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Bareilly News: बरेली के बदनाम बिल्डर की उत्तराखंड की जमीनों पर नजर

Wed, 30 Aug 2023 02:22 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Updated Wed, 30 Aug 2023 02:22 AM IST
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Bareilly's infamous builder eyes on Uttarakhand's lands
बरेली। जमीन कब्जाने के लिए कुख्यात बरेली के बिल्डर अब उत्तराखंड तक बदनामी करा रहे हैं। पूर्व में नहर की जमीन कब्जा कर ग्रीन पार्क कॉलोनी विकसित करने को लेकर चर्चा में आए बिल्डर चरनजीत सिंह सोबती और उनके साथियों के खिलाफ उत्तराखंड के रुद्रपुर में जमीन कब्जाने की कोशिश के आरोप में रिपोर्ट कराई गई है। रुद्रपुर पुलिस आरोपियों की तलाश में बरेली में मंडरा रही है।
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सोबती बिल्डर्स फर्म के निदेशक चरनपाल सिंह, सुरजीत सिंह, सुरजीत की पत्नी सुरजीत कौर तथा मनप्रीत सिंह के खिलाफ 26 अगस्त को उत्तराखंड के रुद्रपुर थाने में प्राथमिकी लिखी गई थी। फर्जी दस्तावेज बनाकर जमीन की धोखाधड़ी व जान से मारने की धमकी देने के आरोप में नई काशीपुर निवासी रितेश डाबर ने फर्जीवाड़े की शिकायत एसएसपी से की तो मामला दर्ज किया गया। गांव कोलड़ा में गदरपुर निवासी ज्योति ग्रोवर से उन्होंने जो भूखंड खरीदा था, उसकी तारबाड़ करा रहे थे। तभी बरेली निवासी सुरजीत सिंह, ग्रीन पार्क बरेली निवासी दिव्य जोत सिंह व राजीव पहुंचे। इन्होंने जमीन को अपना बताकर काम रुकवा दिया।
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जिला विकास प्राधिकरण, ऊधम सिंह नगर कार्यालय से जमीन की जानकारी कराई तो पता चला कि भूखंड का वर्ष 2007 में एचसीएल सोबती बिल्डवेल जेवी के नाम से कॉलोनी विकसित करने के लिए नक्शा पास कराया गया था। यह नक्शा बरेली के ग्रीन पार्क निवासी चरन पाल सिंह सोबती व उसके साथियों ने पास कराया था। वर्ष 2015 में आरोपियों ने दोबारा गांव कोलडा, तहसील रुद्रपुर से नक्शा पास करा लिया। साथ ही उनका भूखंड भी अपना बता इसमें शामिल कर लिया।
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फर्जीवाड़े के इस मामले में रुद्रपुर थाना पुलिस की टीम ने दरोगा विकास कुमार के साथ बरेली में बारादरी पुलिस के साथ दबिश दी लेकिन आरोपी नहीं मिले। टीम दोबारा बरेली आकर गिरफ्तारी का प्रयास कर सकती है। बताया जा रहा है कि आरोपी बिल्डर पक्ष गिरफ्तारी पर स्टे लेने की कोशिश में जुटा है।

नहर कब्जाने वाले सोबती ब्रदर्स पर अफसर मेहरबान

चरनपाल सिंह सोबती और उसके भाई नैनजीत सिंह सोबती ने ग्रीन पार्क कॉलोनी विकसित की थी। विकास के बहाने बिल्डर ने उस नहर को भी पाट दिया जो कॉलोनी के एक हिस्से से होकर बहती थी। प्रशासन कार्रवाई के प्रयास करता रहा, लेकिन नहर विभाग के अफसर सोबती ब्रदर्स पर मेहरबान रहे। नहर की जमीन कब्जाने की फाइल अफसरों ने ऐसी दबाई कि कई साल बाद भी पता नहीं चला। अवैध तरीके से नहर की जमीन कब्जाने में प्रारंभिक रूप से दोषी पाए गए सोबती ब्रदर्स के खिलाफ पहले 1.09 करोड़ की आरसी और फिर गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ था। बिल्डर के अनुरोध पर हाईकोर्ट ने तीन महीने का स्टे जारी किया। बताते हैं कि अफसरों ने न तो स्टे को चुनौती दी और न उसकी अवधि खत्म होने के बाद कार्रवाई की। मामले में तहसीलदार व नहर विभाग के अफसरों का पत्राचार चल रहा है।


भूमाफिया एलायंस बिल्डर नहीं हो सके गिरफ्तार
भूमाफिया एलायंस बिल्डर के निदेशक रमनदीप सिंह, अमनदीप सिंह व अन्य आरोपियों पर डेढ़ दर्जन से ज्यादा मुकदमे दर्ज होने और डेढ़ अरब की संपत्ति जब्त होने के बाद भी वह शिकंजे में नहीं आ रहे हैं। जांच चल रही है कि इनके नाम कहीं और तो संपत्ति नहीं बची है। कैंट थाना पुलिस ने इस मामले में प्रशासन की टीम से समन्वय किया है। कुछ मामलों में एलायंस बिल्डर गिरफ्तारी पर स्टे ले आए थे। कई और मामलों में अब वह दोषी पाए गए हैं। बावजूद उनकी गिरफ्तारी नहीं हो पा रही है।
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