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बीडीए के प्रोजेक्ट पूरे हुए तो स्मार्ट दिखेगा बरेली
बरेली
Updated Sun, 28 Dec 2014 09:11 PM IST
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शहर की सूरत संवारने की अपनी जिम्मेदारी को बीडीए पिछले साल तो ठीक ढंग से अंजाम नहीं दे पाया लेकिन देश के सौ स्मार्ट शहरों की सूची में शामिल होने के बाद वर्ष 2015 में उसके लिए यह जिम्मेदारी और महत्वपूर्ण साबित होगी। नए साल में बीडीए के अधूरे प्रोजेक्ट पूरे हुए तो स्मार्ट सिटी बनने की दिशा में बरेली लंबा सफर तय कर सकता है।
नए साल में बीडीए की आठ साल से लटकी रामगंगानगर आवासीय योजना में चंदपुर बिचपुरी, अहिरोला, डोहरिया और मोहनपुर उर्फ रामनगर में 269.47 हेक्टेयर जमीन के अधिग्रहण पर मुआवजा तय होने की उम्मीद है। बीडीए करार के तहत किसानों से सीधे 72.54 हेक्टेयर जमीन ले चुका है। 173.67 हेक्टेयर जमीन पर अंतिम एवार्ड का फैसला डीएम को करना है। कमिश्नर की पहल पर बसने शुरू हुए ट्रांसपोर्ट नगर में अभी 60 फीसदी से ज्यादा वाहन नहीं पहुंचे। चौपुला-शहामतगंज चौराहों पर 30 लाख से ट्रैफिक लाइटें लगने, मुख्य चौराहों पर आठ लाख से सीसीटीवी कैमरे लगाने, शहामतगंज से सेटेलाइट, किला पुल से मिनी बाईपास, प्रेमनगर धर्मकांटा से डेलापीर, संजय नगर बाईपास से सौ फुटा और डोहरिया पुल से कांशीराम आवासीय कालोनी तक मार्गों को फोरलेन करने की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। 2015 में इनका चौड़ीकरण पूरा हो जाएगा। यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए डेढ़ करोड़ से दिशा सूचक बोर्ड लगाने, मुख्य मार्गों पर 20 यात्री शेड बनाने, कुतुबखाना (मोती पार्क) में पार्किंग को 30 लाख से मल्टीस्टोरी पार्किंग बनाने और गोकुल ग्राम बसाने के लिए जमीन मिलने के बाद 10 लाख की लागत का प्रोजेक्ट विचाराधीन है। स्मार्ट सिटी का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है।
मध्यमवर्गीय परिवारों को समाजवादी तोहफा
मध्यमवर्गीय परिवारों को सस्ते आवास उपलब्ध कराने को राज्य सरकार की समाजवादी आवास योजना अगले महीने लांच हो रही है। इसमें मध्यम आय वाले परिवारों को 75 स्क्वायर मीटर एरिया में दो बेडरूम सेट के आवास 15 से 30 लाख में दिए जाएंगे। बीडीए रामगंगा नगर के सेक्टर नौ और 10 में पांच हेक्टेयर जमीन पर चार सौ आवास बनाने जा रहा है। प्राइवेट बिल्डरों को समाजवादी आवास बनाने पर स्टांप ड्यूटी, लैंड यूज कन्वर्जन चार्ज, विकास शुल्क की छूट मिलेगी।
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2014 का सबक
1- रामगंगा नगर आवासीय योजना में चंदपुर बिचपुरी, अहिरोला, डोहरिया, मोहनपुर उर्फ रामनगर में 269.47 हेक्टेयर जमीन के अधिग्रहण पर बढ़े मुआवजे की दरों पर फैसला नहीं हो पाया।
2- कुदेशिया फाटक पर बने बीडीए ने पुराने दफ्तर पर कोई फैसला नहीं लिया।
3- संजय कम्यूनिटी हाल पर 9.5 करोड़ टैक्स के भुगतान पर बीच विवाद नहीं निपटा।
4- 198 अवैध कालोनियों के नियमितीकरण का काम सालों से अधूरा।
5- कमिश्नर के आदेश पर बसे ट्रांसपोर्ट नगर में 60 फीसदी ट्रांसपोर्टरों का पहुंचना बाकी।
6- पुराना रोडवेज बस अड्डा शहर के बाहर शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू नहीं।
7- 15 सौ से ज्यादा डेयरियों को बाहर शिफ्ट करने के लिए गोकुल ग्राम बसाने की योजना अधूरी।
8- बड़ा बाईपास के किनारे ग्रीन बेल्ट विकसित करने की योजना नहीं बनी।
