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बरेली : रामगंगानगर में विकसित होगी रामायण वाटिका, श्रीराम वन गमन के होंगे दर्शन
Wed, 27 Apr 2022 03:26 PM IST
वेद प्रकाश गुप्ता
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
Published by: वेद प्रकाश गुप्ता
Updated Wed, 27 Apr 2022 03:26 PM IST
सार
रामायण में वर्णित प्रजातियों के पौधे रोपे जाएंगे
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रामायण वाटिका का प्रस्तावित डिजाइन।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बरेली विकास प्राधिकरण जल्द ही रामगंगानगर आवासीय योजना में रामायण वाटिका का निर्माण शुरू कराएगा। वाटिका के निर्माण के लिए डिजाइन और मैप तैयार कर लिया गया है। इसमें भगवान श्रीराम के वन गमन से लेकर भगवान विष्णु के सभी
अवतारों की जानकारी के लिए स्तंभ स्थापित किया जाएगा। साथ ही, वाटिका में उन प्रजातियों के पौधे रोपे जाएंगे, जिनके नीचे भगवान श्रीराम ने विश्राम किया था।बीडीए उपाध्यक्ष जोगेंद्र सिंह के मुताबिक रामगंगानगर योजना में करीब 33 हजार वर्ग मीटर क्षेत्रफल में रामायण वाटिका के तौर पर पार्क विकसित किए जाने का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। ताकि नई पीढ़ी को धर्म, संस्कृति, पर्यावरण से जोड़ा जा सके।
ग्रीन रामायण की संकल्पना पर आधारित होगी रामायण वाटिका
पार्क हरित रामायण (ग्रीन रामायण) की संकल्पना पर आधारित है। लिहाजा, इसमें भगवान श्रीराम वनगमन के समय जिन-जिन स्थानों से होकर गुजरे थे और जहां उन्होंने विश्राम किया था, उन्हें दर्शाया जाएगा। वाटिका निर्माण के लिए 22 करोड़ का एस्टीमेट तैयार कर लिया गया है। साथ ही, इसके निर्माण के लिए टेंडर भी आमंत्रित किए जा रहे हैं। आर्किटेक्ट सुमित अग्रवाल के मुताबिक वाटिका में रामायण काल के रोपने के लिए हल्द्वानी वन रिसर्च सेंटर से जानकारी ली गई है। साथ ही, रामायण समेत अन्य ग्रंथों का अध्ययन किया गया है। कथावाचक और धर्म के जानकारों से भी संपर्क किया गया है। ऑनलाइन वेबसाइट पर भी सर्च कर जानकारी जुटाई गई है।
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प्रसंग और प्रतिमाएं भी होंगी प्रदर्शित
सुमित के मुताबिक वाटिका में रामायण काल के पौधों के साथ ही, श्रीराम के जीवन से जुड़े प्रसंगों का भी वर्णन दीवारों पर प्रदर्शित किया जाएगा। इन प्रसंगों से जुड़ी प्रतिमाएं भी स्थापित की जाएंगी, ताकि वाटिका में पहुंचने वाले लोगों को पौधों के साथ ही संबंधित प्रसंग की पूरी जानकारी हो सके। वाटिका में चित्रकूट, दंडकारण्य, पंचवटी, माता सबरी आश्रम, किष्किंधा, अशोक वाटिका, पम्पा सरोवर आदि विकसित होंगे। दशावतार स्तंभ पर भगवान विष्णु के सभी दस अवतारों को प्रदर्शित किया जाएगा।
वाटिका में इन पौधों को रोपा जाएगा
