्रा ने सतर्कता से कार्रवाई करने और शिकायत सही निकलने पर एफआईआर में बिलिंग कंपनी का नाम भी शामिल करने का निर्देश दिया। एक्सईएन ने इसके बाद मीटर में हेराफेरी और बिल कम करने वाले गिरोह को रंगे हाथ पकड़ने के लिए पुलिस अफसरों से भी मदद मांगी। एक्सईएन ने उज्ज्वल से कहा कि वह मीटर रीडर को फोन कर पैसा देने के लिए बुलाए ताकि उसे उनके घर पर पैसे लेते हुए रंगे हाथों दबोचा जा सके। मीटर रीडर सचिन सागर इस जाल में फंस गया। कुछ ही देर में वह मीटर को नो डिस्प्ले करने में माहिर रवि को साथ लेकर प्रभा के घर पहुंच गया।
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ऐन मौके पर बिजली विभाग की टीम ने दोनों को पकड़ लिया। हालांकि पुलिस नहीं पहुंच पाई। टीम ने दोनों को गाड़ी में बैठाकर उनके पास मिले टूल और रीडिंग मशीन कब्जे में ले ली। हालांकि बीसलपुर चौराहे पर गाड़ी धीमी होते ही रवि कूदकर भाग गया। सचिन को पुलिस के हवाले कर दिया गया। एसडीओ मीटर संदीप रावत और जेई प्रदीप भारती आदि टीम में शामिल रहे। बारादरी थाना प्रभारी ने बताया कि बिजली विभाग से मिली तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।
मीटर और रीडिंग में हेराफेरी करने वाला गिरोह पहली बार पकड़ में आया है। यह लाखों रुपये की राजस्व क्षति से जुड़ा मामला है इसलिए विभाग इस धंधे में जुड़े और लोगों को भी चिह्नित करेगा। बिलिंग कंपनी की कार्यप्रणाली भी संदेह के घेरे में है। उस पर अलग कार्रवाई होगी। - एनके मिश्रा, एसई शहर