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पुलिस अफसरों ने ही नियमों का किया उल्लंघन
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बरेली। दिल्ली-लखनऊ राष्ट्रीय मार्ग के किनारे ग्रीनबेल्ट में पुलिस विभाग दो सरकारी भवनों, क्राइम ब्रांच ऑफिस और विधि विज्ञान प्रयोगशाला का निर्माण करा रहा है। इसका बीडीए से नक्शा भी नहीं पास कराया गया है। इस गड़बड़ी के लिए कमिश्नर/बीडीए अध्यक्ष ने विभागीय अफसरों और निर्माणदायी संस्थाओं की भूमिका जानने के लिए एडीएम (प्रशासन) से जांच शुरू करा दी है।
नेशनल हाईवे के किनारे की जमीन ग्रीनबेल्ट के लिए सुरक्षित है। इसके बावजूद पुलिस विभाग ने ट्यूलिया गांव के खसरा संख्या-212 और 220 पर विधि विज्ञान प्रयोगशाला और गाटा संख्या-217 पर पुलिस क्राइम ब्रांच ऑफिस का निर्माण वर्ष 2017-18 में शुरू करा दिया था, जबकि बीडीए की महायोजना-2021 के मुताबिक इस भूमि पर किसी तरह का निर्माण नहीं शुरू कराया जा सकता है। विधि विज्ञान प्रयोगशाला का निर्माण राजकीय निर्माण निगम और पुलिस क्राइम ब्रांच ऑफिस का निर्माण आवास विकास परिषद करा रहा है। जांच में यह भी सामने आया है कि इन दोनों सरकारी भवनों का बीडीए से नक्शा भी पास नहीं कराया गया है। बीडीए ने इसका निर्माण रुकवा दिया है। वर्तमान में इन दोनों भवनों के लिए लैंड यूूज बदलने का प्रस्ताव शासन में विचाराधीन है। कमिश्नर रणवीर प्रसाद ने इस गड़बड़ी की एडीएम (प्रशासन) वीके सिंह से जांच शुरू करा दी है।
यह मामला गंभीर है कि नक्शा पास कराए बगैर ग्रीनबेल्ट में सरकारी भवनों का निर्माण कैसे शुरू हो गया। इसके लिए एडीएम (प्रशासन) को जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। - रणवीर प्रसाद, कमिश्नर
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नेशनल हाईवे के किनारे की जमीन ग्रीनबेल्ट के लिए सुरक्षित है। इसके बावजूद पुलिस विभाग ने ट्यूलिया गांव के खसरा संख्या-212 और 220 पर विधि विज्ञान प्रयोगशाला और गाटा संख्या-217 पर पुलिस क्राइम ब्रांच ऑफिस का निर्माण वर्ष 2017-18 में शुरू करा दिया था, जबकि बीडीए की महायोजना-2021 के मुताबिक इस भूमि पर किसी तरह का निर्माण नहीं शुरू कराया जा सकता है। विधि विज्ञान प्रयोगशाला का निर्माण राजकीय निर्माण निगम और पुलिस क्राइम ब्रांच ऑफिस का निर्माण आवास विकास परिषद करा रहा है। जांच में यह भी सामने आया है कि इन दोनों सरकारी भवनों का बीडीए से नक्शा भी पास नहीं कराया गया है। बीडीए ने इसका निर्माण रुकवा दिया है। वर्तमान में इन दोनों भवनों के लिए लैंड यूूज बदलने का प्रस्ताव शासन में विचाराधीन है। कमिश्नर रणवीर प्रसाद ने इस गड़बड़ी की एडीएम (प्रशासन) वीके सिंह से जांच शुरू करा दी है।
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यह मामला गंभीर है कि नक्शा पास कराए बगैर ग्रीनबेल्ट में सरकारी भवनों का निर्माण कैसे शुरू हो गया। इसके लिए एडीएम (प्रशासन) को जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। - रणवीर प्रसाद, कमिश्नर
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