बरेली में मुफ्त राशन के लिए मारामारी ...कोरोना भूल गए
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विस्तार
सरकार के निर्देशों के मुताबिक लॉक डाउन से प्रभावित इस महीने में अंत्योदय, पात्र गृहस्थी कार्ड रखने वाले गरीबों के साथ मनरेगा के जॉब कार्ड धारकों और पंजीकृत मजदूरों को बुधवार से 35 किलो मुफ्त राशन बांटने की शुरुआत हुई। दुकानें खुलने से पहले ही उनके सामने मुफ्त राशन लेने वालों की लंबी लाइनें लग गईं। ज्यादातर दुकानों पर न घेरे बने नजर आए न लोगों की भीड़ का कोई हिसाब था।
बाकरगंज में फाटक के पास कोटे की दुकान के बाहर डेढ़ सौ से ज्यादा लोग राशन के लिए भीड़ लगाए हुए थे। कोटेदारों को पहले ही निर्देश दिए गए थे कि राशन बांटने से पहले दुकानों के बाहर एक-एक मीटर की दूरी पर गोल घेरा बना दें, साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि एक बार में पांच लोगों से ज्यादा राशन लेने के लिए दुकानों पर मौजूद न रहें लेकिन इस सब इंतजाम के उलट यहां तमाम लोगों ने मास्क तक नहीं लगाया था।
इतनी भीड़ पर नियंत्रण रखने के लिए पुलिस भी मौजूद नहीं थी। ऐसा ही नजारा गंगापुर और सिकलापुर में कोटे की दुकानों पर दिखाई दिया। यहां भी सौ से ज्यादा लोगों की भीड़ दुकानों पर मौजूद थी और ज्यादातर मास्क भी नहीं पहने थे। दुकानों और उसके आसपास के इलाके को सैनिटाइज भी नहीं किया गया था।
इतने बेपरवाह.. सुभाषनगर में छह कोरोना संक्रमित फिर भी इकट्ठी करा ली भीड़
लोगों की भीड़ इस आशंका में भी इकट्ठी हुई कि कहीं बुधवार को ही उन्होंने मुफ्त राशन नहीं लिया तो ऐसा न हो कि उन्हें राशन ही न मिले। पूरा सिस्टम इस दौरान इतना ज्यादा बेपरवाह नजर आया कि सुभाषनगर जहां एक परिवार के सभी छह लोग कोरोना संक्रमण की चपेट में हैं, वहां भी ऐसा कोई इंतजाम नहीं किया गया कि राशन की दुकान पर भीड़ इकट्ठी न हो।
कोरोना संक्रमित परिवार सुभाषनगर की राजीव कॉलोनी की गली नंबर एक में रहता है और राजीव कॉलोनी की ही कोटे की दुकान पर बुधवार को अच्छी-खासी भीड़ इकट्ठी थी। लोगों में राशन के लिए लगातार मारामारी चलती रही। कोटेदार ने यहां न घेरे बनवाए न बगैर मास्क लगाए आए लोगों को अलग हटने को कहा।
महिलाओं का हंगामा.. ‘मुफ्त’ राशन का पैसा वसूला, ऊपर से घटतौली
लॉक डाउन में मुसीबत झेल रहे गरीबों ने राशन वितरण के दौरान घटतौली और राशन का पैसा लेने के भी आरोप लगाए। राजीव कॉलोनी की ही कोटे की दुकान पर महिलाओं ने कोटेदार पर घटतौली का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। महिलाओं का कहना था कि कोटेदार राशन का पैसा लेने के बाद भी घटतौली कर रहा है। उन्हें दो-दो किलो राशन कम देकर कहा जा रहा है कि सरकारी गोदाम से ही कम राशन आया है। डेढ़-दो घंटे तक चले हंगामे के दौरान महिलाओं ने 112 नंबर पर शिकायत कर पुलिस को भी बुला लिया। पुलिस ने महिलाओं को शांत करके राशन बंटना तो शुरू करा दिया लेकिन भीड़भाड़ को नजरअंदाज कर दिया। महिलाओं ने बताया कि पुलिस के लौटने के बाद कोटेदार ने फिर घटतौली शुरू कर दी।
बभिया में भी वसूली के आरोप
