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Bareilly News: बरेली कॉलेज में विद्यार्थियों को झटका, नए सत्र से 900 फीस बढ़ोतरी
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बरेली। बरेली कॉलेज ने नए शैक्षणिक सत्र 2025-26 से छात्र-छात्राओं पर फीस का अतिरिक्त बोझ डाल दिया है। कॉलेज प्रशासन ने प्रति विद्यार्थी 900 रुपये की फीस वृद्धि की घोषणा की है। स्नातक और परास्नातक के सभी पाठ्यक्रमों जैसे बीए, बीएससी, एलएलबी, एमए, एमएससी और एमकॉम के विद्यार्थियों को अधिक शुल्क देना होगा।
इस फीस वृद्धि में सिर्फ मुख्य शिक्षण शुल्क ही नहीं, बल्कि कुछ अन्य शुल्क भी शामिल किए गए हैं। पीजी फोरम का शुल्क 100 से बढ़ाकर 200 रुपये प्रतिवर्ष कर दिया गया है, जो परास्नातक के सभी विद्यार्थियों से लिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, विद्यार्थियों को अब यूजी फोरम के लिए 150 रुपये, करियर काउंसलिंग के लिए 10 रुपये और वोकेशनल कोर्स के लिए 200 रुपये का शुल्क भी देना होगा।
- फीस वृद्धि का कारण और छात्रों का विरोध
कॉलेज प्रशासन की ओर से फीस बढ़ाने का कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया है। हालांकि यह जानकारी सामने आई है कि नगर निगम ने 27 करोड़ रुपये का टैक्स नहीं चुकाने पर लगभग एक साल पहले कॉलेज के 36 बैंक खाते सीज कर दिए थे। यह फीस वृद्धि इसी वित्तीय दबाव को कम करने के लिए की गई है।
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हालांकि, इस फीस वृद्धि का छात्र नेताओं ने पुरजोर विरोध किया है। उनका कहना है कि बरेली कॉलेज में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्र-छात्राएं पढ़ने आते हैं। उन पर एक साथ 900 रुपये का अतिरिक्त शुल्क डालना उचित नहीं है। छात्र नेताओं ने कॉलेज प्रशासन से पुनर्विचार कर फीस वृद्धि को वापस लेने की मांग की है, ताकि विद्यार्थियों को राहत मिल सके। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे आंदोलन को तेज करेंगे। संवाद
कॉलेज फीस में बढ़ोतरी का यह होगा असर
कॉलेज की फीस में हाल ही में संशोधन किया गया है, जिससे विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए शुल्क में वृद्धि हुई है।
- बीएससी (गणित) प्रथम वर्ष की पहले फीस 1308 थी, जो अब बढ़कर 2217 रुपये हो गई है।
- बीए प्रथम वर्ष (बिना प्रैक्टिकल) के लिए फीस 1278 से बढ़ाकर 2187 रुपये कर दी गई है।
- एमए प्रथम वर्ष (बिना प्रैक्टिकल) के लिए 1326 की जगह अब 1885 रुपये का शुल्क लगेगा।
- एमए प्रथम वर्ष (प्रैक्टिकल के साथ) की फीस 1321 से बढ़कर 1885 रुपये निर्धारित की गई है।
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इस फीस वृद्धि में सिर्फ मुख्य शिक्षण शुल्क ही नहीं, बल्कि कुछ अन्य शुल्क भी शामिल किए गए हैं। पीजी फोरम का शुल्क 100 से बढ़ाकर 200 रुपये प्रतिवर्ष कर दिया गया है, जो परास्नातक के सभी विद्यार्थियों से लिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, विद्यार्थियों को अब यूजी फोरम के लिए 150 रुपये, करियर काउंसलिंग के लिए 10 रुपये और वोकेशनल कोर्स के लिए 200 रुपये का शुल्क भी देना होगा।
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- फीस वृद्धि का कारण और छात्रों का विरोध
कॉलेज प्रशासन की ओर से फीस बढ़ाने का कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया है। हालांकि यह जानकारी सामने आई है कि नगर निगम ने 27 करोड़ रुपये का टैक्स नहीं चुकाने पर लगभग एक साल पहले कॉलेज के 36 बैंक खाते सीज कर दिए थे। यह फीस वृद्धि इसी वित्तीय दबाव को कम करने के लिए की गई है।
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हालांकि, इस फीस वृद्धि का छात्र नेताओं ने पुरजोर विरोध किया है। उनका कहना है कि बरेली कॉलेज में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्र-छात्राएं पढ़ने आते हैं। उन पर एक साथ 900 रुपये का अतिरिक्त शुल्क डालना उचित नहीं है। छात्र नेताओं ने कॉलेज प्रशासन से पुनर्विचार कर फीस वृद्धि को वापस लेने की मांग की है, ताकि विद्यार्थियों को राहत मिल सके। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे आंदोलन को तेज करेंगे। संवाद
कॉलेज फीस में बढ़ोतरी का यह होगा असर
कॉलेज की फीस में हाल ही में संशोधन किया गया है, जिससे विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए शुल्क में वृद्धि हुई है।
- बीएससी (गणित) प्रथम वर्ष की पहले फीस 1308 थी, जो अब बढ़कर 2217 रुपये हो गई है।
- बीए प्रथम वर्ष (बिना प्रैक्टिकल) के लिए फीस 1278 से बढ़ाकर 2187 रुपये कर दी गई है।
- एमए प्रथम वर्ष (बिना प्रैक्टिकल) के लिए 1326 की जगह अब 1885 रुपये का शुल्क लगेगा।
- एमए प्रथम वर्ष (प्रैक्टिकल के साथ) की फीस 1321 से बढ़कर 1885 रुपये निर्धारित की गई है।