चित्रकूट में आम, ब्राह्मी, असना, नीम, बांस, दंडकारण्य में अर्जुन, सागौन, साल, पदल, बकली, महुआ, गौब, पंचवटी में अशोक, पीपल, बरगद, बेल, आंवला, किष्किंधा में रक्त चंदन, ढाक, कैथा, चंदन, अशोक वाटिका में सीता अशोक, नाग केसर, चंपा,मौलसिरी, द्रोणगिरी में म्रूथ संजीवनी के पौधे लगेंगे। इसके अलावा सौर ऊर्जा के उपयोग के लिए सोलर ट्री भी लगाया जाएगा। इसमें बच्चों के खेलने के लिए पार्क, ओपन एयर थिएटर, क्लॉक टॉवर की भी स्थापना होगी। बीडीए उपाध्यक्ष के मुताबिक पार्क पर्यटन के लिहाजा से विकसित होगा।
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अवतारों की जानकारी के लिए स्तंभ स्थापित किया जाएगा। साथ ही, वाटिका में उन प्रजातियों के पौधे रोपे जाएंगे, जिनके नीचे भगवान श्रीराम ने विश्राम किया था।बीडीए उपाध्यक्ष जोगेंद्र सिंह के मुताबिक रामगंगानगर योजना में करीब 33 हजार वर्ग मीटर क्षेत्रफल में रामायण वाटिका के तौर पर पार्क विकसित किए जाने का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। ताकि नई पीढ़ी को धर्म, संस्कृति, पर्यावरण से जोड़ा जा सके।
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ग्रीन रामायण की संकल्पना पर आधारित होगी रामायण वाटिका
पार्क हरित रामायण (ग्रीन रामायण) की संकल्पना पर आधारित है। लिहाजा, इसमें भगवान श्रीराम वनगमन के समय जिन-जिन स्थानों से होकर गुजरे थे और जहां उन्होंने विश्राम किया था, उन्हें दर्शाया जाएगा। वाटिका निर्माण के लिए 22 करोड़ का एस्टीमेट तैयार कर लिया गया है। साथ ही, इसके निर्माण के लिए टेंडर भी आमंत्रित किए जा रहे हैं। आर्किटेक्ट सुमित अग्रवाल के मुताबिक वाटिका में रामायण काल के रोपने के लिए हल्द्वानी वन रिसर्च सेंटर से जानकारी ली गई है। साथ ही, रामायण समेत अन्य ग्रंथों का अध्ययन किया गया है। कथावाचक और धर्म के जानकारों से भी संपर्क किया गया है। ऑनलाइन वेबसाइट पर भी सर्च कर जानकारी जुटाई गई है।
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प्रसंग और प्रतिमाएं भी होंगी प्रदर्शित
सुमित के मुताबिक वाटिका में रामायण काल के पौधों के साथ ही, श्रीराम के जीवन से जुड़े प्रसंगों का भी वर्णन दीवारों पर प्रदर्शित किया जाएगा। इन प्रसंगों से जुड़ी प्रतिमाएं भी स्थापित की जाएंगी, ताकि वाटिका में पहुंचने वाले लोगों को पौधों के साथ ही संबंधित प्रसंग की पूरी जानकारी हो सके। वाटिका में चित्रकूट, दंडकारण्य, पंचवटी, माता सबरी आश्रम, किष्किंधा, अशोक वाटिका, पम्पा सरोवर आदि विकसित होंगे। दशावतार स्तंभ पर भगवान विष्णु के सभी दस अवतारों को प्रदर्शित किया जाएगा।
वाटिका में इन पौधों को रोपा जाएगा
चित्रकूट में आम, ब्राह्मी, असना, नीम, बांस, दंडकारण्य में अर्जुन, सागौन, साल, पदल, बकली, महुआ, गौब, पंचवटी में अशोक, पीपल, बरगद, बेल, आंवला, किष्किंधा में रक्त चंदन, ढाक, कैथा, चंदन, अशोक वाटिका में सीता अशोक, नाग केसर, चंपा,मौलसिरी, द्रोणगिरी में म्रूथ संजीवनी के पौधे लगेंगे। इसके अलावा सौर ऊर्जा के उपयोग के लिए सोलर ट्री भी लगाया जाएगा। इसमें बच्चों के खेलने के लिए पार्क, ओपन एयर थिएटर, क्लॉक टॉवर की भी स्थापना होगी। बीडीए उपाध्यक्ष के मुताबिक पार्क पर्यटन के लिहाजा से विकसित होगा।