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Bareilly News: रहें सतर्क...हमलावर हो सकते हैं पटाखों के शोर से परेशान पशु
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बरेली। दिवाली पर पटाखों के धुएं और शोर से कुत्ते, बिल्ली, बंदर व अन्य पशु परेशान हो सकते हैं। घबराहट, बेचैनी से उनके हमलावर होने की आशंका भी रहती है। लिहाजा, भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिकों ने लोगों को पशुओं से दूर हटकर पटाखे जलाने के लिए कहा है।
शनिवार को बहेड़ी के सहजनी निवासी पांच वर्षीय रानी और 32 वर्षीय अमन को कुत्ते ने काटकर जख्मी कर दिया। परिजनों के मुताबिक धनतेरस के बाद लोग पटाखे जलाने लगे। उसमें कुछ ने कुत्तों के झुंड पर मिर्ची बम फेंक दिया था। जिससे वे भागे और आक्रामक हो गए।
जिन्होंने पटाखा फेंका था वे भाग गए पर राह से गुजरते हुए इन लाेगों को कुत्ते ने काट लिया। रविवार को दोनों जिला अस्पताल की इमरजेंसी पहुंचे। एंटी रैबीज वैक्सीन और सीरम लगाकर उन्हें वापस भेज दिया गया।
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आईवीआरआई पॉलीक्लीनिक प्रभारी डॉ. पावड़े के मुताबिक पशुओं की श्रवण क्षमता मनुष्यों से ज्यादा होती है। ऐसे में तेज आवाज से उनका मानसिक संतुलन प्रभावित होता है। व्यवहार आक्रामक होने पर पशुओं के पास न जाएं। जलता पटाखा उनपर न फेंके। ब्यूरो
इन बातों का रखें ध्यान
- पालतू पशु को दिवाली की रात सुरक्षित और शांत स्थान पर रखें।
- दरवाजे, खिड़की बंद करें, ताकि बाहर के शोर का असर कम हो।
- पटाखों के अवशेष हटाएं, ताकि जानवर उसे न खाएं, सुरक्षित रहें।
- मिठाई, तले खाद्य पदार्थ न खिलाएं, उनकाे नियमित आहार ही दें।
- काॅलर बांधकर घुमाएं ताकि डरकर भागने पर काबू किया जा सके।
- पशु काट लें तो जिला अस्पताल में निशुल्क एआरवी जरूर लगवाएं।
- घायल पशु की सूचना नगर निगम, पशुचिकित्सक को तत्काल दें।
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शनिवार को बहेड़ी के सहजनी निवासी पांच वर्षीय रानी और 32 वर्षीय अमन को कुत्ते ने काटकर जख्मी कर दिया। परिजनों के मुताबिक धनतेरस के बाद लोग पटाखे जलाने लगे। उसमें कुछ ने कुत्तों के झुंड पर मिर्ची बम फेंक दिया था। जिससे वे भागे और आक्रामक हो गए।
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जिन्होंने पटाखा फेंका था वे भाग गए पर राह से गुजरते हुए इन लाेगों को कुत्ते ने काट लिया। रविवार को दोनों जिला अस्पताल की इमरजेंसी पहुंचे। एंटी रैबीज वैक्सीन और सीरम लगाकर उन्हें वापस भेज दिया गया।
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आईवीआरआई पॉलीक्लीनिक प्रभारी डॉ. पावड़े के मुताबिक पशुओं की श्रवण क्षमता मनुष्यों से ज्यादा होती है। ऐसे में तेज आवाज से उनका मानसिक संतुलन प्रभावित होता है। व्यवहार आक्रामक होने पर पशुओं के पास न जाएं। जलता पटाखा उनपर न फेंके। ब्यूरो
इन बातों का रखें ध्यान
- पालतू पशु को दिवाली की रात सुरक्षित और शांत स्थान पर रखें।
- दरवाजे, खिड़की बंद करें, ताकि बाहर के शोर का असर कम हो।
- पटाखों के अवशेष हटाएं, ताकि जानवर उसे न खाएं, सुरक्षित रहें।
- मिठाई, तले खाद्य पदार्थ न खिलाएं, उनकाे नियमित आहार ही दें।
- काॅलर बांधकर घुमाएं ताकि डरकर भागने पर काबू किया जा सके।
- पशु काट लें तो जिला अस्पताल में निशुल्क एआरवी जरूर लगवाएं।
- घायल पशु की सूचना नगर निगम, पशुचिकित्सक को तत्काल दें।