रामगंगा प्लाट आवंटन, सड़कों के फोरलेन, टीपी नगर समेत कई प्रोजेक्ट अगले साल पूरे होने से शहर की सूरत काफी हद तक बदलेगी। स्मार्ट सिटी का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है। उस पर गाइड लाइन का इंतजार है। - शफाकत कमाल, उपाध्यक्ष बीडीए
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नए साल में बीडीए की आठ साल से लटकी रामगंगानगर आवासीय योजना में चंदपुर बिचपुरी, अहिरोला, डोहरिया और मोहनपुर उर्फ रामनगर में 269.47 हेक्टेयर जमीन के अधिग्रहण पर मुआवजा तय होने की उम्मीद है। बीडीए करार के तहत किसानों से सीधे 72.54 हेक्टेयर जमीन ले चुका है। 173.67 हेक्टेयर जमीन पर अंतिम एवार्ड का फैसला डीएम को करना है। कमिश्नर की पहल पर बसने शुरू हुए ट्रांसपोर्ट नगर में अभी 60 फीसदी से ज्यादा वाहन नहीं पहुंचे। चौपुला-शहामतगंज चौराहों पर 30 लाख से ट्रैफिक लाइटें लगने, मुख्य चौराहों पर आठ लाख से सीसीटीवी कैमरे लगाने, शहामतगंज से सेटेलाइट, किला पुल से मिनी बाईपास, प्रेमनगर धर्मकांटा से डेलापीर, संजय नगर बाईपास से सौ फुटा और डोहरिया पुल से कांशीराम आवासीय कालोनी तक मार्गों को फोरलेन करने की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। 2015 में इनका चौड़ीकरण पूरा हो जाएगा। यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए डेढ़ करोड़ से दिशा सूचक बोर्ड लगाने, मुख्य मार्गों पर 20 यात्री शेड बनाने, कुतुबखाना (मोती पार्क) में पार्किंग को 30 लाख से मल्टीस्टोरी पार्किंग बनाने और गोकुल ग्राम बसाने के लिए जमीन मिलने के बाद 10 लाख की लागत का प्रोजेक्ट विचाराधीन है। स्मार्ट सिटी का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है।
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मध्यमवर्गीय परिवारों को समाजवादी तोहफा
मध्यमवर्गीय परिवारों को सस्ते आवास उपलब्ध कराने को राज्य सरकार की समाजवादी आवास योजना अगले महीने लांच हो रही है। इसमें मध्यम आय वाले परिवारों को 75 स्क्वायर मीटर एरिया में दो बेडरूम सेट के आवास 15 से 30 लाख में दिए जाएंगे। बीडीए रामगंगा नगर के सेक्टर नौ और 10 में पांच हेक्टेयर जमीन पर चार सौ आवास बनाने जा रहा है। प्राइवेट बिल्डरों को समाजवादी आवास बनाने पर स्टांप ड्यूटी, लैंड यूज कन्वर्जन चार्ज, विकास शुल्क की छूट मिलेगी।
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2014 का सबक
1- रामगंगा नगर आवासीय योजना में चंदपुर बिचपुरी, अहिरोला, डोहरिया, मोहनपुर उर्फ रामनगर में 269.47 हेक्टेयर जमीन के अधिग्रहण पर बढ़े मुआवजे की दरों पर फैसला नहीं हो पाया।
2- कुदेशिया फाटक पर बने बीडीए ने पुराने दफ्तर पर कोई फैसला नहीं लिया।
3- संजय कम्यूनिटी हाल पर 9.5 करोड़ टैक्स के भुगतान पर बीच विवाद नहीं निपटा।
4- 198 अवैध कालोनियों के नियमितीकरण का काम सालों से अधूरा।
5- कमिश्नर के आदेश पर बसे ट्रांसपोर्ट नगर में 60 फीसदी ट्रांसपोर्टरों का पहुंचना बाकी।
6- पुराना रोडवेज बस अड्डा शहर के बाहर शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू नहीं।
7- 15 सौ से ज्यादा डेयरियों को बाहर शिफ्ट करने के लिए गोकुल ग्राम बसाने की योजना अधूरी।
8- बड़ा बाईपास के किनारे ग्रीन बेल्ट विकसित करने की योजना नहीं बनी।
रामगंगा प्लाट आवंटन, सड़कों के फोरलेन, टीपी नगर समेत कई प्रोजेक्ट अगले साल पूरे होने से शहर की सूरत काफी हद तक बदलेगी। स्मार्ट सिटी का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है। उस पर गाइड लाइन का इंतजार है। - शफाकत कमाल, उपाध्यक्ष बीडीए