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रिजल्ट जारी नहीं किया तो आत्मदाह कर लेंगे
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बरेली। बीपीएड की परीक्षा में यूएफएम (अनुचित साधन) में फंसे छात्र-छात्राओं ने बुधवार को रुहेलखंड विश्वविद्यालय में प्रदर्शन कर आत्मदाह की धमकी दी तो हड़कंप मच गया। छात्र-छात्राएं रिजल्ट जारी करने की मांग कर रहे थे। आनन-फानन में बारादरी थाने की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और छात्र-छात्राओं को समझाकर बमुश्किल शांत कराया गया। अब यह मामला कुलपति प्रो. अनिल शुक्ल के समक्ष रखा जाएगा।
मई में रुहेलखंड विश्वविद्यालय कैंपस में ही बीपीएड की परीक्षा हुई थी। इसमें विश्वविद्यालय की टीम ने 25 छात्र-छात्राओं को सामूहिक नकल के आरोप में पकड़ा था। आरोप था कि इनमें से चार नकल करते हुए पकड़े गए और 21 की कॉपी पर कॉलेज का नाम और रोल नंबर आदि लिखा था। चारों छात्रों पर कार्रवाई की गई जबकि बाकी 21 छात्र-छात्राओं का मामला कमेटी ने यूएफएम का माना। अब इस पर इन छात्र-छात्राओं ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। मंगलवार को कुलसचिव से मुलाकात के बाद बुधवार को यह छात्र-छात्राएं फिर विश्वविद्यालय पहुंच गए और कुलपति कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। दो छात्राओं ने आत्मदाह करने की धमकी दी।
फूट-फूटकर रोईं छात्राएं
विरोध प्रदर्शन करने वालों में वर्ष 2015-19 तक दो सत्र की छात्र-छात्राएं थीं। दो छात्राएं तो फूट-फूटकर रोने लगीं। बताया कि वर्ष 2015 में एडमिशन लिया था। दो साल में परीक्षा होनी चाहिए थी। परीक्षा तो समय पर कराई नहीं, अब यूएफएम में फंसा दिया। आरोप लगाया कि उनकी कॉपी में साजिश करके रोल नंबर और कॉलेज का नाम लिखा गया है। उन्होंने ऐसा कुछ नहीं किया, जबकि फर्स्ट ईयर के जिन छात्रों ने गड़बड़ी की, उन्हें यूएफएम में नहीं रखा गया है।
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मई में रुहेलखंड विश्वविद्यालय कैंपस में ही बीपीएड की परीक्षा हुई थी। इसमें विश्वविद्यालय की टीम ने 25 छात्र-छात्राओं को सामूहिक नकल के आरोप में पकड़ा था। आरोप था कि इनमें से चार नकल करते हुए पकड़े गए और 21 की कॉपी पर कॉलेज का नाम और रोल नंबर आदि लिखा था। चारों छात्रों पर कार्रवाई की गई जबकि बाकी 21 छात्र-छात्राओं का मामला कमेटी ने यूएफएम का माना। अब इस पर इन छात्र-छात्राओं ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। मंगलवार को कुलसचिव से मुलाकात के बाद बुधवार को यह छात्र-छात्राएं फिर विश्वविद्यालय पहुंच गए और कुलपति कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। दो छात्राओं ने आत्मदाह करने की धमकी दी।
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फूट-फूटकर रोईं छात्राएं
विरोध प्रदर्शन करने वालों में वर्ष 2015-19 तक दो सत्र की छात्र-छात्राएं थीं। दो छात्राएं तो फूट-फूटकर रोने लगीं। बताया कि वर्ष 2015 में एडमिशन लिया था। दो साल में परीक्षा होनी चाहिए थी। परीक्षा तो समय पर कराई नहीं, अब यूएफएम में फंसा दिया। आरोप लगाया कि उनकी कॉपी में साजिश करके रोल नंबर और कॉलेज का नाम लिखा गया है। उन्होंने ऐसा कुछ नहीं किया, जबकि फर्स्ट ईयर के जिन छात्रों ने गड़बड़ी की, उन्हें यूएफएम में नहीं रखा गया है।
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