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Bareilly News: सरेआम राइफल की बट से पीटा... वीडियो साक्ष्य भी मौजूद पर शांतिभंग में छूट गए होमगार्ड
Thu, 16 May 2024 05:43 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Thu, 16 May 2024 05:43 AM IST
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नवाबगंज (बरेली)। तहसील परिसर में चौकीदार को लात-घूसों व राइफल की बट से पीटने और इसका वीडियो वायरल होने के बाद भी दोनों आरोपी होमगार्डों को कानूनी दांवपेच से फौरी राहत मिल गई है। पुलिस ने दोनों पर एससीएसटी एक्ट की रिपोर्ट दर्ज कर गिरफ्तारी तो की, लेकिन चालान शांतिभंग में ही किया। इसी वजह से एसडीएम कोर्ट से दोनों को जमानत मिल गई।
नगर से सटे बहोरनगला गांव के वीरेंद्र कुमार थाना नवाबगंज में चौकीदार हैं। मंगलवार को वह अपनी जमीन की फर्द निकलवाने तहसील गए थे। वहां तहसीलदार कार्यालय में तैनात होमगार्ड वीर बहादुर और रामपाल उन्हें देखकर बोले कि सरकार से फ्री का राशन लेते हैं, वोट भी नहीं देते। जब उन्होंने विरोध किया तो दोनों ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गालीगलौज की। वीरेंद्र को लात-घूसों व राइफल की बट से पीटा। तहसील में मौजूद लोगो ने इसका वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। मामला सुर्खियों में आया तो थाना प्रभारी राजकुमार शर्मा ने पीड़ित वीरेंद्र की तहरीर पर एससीएसटी एक्ट में रिपोर्ट दर्ज कर दोनों आरोपियों का शांतिभंग में चालान दिया। एसडीएम कोर्ट से उनको जमानत मिल गई।
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पीड़ित की तहरीर के मुताबिक दोनों होमगार्डों के खिलाफ एससीएसटी एक्ट में रिपोर्ट दर्ज की गई है। इसकी विवेचना सीओ नवाबगंज करेंगे। साक्ष्यों के आधार पर चार्जशीट तैयार की जाएगी। - मुकेश मिश्रा, एसपी उत्तरी
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अपने हिसाब से कानून तय करते हैं जिम्मेदार
फोटो- अनिल द्विवेदी
एससीएसटी एक्ट के आरोप तय करने में अभी समय लग सकता है और विवाद में मारपीट ही दिख रही है। हालांकि, किसी सामान्य व्यक्ति पर एससीएसटी एक्ट लगता तो पुलिस चालान की रिपोर्ट भी उसी धारा में भेजती और उस व्यक्ति की जमानत मुश्किल से हो पाती। कई मामलों में जिम्मेदार अपने हिसाब से कानूनी दांवपेच तय करते हैं। इस कार्रवाई से लग रहा है कि भविष्य में भी चौकीदार को न्याय मिलना दुष्कर साबित हो सकता है। - अनिल द्विवेदी, पूर्व अध्यक्ष बरेली बार एसोसिएशन
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राष्ट्रीय राजनीति में छाया मुद्दा, प्रियंका ने भी की पोस्ट
चुनावी सीजन में नवाबगंज तहसील में चौकीदार की पिटाई का वीडियो वायरल होने का मामला राष्ट्रीय राजनीति में भी सुर्खियां बटोर रहा है। प्रियंका गांधी ने पोस्ट करके इसे अनुसूचित वर्ग के उत्पीड़न से जोड़ा है। उन्होंने लिखा है कि पुलिसकर्मियों को यह हिम्मत कहां से मिली जो वह भाजपा के लठैत की तरह बर्ताव कर अनुसूचित वर्ग के लोगों को पीटें। इसी मुद्दे पर आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह का फोटो लगा पोस्ट भी वायरल हो रहा है। इसमें लिखा है कि अनुसूचित वर्ग के व्यक्ति को पीटने के लिए चाहिए चार सौ पार।
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नगर से सटे बहोरनगला गांव के वीरेंद्र कुमार थाना नवाबगंज में चौकीदार हैं। मंगलवार को वह अपनी जमीन की फर्द निकलवाने तहसील गए थे। वहां तहसीलदार कार्यालय में तैनात होमगार्ड वीर बहादुर और रामपाल उन्हें देखकर बोले कि सरकार से फ्री का राशन लेते हैं, वोट भी नहीं देते। जब उन्होंने विरोध किया तो दोनों ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गालीगलौज की। वीरेंद्र को लात-घूसों व राइफल की बट से पीटा। तहसील में मौजूद लोगो ने इसका वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। मामला सुर्खियों में आया तो थाना प्रभारी राजकुमार शर्मा ने पीड़ित वीरेंद्र की तहरीर पर एससीएसटी एक्ट में रिपोर्ट दर्ज कर दोनों आरोपियों का शांतिभंग में चालान दिया। एसडीएम कोर्ट से उनको जमानत मिल गई।
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पीड़ित की तहरीर के मुताबिक दोनों होमगार्डों के खिलाफ एससीएसटी एक्ट में रिपोर्ट दर्ज की गई है। इसकी विवेचना सीओ नवाबगंज करेंगे। साक्ष्यों के आधार पर चार्जशीट तैयार की जाएगी। - मुकेश मिश्रा, एसपी उत्तरी
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अपने हिसाब से कानून तय करते हैं जिम्मेदार
फोटो- अनिल द्विवेदी
एससीएसटी एक्ट के आरोप तय करने में अभी समय लग सकता है और विवाद में मारपीट ही दिख रही है। हालांकि, किसी सामान्य व्यक्ति पर एससीएसटी एक्ट लगता तो पुलिस चालान की रिपोर्ट भी उसी धारा में भेजती और उस व्यक्ति की जमानत मुश्किल से हो पाती। कई मामलों में जिम्मेदार अपने हिसाब से कानूनी दांवपेच तय करते हैं। इस कार्रवाई से लग रहा है कि भविष्य में भी चौकीदार को न्याय मिलना दुष्कर साबित हो सकता है। - अनिल द्विवेदी, पूर्व अध्यक्ष बरेली बार एसोसिएशन
राष्ट्रीय राजनीति में छाया मुद्दा, प्रियंका ने भी की पोस्ट
चुनावी सीजन में नवाबगंज तहसील में चौकीदार की पिटाई का वीडियो वायरल होने का मामला राष्ट्रीय राजनीति में भी सुर्खियां बटोर रहा है। प्रियंका गांधी ने पोस्ट करके इसे अनुसूचित वर्ग के उत्पीड़न से जोड़ा है। उन्होंने लिखा है कि पुलिसकर्मियों को यह हिम्मत कहां से मिली जो वह भाजपा के लठैत की तरह बर्ताव कर अनुसूचित वर्ग के लोगों को पीटें। इसी मुद्दे पर आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह का फोटो लगा पोस्ट भी वायरल हो रहा है। इसमें लिखा है कि अनुसूचित वर्ग के व्यक्ति को पीटने के लिए चाहिए चार सौ पार।