Bareilly Murder Case: हत्या के बाद मासूम को तलाशने का किया ड्रामा, सीसीटीवी फुटेज से पकड़ा गया आरोपी वसीम
बरेली के टिटौली गांव निवासी ममेरे भाई की हत्या के आरोपी वसीम ने पुलिस से बचने के लिए हर हथकंडा अपनाया। मासूम को तलाशने का ड्रामा किया, लेकिन सीसीटीवी फुटेज से उसकी पोल खुल गई।
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बरेली के फतेहगंज पश्चिमी थाना क्षेत्र के टिटौली गांव में कक्षा तीन के छात्र आहिल की हत्या करने का आरोपी वसीम होशियारी दिखाने के चक्कर में अपने ही बुने जाल में फंस गया। उसने पुलिस को चकमा देने की पुरजोर कोशिश की, लेकिन तकनीक के तिलिस्म में फंस गया। सर्विलांस की पकड़ से उसने खुद को बचा भी लिया था, लेकिन सीसीटीवी फुटेज से मिले साक्ष्य के बाद पुलिस की सख्ती पर वह टूट गया।
दस साल का आहिल कक्षा तीन का छात्र था। उसके गायब होने की सूचना पर पुलिस के साथ परिजन उसकी तलाश में जुट गए। आरोपी वसीम ने पहले ही तैयारी कर रखी थी कि उस पर किसी का शक न जाए। हत्या के साथ ही उसने नए मोबाइल फोन व नए सिम से मेसेज करके उसे तोड़कर झाड़ियों में फेंक दिया और खुद गांव लौटकर सबके साथ आहिल की तलाश करने का ड्रामा करने लगा।
इधर, एसओजी को सुराग मिला कि आहिल को आखिरी वक्त में वसीम के साथ बाइक पर देखा गया था। तब एसओजी ने शाही रोड पर गांव के बाहर लगे कैमरे की फुटेज देखी। इसमें वसीम की बाइक पर पीछे बैठकर जाता आहिल साफ नजर आया।
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जब एसओजी पूरी तरह आश्वस्त हो गई कि मेसेज भेजने वाला वसीम ही है तो गांव में मौजूद एसएसपी को बताया गया। तब पुलिस ने अलग ले जाकर वसीम से पूछताछ शुरू कर दी। पहले उसने अपने ही भाई की हत्या का आरोप लगाने पर सवाल खड़े कर दिए, लेकिन सीसी फुटेज देखकर वह टूट गया और जुर्म कुबूल कर लिया।
महंगी कार और रईसों के शौक ने बनाया कातिल
वसीम ने पुलिस को बताया कि वह कक्षा तीन तक ही पढ़ा है। कई साल पहले अपने भाई के पास हैदराबाद चला गया। वहां फर्नीचर कारीगर के तौर पर काम किया और अच्छी कमाई की। उसे अच्छे रहन-सहन, महंगी कार, बाइक, मोबाइल फोन खरीदने का शौक है। उसने भाई के साथ मिलकर सालभर पहले ही लग्जरी कार खरीदी थी। अब उसकी इच्छा हैदराबाद या बरेली में अपना फर्नीचर कारखाना खोलने की थी।
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वह भाई से अलग एक और नई कार भी खरीदना चाहता था। इसके लिए उसे रुपये की जरूरत थी। इन दिनों उसका काम भी हल्का चल रहा था और महीनेभर से वह गांव में था। उसने दिमाग दौड़ाया कि पुराने वाहनों की खरीद-फरोख्त का धंधा करने वाले मामा के पास अच्छा पैसा है। वह बेटे को छुड़ाने के बदले दस नहीं तो पांच लाख रुपये तक दे ही देंगे। इसके लिए उसने फर्जी आईडी पर सिम व नया मोबाइल खरीदा। मेसेज कर फोन को तोड़ दिया, पर इसके बावजूद वह गिरफ्त में आ गया।
एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि आरोपी वसीम हैदराबाद में फर्नीचर का काम करता था। अब वह अपना कारखाना खोलना चाहता था। इसके लिए रुपयों की जरूरत थी तो उसने ममेरे भाई का अपहरण कर लिया। बाद में राज खुलने के डर से हत्या कर दी।