बभिया में भी लोगों ने कोटेदार पर गरीबों को मुफ्त राशन देने के बजाय पैसे लेने का आरोप लगाया। ठिरिया निजावत खां में राशन वितरण की सूचना पर भारी भीड़ लग गई। लॉकडाउन टूटने की सूचना पर नकटिया चौकी से पुलिस ने पहुंचकर लोगों की लाइनें लगवाईं।
मलूकपुर में कुछ बेहतर दिखे हालात
मलूकपुर में शोभारानी के कोटे की दुकान के स्थिति औरों से कुछ बेहतर मिली। दुकान के बाहर सुरक्षा घेरे तो बनाए गए थे लेकिन भीड़ की वजह से एक मीटर की दूरी का मानक पूरा नहीं हो रहा था।
हाथों को बगैर सैनिटाइज कराए पीओएस पर कराते रहे पंचिंग
राशन की दुकानों पर गेहूं-चावल बांटने वाले कोटेदारों ने बायोमेट्रिक मशीन पर पंच कराने से पहले लोगों के हाथों को सैनिटाइज कराने के निर्देशों की भी जमकर अनदेखी की। अमर उजाला की टीम को किसी भी दुकान पर ऐसा एक भी दृश्य नहीं दिखा जहां पंच कराने से पहले हाथों को सैनिटाइज कराया जा रहा हो।
85 हजार लोगों को मिला राशन पीओएस मशीनों ने भी रुलाया
कोटे की दुकानों पर बुुधवार को जैसे ही राशन वितरण शुरू हुुआ तो पॉस मशीन ठीक से काम न करने से इसमें रुकावट आ गई। अच्छी-खासी भीड़ होने के बावजूद लोगों को काफी देर तक राशन नहीं मिल पाया तो कई जगह हंगामा भी हुआ। डीएसओ सीमा त्रिपाठी ने बताया कि सर्वर की वजह से दिक्कत आई थी। उन्होंने बताया कि जिले में 99 हजार अंत्योदय और करीब आठ लाख पात्र गृहस्थी राशनकार्ड धारक हैं। पहले दिन करीब 85 हजार कार्डधारकों को राशन का वितरण किया गया है।
अब 15 अप्रैल को पांच किलो और राशन
शासन के निर्देश के बाद 15 अप्रैल के बाद सभी कार्डधारकों को पांच किलो अतिरिक्त राशन का वितरण होगा। इसका आवंटन भी हो गया है।
कोटे की सभी दुकानों पर राशन का वितरण शुरू करा दिया है। भीड़ को नियंत्रित रखने के लिए पुलिस-प्रशासन से फोर्स की तैनाती की मांग की गई है। -सीमा त्रिपाठी, जिला पूर्ति अधिकारी
नया सवाल: कोटे से मुफ्त गेहूं तो मिल गया लेकिन पिसेगा कहां
सरकारी राशन की दुकान पर गरीबों को मुफ्त गेहूं मिलने के बाद नया सवाल खड़ा हो गया कि लोग यह गेहूं आखिर पिसवाएं कहां। दरअसल शहर भर की आटा चक्कियां बंद हैं। जन सेवा मंच के महासचिव व्यापारी नेता अहमद उल्ला वारसी ने मांग की कि शासन प्रशासन गेहूं की जगह लोगों को आटा बांटे। उन्होंने आशंका जताई कि अगर मोहल्लों की चक्की खुलीं तो वहां भी भीड़ लग जाएगी। संवाद
जनधन खातों से पैसा निकालने बैंकों में भी उमड़ी भीड़
सरकार की घोषणा के बाद खातों में पहुंची आर्थिक मदद लेने के लिए बुधवार को बैंकों में भी भीड़ उमड़ी। हालांकि वित्तीय वर्ष का पहला दिन होने के कारण पब्लिक डीलिंग बंद थी लेकिन फिर कुछ बैंकों में अच्छी-खासी संख्या में लोग पहुंच गए।
करीब छह लाख जनधन खाताधारकों के साथ दिहाड़ी मजदूरों के खाते में आर्थिक सहायता भेजी गई है। बैंकों से यह पैसा निकालने के लिए कई दिनों से भीड़ लग रही है। बुधवार को वित्तीय साल के पहले दिन भी बाकरगंज, इज्जतनगर समेत कई इलाकों में बैंकों के बाहर लोग लाइन लगाकर खड़े हो गए। बैंक खुलने से पहले जमा भीड़ को जब यह पता चला कि एक अप्रैल को पब्लिक डीलिंग बंद रहती है और बैंक का सर्वर भी नहीं चलता तो लोग घर लौट गए।