Bareilly News: गांधी उद्यान में मधुमक्खियों ने किया हमला, मच गई भगदड़, दर्जनों लोग घायल
गांधी उद्यान में शुक्रवार दोपहर को मधुमक्खियों ने दो बार हमला किया। इससे वहां भगदड़ मच गई। डंक लगने से कई लोग घायल हो गए। बताया गया कि बाज ने छत्ते में चोंच मार थी, जिससे मधुमक्खियां आक्रामक हो गई थीं।
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गांधी उद्यान में शुक्रवार दोपहर दो बजे अचानक मधुमक्खियों ने हमला बोल दिया। वहां मौजूद लोग बचने के लिए मुख्य गेट की ओर भागे। इसमें कई लोग गिरकर जख्मी हो गए। कुछ लोगों ने शर्ट उतारकर हवा में लहराकर मधुमक्खियों को हटाने की कोशिश की लेकिन कामयाब नहीं हो सके। वहां मौजूद हर कोई भागता नजर आया। खाने-पीने का सामान, मोबाइल फोन, बैग तक उद्यान में ही छूट गए। बचने के लिए लोग भूल भूलैया में घुस गए और दरवाजा बंद कर लिया।
डंक लगने से कई लोग हुए बेहोश
शाम साढ़े तीन बजे कुछ देर के लिए हमला शांत हुआ। लोग दोबारा गांधी उद्यान में पहुंचे। इसी दौरान मधुमक्खियों ने फिर हमला बोल दिया। इस बार हमला और जबरदस्त था। लोग जमीन पर लेट गए लेकिन मधुमक्खियों ने पीछा नहीं छोड़ा, लिहाजा कई लोग वहीं बेहोश हो गए। सूखे पत्ते आदि एकत्र कर लोगों ने धुआं किया लेकिन वह भी बेअसर रहा।
सूचना पर शाम साढ़े चार बजे पुलिस वहां पहुंची। बाइक से सिपाही अंदर घुसा ही था कि मधुमक्खियों का हमला देखकर वह भी भाग खड़ा हुआ। उद्यान में तैनात ठेकेदार के कर्मचारी भी भाग खड़े हुए। शाम पांच बजे वार्ड 32 के पार्षद पुष्पेंद्र माहेश्वरी मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों को बाहर निकलवाकर गेट बंद करवाया। बाहर खड़े गार्ड से किसी को भी अंदर न आने देने के लिए कहा। इसके बाद हालात सामान्य हुए।
बाज ने छत्ते में मारी थी चोंच
गांधी उद्यान में काम करने वाले कर्मचारियों ने बताया कि उद्यान के अंदर बाग में मधुमक्खियों का बड़ा छत्ता है। एक बाज ने इस छत्ते को चोंच से तोड़ने का प्रयास किया, इससे मधुमक्खियां हमलावर हो गईं। शाम चार बजे भी यही हुआ। इससे हालात और ज्यादा बिगड़ गए।
आशुतोष सिटी निवासी सुकीर्ति वर्मा ने बताया कि बैंडमिंटन खेलने व घूमने गांधी उद्यान आई थी। एकाएक पता नहीं कहां से मधुमक्खियां आ गईं। मोबाइल फोन भी अंदर छूट गया। भूल भूलैया में घुसकर किसी तरह खुद को बचाया।
इज्जतनगर के कौशलेंद्र ने कहा कि गांधी उद्यान में दोस्तों के संग घूमने आए थे। एकाएक मधुमक्खियों ने हमला बोल दिया। अंदर काफी लोग थे। सामान भी वहीं छूट गया है, अब समझ में नहीं आ रहा था कि क्या करूं?