बरेली बवाल: किला पुलिस देखती रह गई, मौलाना तौकीर के करीबी अफजाल बेग ने किया सरेंडर; अब पुलिस ने की ये तैयारी
सूत्र बताते हैं कि किला थाना पुलिस ने गिरफ्तारी के लिए खास मेहनत ही नहीं की। पुलिस को ये भी सूचना मिल गई कि अफजाल कोर्ट में सरेंडर करने की तैयारी में है।
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आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा का पीए अफजाल बेग बेहद शातिर निकला। किला पुलिस की फील्डिंग को दरकिनार कर उसने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। फिलहाल कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया। अफजाल की गिरफ्तारी पर 15 हजार रुपये का इनाम था, अब 28 अक्तूबर को इस मामले में सुनवाई होनी है।
मौलाना तौकीर रजा खां का निजी सहायक बिहारीपुर सिविल लाइंस निवासी अफजाल बेग आईएमसी की पूर्व कमेटी में पदाधिकारी रह चुका है। वह पार्टी में बेहद सक्रिय था। पार्टी प्रवक्ता डॉ. नफीस के साथ ही अफजाल बेग भी साये की तरह मौलाना के साथ रहता था। 26 सितंबर को शहर में हुए उपद्रव के मुकदमे में अफजाल वांछित चल रहा था। अफजाल न मिला तो एसएसपी अनुराग आर्य ने अन्य प्रमुख आरोपियों की श्रेणी में उसे भी रखकर उस पर 15 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया। एसएसपी ने किला थाना प्रभारी सुभाष सिंह को निर्देश दिए कि अफजाल व अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की जाए।
बारादरी पुलिस का भी वांछित है अफजाल, लेगी रिमांड
सूत्र बताते हैं कि किला थाना पुलिस ने गिरफ्तारी के लिए खास मेहनत ही नहीं की। पुलिस को ये भी सूचना मिल गई कि अफजाल कोर्ट में सरेंडर करने की तैयारी में है। इसे लेकर एहतियात के तौर पर पुलिस कोर्ट के बाहर भी लगी लेकिन फिर भी अपने वकील व कुछ खास लोगों की मदद से अफजाल ने दोपहर में कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। न्यायालय के आदेश पर अफजाल को जेल भेज दिया गया। पुलिस ने कोर्ट को अपने मुकदमे से संबंधित जानकारी दी तो अगली सुनवाई के लिए 28 नवंबर की तारीख तय कर दी गई। किला थाना प्रभारी सुभाष सिंह ने बताया कि किसी अन्य थाने से भी अफजाल वांछित होगा तो वहां की पुलिस कोर्ट में अर्जी देकर रिमांड लेगी। जाहिर है कि अफजाल बेग बारादरी थाने में बवाल के दिन दर्ज मुकदमे में भी वांछित है तो वहां से भी उसे तलब कराया जाएगा।
यह बोले अधिकारी-
पुलिस की टीमें आरोपियों की तलाश कर रही हैं। भागे हुए आरोपियों के गैर जमानती वारंट लेने के लिए पुलिस कोर्ट में आवेदन करेगी। तब भी आरोपी न मिले तो उन पर इनाम की राशि बढ़ाने पर विचार किया जाएगा। कोर्ट की अनुमति से कुर्की जैसी कार्रवाई की जा सकती है। आरोपियों की संपत्ति का चिह्नांकन भी किया जा रहा है। - अनुराग आर्य, एसएसपी