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बीपीसी गैस बॉटलिंग प्लांट पर पकड़ी गई घटतौली
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बरेली। भारत पेट्रोलियम कारपोरेशन (बीपीसी) बॉटलिंग प्लांट सिलिंडरों में कम गैस भरकर सप्लाई कर रहा है, ऐसी शिकायतें मिलने पर बाटमाप विभाग ने छापामार कार्रवाई कर रंगे हाथ घटतौली पकड़ी। विभाग ने प्लांट का चालान भी कर दिया है। इसलिए भारी भरकम जुर्माना भी लगना तय है।
घरेलू रसोई गैस सिलेंडर में जरूरी नहीं है कि उसका वजन सही हो। हालांकि एजेंसियां पैसा पूरा वसूल करती हैं। बीपीसी बॉटलिंग प्लांटों पर गैस सिलेंडर 100 से 200 ग्राम तक कम भरे जा रहे हैं। यानी करीब पांच से दस रुपये तक हर ग्राहक को गैस कम पहुंच रही है। इसी शिकायत पर बाटमाप विभाग के सहायक आयुक्त मनोज कुमार अपनी सहयोगी टीम के साथ शुक्रवार की दोपहर परसाखेड़ा स्थित बीपीसी के बॉटलिंग प्लांट पर पहुंचे। प्लांट मैनेजर ने पहले तो जांच नहीं होने देने के लिए कई नियम बताने की कोशिश की, लेकिन बाटमाप विभाग के अफसरों ने तेवर दिखाए तो प्लांट के कर्मचारी और अफसर खामोश हो गए। टीम ने सैंपल के रूप में कुछ सिलेंडर चिह्नित किए और उनका वजन कराया, तब पता चला कि 100 से 200 ग्राम सिलेंडर में गैस कम थी। सहायक आयुक्त ने पूरा ब्योरा तैयार कर प्लांट का चालान कर दिया। इससे बीपीसी कंपनी में हड़कंप मच गया है।
मैकेनिकल सिस्टम से सिलेंडर भरे जाते हैं। प्लांट में पूरी तरह पारदर्शी व्यवस्था है, सिलेंडरों की रेंडम अलग से मैन्युअल तौल भी होती है। फिर भी मशीनों से एरर आना संभव है।
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- संजय ठाकुर, क्षेत्रीय प्रबंधक
गैस सिलेंडरों में घटतौली की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। एजेंसियों पर सिलेंडर बॉटलिंग प्लांट से सप्लाई होते हैं, इसलिए चेकिंग कराई गई और घटतौली मिली। प्लांट का चालान कर दिया गया है। कंपनी अपना पक्ष रख सकती है। इसके बाद भारी भरकम जुर्माना होगा।
- मनोज कुमार, एसी, वाटमाप
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घरेलू रसोई गैस सिलेंडर में जरूरी नहीं है कि उसका वजन सही हो। हालांकि एजेंसियां पैसा पूरा वसूल करती हैं। बीपीसी बॉटलिंग प्लांटों पर गैस सिलेंडर 100 से 200 ग्राम तक कम भरे जा रहे हैं। यानी करीब पांच से दस रुपये तक हर ग्राहक को गैस कम पहुंच रही है। इसी शिकायत पर बाटमाप विभाग के सहायक आयुक्त मनोज कुमार अपनी सहयोगी टीम के साथ शुक्रवार की दोपहर परसाखेड़ा स्थित बीपीसी के बॉटलिंग प्लांट पर पहुंचे। प्लांट मैनेजर ने पहले तो जांच नहीं होने देने के लिए कई नियम बताने की कोशिश की, लेकिन बाटमाप विभाग के अफसरों ने तेवर दिखाए तो प्लांट के कर्मचारी और अफसर खामोश हो गए। टीम ने सैंपल के रूप में कुछ सिलेंडर चिह्नित किए और उनका वजन कराया, तब पता चला कि 100 से 200 ग्राम सिलेंडर में गैस कम थी। सहायक आयुक्त ने पूरा ब्योरा तैयार कर प्लांट का चालान कर दिया। इससे बीपीसी कंपनी में हड़कंप मच गया है।
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मैकेनिकल सिस्टम से सिलेंडर भरे जाते हैं। प्लांट में पूरी तरह पारदर्शी व्यवस्था है, सिलेंडरों की रेंडम अलग से मैन्युअल तौल भी होती है। फिर भी मशीनों से एरर आना संभव है।
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- संजय ठाकुर, क्षेत्रीय प्रबंधक
गैस सिलेंडरों में घटतौली की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। एजेंसियों पर सिलेंडर बॉटलिंग प्लांट से सप्लाई होते हैं, इसलिए चेकिंग कराई गई और घटतौली मिली। प्लांट का चालान कर दिया गया है। कंपनी अपना पक्ष रख सकती है। इसके बाद भारी भरकम जुर्माना होगा।
- मनोज कुमार, एसी, वाटमाप