Bareilly News: तस्कर रिफाकत के इनपुट पर दी दबिश, खाली गया दांव; कहां पर चूक गई उत्तराखंड पुलिस
ऊधमसिंह नगर की पुलिस ने तस्कर रिफाकत से मिले इनपुट और आधी-अधूरी तैयारी के साथ दबिश दी। इस कार्रवाई में ढंग का एक भी तस्कर नहीं पकड़ा जा सका। बताया जा रहा है कि पुलिस ने 16 लोगों को पकड़ा था। साक्ष्यों के अभाव में 15 लोगों को छोड़ दिया गया।
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बरेली में स्मैक तस्करी के लिए चर्चित फतेहगंज पश्चिमी में उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर की पुलिस का बड़ा दांव खाली गया तो उसकी वजह सही होमवर्क न होना रहा। करीब दो महीने पहले मुठभेड़ में गिरफ्तार तस्कर रिफाकत से मिले इनपुट और आधी-अधूरी तैयारी के साथ दी गई दबिश में ढंग का एक भी तस्कर नहीं पकड़ा जा सका।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने प्रदेश को इस साल ड्रग्स फ्री बनाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए ड्रग्स फ्री देवभूमि 2025 मिशन चलाया जा रहा है। मिशन के तहत इस साल एक जनवरी को पुलभट्टा पुलिस ने फतेहगंज पश्चिमी के चर्चित तस्कर रिफाकत को पैर में गोली मारकर गिरफ्तार किया था। तीन करोड़ रुपये की स्मैक बरामद करने का दावा किया था।
बरेली व रुद्रपुर दोनों जगह मकान बनाकर तस्करी का नेटवर्क चलाने वाले रिफाकत से एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने भी पूछताछ की थी। कुछ दिन बाद किच्छा पुलिस ने एसटीएफ की मदद से बहेड़ी निवासी छात्र और कबाड़ी को हेरोइन तस्करी में गिरफ्तार किया था। एसएसपी मणिकांत मिश्रा को इन लोगों से इनपुट मिला था कि फतेहगंज पश्चिमी कस्बे में दबिश देकर कई नामी तस्करों को पकड़ा जा सकता है।
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इसी इनपुट पर सीधे एसएसपी ही टीम गठित कर बरेली की ओर चले आए। इससे पहले उप्र की सीमा में काफिला घुसा तो बहेड़ी पुलिस ने जानकारी जुटाई, तब ऊधम सिंह नगर पुलिस के अफसरों ने बताया कि बरेली के एक होटल में कार्यक्रम में शामिल होने जाना है। कार्रवाई बेनतीजा रही तो शाम तक ऊधमसिंह नगर पुलिस गुडवर्क का प्रेसनोट जारी नहीं कर सकी।
- देर रात 12:00 बजे : पुलभट्टा में रविवार की आधी रात पुलिस की गाड़ियां आना शुरू हुईं।
- 12:30 बजे : एसएसपी ने ब्रीफिंग कर जरूरी निर्देश दिए।
- रात 01:00 बजे : पुलिस फोर्स दबिश के लिए रवाना हुई थी।
- रात 02:30 बजे : पुलिस मौके पर पहुंची और फोर्स ने तय प्लान के तहत कार्रवाई शुरू की।
- तड़के 04:00 : ऊधमसिंह नगर ने अपनी कार्रवाई खत्म की।
- तड़के 04:10 : टीम ने वापस लौटना शुरू किया और छह बजे टीम जिले में दाखिल हो गई थी।
बरेली के आईजी रेंज डॉ. राकेश कुमार सिंह ने बताया कि फतेहगंज पश्चिमी में ऊधम सिंह नगर पुलिस की कार्रवाई के बारे में सोमवार को हमें मीडिया के जरिये ही जानकारी हुई। बरेली एसएसपी से इस बारे में पूछा गया तो उन्हें भी कार्रवाई की जानकारी नहीं थी। नियमानुसार उत्तराखंड के अधिकारियों को एसएसपी को तो जानकारी देनी चाहिए थी।
बरेली पुलिस ने जारी किया कार्रवाई का आंकड़ा
एसएसपी के मुताबिक बरेली पुलिस ने पांच साल में एनडीपीएस एक्ट में 1357 एफआईआर दर्ज कर 1500 अपराधी जेल भेजे हैं। इनमें सर्वाधिक 176 एफआईआर फतेहगंज पश्चिमी में दर्ज कर 200 अपराधियों को जेल भेजा गया है। इन अपराधियों की 116 करोड़ की संपत्ति सीज की जा चुकी है। कई तस्करों के अवैध रूप से बने भवन ध्वस्त किए जा चुके हैं, चार अपराधियों पर पिट एनडीपीएस लगाई जा चुकी है। इस साल भी जनवरी से अब तक एनडीपीएस एक्ट की 51 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं, 103 अपराधी जेल भेजे जा चुके हैं।
सोशल मीडिया पर जारी किया वीडियो
ऊधम सिंह नगर पुलिस के एसएसपी व पुलिस कार्रवाई का वीडियो एक रील के रूप में सोशल मीडिया पर जारी किया गया है। अधिकारियों के सोशल मीडिया अकाउंट से जारी रील में कई गाड़ियों का काफिला जाता हुआ दिखाई दे रहा है।
देर रात फतेहगंज पश्चिमी थाने पहुंचे छोड़े गए लोग
सोमवार रात ऊधम सिंह नगर के पुलभट्टा थाने से उन 15 लोगों को आपराधिक मामले दर्ज न होने पर छोड़ दिया गया। इनमें आठ फतेहगंज पश्चिमी कस्बे व सात अगरास गांव के थे। यह सभी रात सवा दस बजे फतेहगंज पश्चिमी थाने पहुंचे। यहां बरेली पुलिस की टीम ने इनसे पूछताछ की।
बताया कि उनका पुलिस को कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला तो उनसे कस्बे के अन्य तस्करों के बारे में जानकारी ली गई। उन्होंने बताया कि उन्हें तस्करी के बारे में जानकारी नहीं है, तब उन्हें छोड़ दिया गया। फतेहगंज पश्चिमी पुलिस ने वीडियोग्रॉफी कराई, फिर उन्हें उनके घर भेज दिया गया।