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शहर की जहरीली हवा कर रही फेफड़े खराब
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बरेली। बढ़ता वायु प्रदूषण गंभीर समस्या बनता जा रहा है। शहर में हवा की गुणवत्ता लगातार खराब हो रही है। इससे लोगों में संक्रामक बीमारियां बढ़ती जा रही हैं। मानव शरीर में वायु प्रदूषण जल्दी असर करता हैं, क्योंकि यह सांस के साथ शरीर में पहुंचता है। इसकी वजह से शुरुआत में खांसी ही होती है, लेकिन आगे चलकर यह एक कई गंभीर बीमारियों को जन्म देता है। वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. वागीश वैश्य का कहना है कि धूल से लोगों को सिर दर्द, बुखार, नेत्र रोग, चर्म रोग, सांस, एलर्जी जैसी बीमारियां बढ़ रही हैं। बच्चे भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। बच्चों को इससे बचाने के लिए उन्हें मास्क लगाकर ही बाहर जाने के लिए प्रेरित करना होगा। घर और आसपास ज्यादा से ज्यादा पौधरोपण करना होगा। नियमित गुड़ खाएं और शुद्ध पानी का इस्तेमाल करें। दिक्कत बढ़ने पर नजदीकी डॉक्टर से सलाह लें।
वायु प्रदूषण से होने वाली गंभीर बीमारियां
अस्थमा
वायु प्रदूषण से होने वाली बीमारियों में सबसे ज्यादा खतरा अस्थमा का होता है। इसके अलावा जो लोग पहले से अस्थमा से पीड़ित हैं, उनको इस जहरीली हवा में सांस लेना बेहद खतरनाक है। प्रदूषित हवा के कारण सांस की नली में सूजन आ जाती है, जिससे लोगों को सांस लेने में परेशानी होने लगती है।
-निमोनिया
प्रदूषित हवा में कई तरह के हानिकारक बैक्टीरिया होते हैं, जो सांस लेने के दौरान शरीर में चले जाते हैं। ये बैक्टीरिया निमोनिया जैसी बीमारी को जन्म देते हैं। लगातार प्रदूषित हवा में रहने से यह बीमारी गंभीर रूप ले सकती है।
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-फेफड़ों में कैंसर
प्रदूषित हो रही हवा में मौजूद जहरीली गैसों के कारण फेफड़ों में कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है। फेफड़ों की कोशिकाएं जरूरत से ज्यादा ग्रोथ करने लगती हैं, जिससे शरीर में ठीक तरह से ऑक्सीजन की सप्लाई नहीं हो पाती है।
वायु प्रदूषण से बचाव
- वायु प्रदूषण से बचने के लिए पूरे बांह के कपड़े पहनें, चेहरे को अच्छी गुणवत्ता वाले मास्क से ढकें।
- घर के बाहर व्यायाम करने से बचें। घर में ही योग आदि करें।
- घर की हवा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए दरवाजे और खिड़कियां बंद रखें।
- रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत बनाए रखने के लिए तुलसी और अदरक की चाय पिएं।
- घर में जहरीली गैसों को कम करने के लिए हवा को फिल्टर करने वाले पौधे लगाएं।
डब्लूएचओ की रिपोर्ट
डब्लूएचओ की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया भर में वायु प्रदूषण इस कदर बढ़ गया है कि 10 में नौ आदमी प्रदूषित हवा में सांस ले रहे हैं। यही वजह है कि सात करोड़ लोग हर साल वायु प्रदूषण जनित बीमारियों का शिकार होकर मौत के मुंह में जा रहे हैं। पिछले कुछ वर्षोें में बड़ी तेजी से इस तरह की बीमारियां बच्चों को अपनी चपेट में ले रही हैं।
वायु प्रदूषण से पृथ्वी के तापमान में वृद्धि
