{"_id":"67a070f95544da09f40f8f05","slug":"bareilly-police-tops-in-answering-questions-under-rti-prayagraj-police-lags-behind-2025-02-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"RTI: यूपी में जन सूचना अधिकार के तहत जवाब देने में बरेली पुलिस सबसे आगे, प्रयागराज फिसड्डी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
RTI: यूपी में जन सूचना अधिकार के तहत जवाब देने में बरेली पुलिस सबसे आगे, प्रयागराज फिसड्डी
Mon, 03 Feb 2025 01:04 PM IST
मुकेश कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
Published by: मुकेश कुमार
Updated Mon, 03 Feb 2025 01:04 PM IST
सार
जन सूचना अधिकार के तहत सूचना देने में बरेली पुलिस सबसे आगे हैं। पुलिस के पास कोई भी जनसूचना आवेदन लंबित नहीं है।
विज्ञापन
एसएसपी अनुराग आर्य।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जन सूचना अधिकार (आरटीआई) के तहत पुलिस विभाग से मांगी गई सूचनाओं की मुख्यमंत्री कार्यालय ने समीक्षा की है। इसके आंकड़े भी जारी किए गए हैं। बरेली, आजमगढ़, इटावा और कुशीनगर समेत दस जिले ऐसे छांटे गए हैं, जिनके पास कोई भी जनसूचना आवेदन लंबित नहीं है। टॉप टेन जिलों की सूची में भी बरेली पहले नंबर पर है।
विज्ञापन
वहीं ऐसे डिफाल्टर दस जिलों की भी एक और सूची जारी की गई है जो तय समय 30 दिन के अंदर सूचनाएँ नहीं दे सके हैं। इनमें प्रयागराज जिले की पुलिस 973 जन सूचनाएं दबाकर सबसे फिसड्डी है। मेरठ ने 702, लखनऊ ग्रामीण में 421, मथुरा पुलिस ने 294 सूचना दबा ली हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय से इन जिलों के खराब प्रदर्शन पर नाराजगी जताई गई है।
विज्ञापन