वायु प्रदूषण में शामिल कार्बन डाइऑक्साइड, मीथेन और नाइट्रस ऑक्साइड गैसें पृथ्वी का तापमान बढ़ा रही हैं। ये गैसें पृथ्वी के वायु मंडल में एक परत का निर्माण करती हैं। ये परत धरातल से निकलने वाली ऊर्जा को रोक देती है। इससे पृथ्वी के तापमान में वृद्धि होती है और ग्लोबल वार्मिंग की समस्या पैदा हो जाती है। पृथ्वी के तापमान में वृद्धि के कारण दस्त, पेट में दर्द, उल्टी, सिरदर्द, बुखार और शरीर में दर्द की समस्या बढ़ती है।
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वायु प्रदूषण से होने वाली गंभीर बीमारियां
अस्थमा
वायु प्रदूषण से होने वाली बीमारियों में सबसे ज्यादा खतरा अस्थमा का होता है। इसके अलावा जो लोग पहले से अस्थमा से पीड़ित हैं, उनको इस जहरीली हवा में सांस लेना बेहद खतरनाक है। प्रदूषित हवा के कारण सांस की नली में सूजन आ जाती है, जिससे लोगों को सांस लेने में परेशानी होने लगती है।
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-निमोनिया
प्रदूषित हवा में कई तरह के हानिकारक बैक्टीरिया होते हैं, जो सांस लेने के दौरान शरीर में चले जाते हैं। ये बैक्टीरिया निमोनिया जैसी बीमारी को जन्म देते हैं। लगातार प्रदूषित हवा में रहने से यह बीमारी गंभीर रूप ले सकती है।
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-फेफड़ों में कैंसर
प्रदूषित हो रही हवा में मौजूद जहरीली गैसों के कारण फेफड़ों में कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है। फेफड़ों की कोशिकाएं जरूरत से ज्यादा ग्रोथ करने लगती हैं, जिससे शरीर में ठीक तरह से ऑक्सीजन की सप्लाई नहीं हो पाती है।
वायु प्रदूषण से बचाव
- वायु प्रदूषण से बचने के लिए पूरे बांह के कपड़े पहनें, चेहरे को अच्छी गुणवत्ता वाले मास्क से ढकें।
- घर के बाहर व्यायाम करने से बचें। घर में ही योग आदि करें।
- घर की हवा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए दरवाजे और खिड़कियां बंद रखें।
- रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत बनाए रखने के लिए तुलसी और अदरक की चाय पिएं।
- घर में जहरीली गैसों को कम करने के लिए हवा को फिल्टर करने वाले पौधे लगाएं।
डब्लूएचओ की रिपोर्ट
डब्लूएचओ की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया भर में वायु प्रदूषण इस कदर बढ़ गया है कि 10 में नौ आदमी प्रदूषित हवा में सांस ले रहे हैं। यही वजह है कि सात करोड़ लोग हर साल वायु प्रदूषण जनित बीमारियों का शिकार होकर मौत के मुंह में जा रहे हैं। पिछले कुछ वर्षोें में बड़ी तेजी से इस तरह की बीमारियां बच्चों को अपनी चपेट में ले रही हैं।
वायु प्रदूषण से पृथ्वी के तापमान में वृद्धि
वायु प्रदूषण में शामिल कार्बन डाइऑक्साइड, मीथेन और नाइट्रस ऑक्साइड गैसें पृथ्वी का तापमान बढ़ा रही हैं। ये गैसें पृथ्वी के वायु मंडल में एक परत का निर्माण करती हैं। ये परत धरातल से निकलने वाली ऊर्जा को रोक देती है। इससे पृथ्वी के तापमान में वृद्धि होती है और ग्लोबल वार्मिंग की समस्या पैदा हो जाती है। पृथ्वी के तापमान में वृद्धि के कारण दस्त, पेट में दर्द, उल्टी, सिरदर्द, बुखार और शरीर में दर्द की समस्या बढ़ती है।