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बाकरगंज : पानी ऐसा कि जो पीए बीमार पड़ जाए
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नलों में आ रहा दूषित पानी दिखाते बाकरगंज के लोग।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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पड़ोस की ईदगाह से भरकर लोगों को लाना पड़ रहा है पानी
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कूड़े का पहाड़ और प्रदूषित किला नदी के कारण पानी गंदा
बरेली। शहर में बाकरगंज के पास नदी से सटे इलाके में नलों से बदबूदार पानी आ रहा है। करीब तीस साल से क्षेत्र के लोग दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। कई लोग गंभीर बीमारियों से ग्रसित भी हुए। जिले के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को कई बार ज्ञापन भी दिए गए मगर आज तक बाकरगंज वालों को दूषित पानी से निजात नहीं मिल सकी।
स्थानीय निवासी हामिद ने बताया कि करीब पचास साल पहले यहां मैला डाला जाता था। उसके बाद यहां कूड़ा डालना शुरू कर दिया गया। यहां मैला पड़ने के बाद से ही धीमे-धीमे पानी दूषित होने लगा। बबलू ने बताया कि करीब तीस साल से यहां का पानी गंदा ही है। पास से ही किला नदी बह रही है। इस नदी में सालों से मलबा, सीवर और मृत जानवर पड़ते रहे। या यूं कहें कि अब तक पड़ते हैं। क्षेत्र का पानी दूषित होने का ये भी एक बड़ा कारण है। यहां रहने वाली फूल बानो नल से पानी निकालकर दिखाते हुए बताती हैं कि पानी इतना गंदा है कि इसे पीकर कोई भी बीमार पड़ जाए। इसमें इतनी बदबू उठती है कि इसे जानवर भी नहीं पीते। उनके पड़ोस की रवीना ने बताया कि नल का पानी पीकर घर में कई लोग बीमार हो चुके हैं। ऐसे में अब वह लोग इस पानी को पीने से बचते हैं। ईदगाह पर नल लगा हुआ है। कई लोग वहां से पानी लाकर पीने में उसका इस्तेमाल करते हैं।
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कूड़े का ढेर हटाने को कर चुके हैं अनशन
समाजसेवी नदीम शमसी करीब छह माह पहले बाकरगंज में कूड़े के पहाड़ को हटाने के लिए अनशन भी कर चुके हैं। करीब पंद्रह दिनों बाद नगर निगम के अधिकारियों के कूड़े के पहाड़ हटाने के आश्वासन देने के बाद उनका अनशन खत्म करा दिया था। उनके अलावा अन्य कई सामाजिक संगठन और क्षेत्रीय लोग इसे हटानेे के लिए आवाज उठा चुके हैं। कहा कि यहां कूड़े का पहाड़ होने से यहां का पूरा वातावरण प्रदूषित है। अक्सर लोग बीमार रहते हैं। पूरे क्षेत्र में हर समय बदबू फैली रहती है। एक बार कूड़े का पहाड़ हटे तो वातावरण शुद्ध होगा और उसके बाद प्रशासन को किला नदी की सफाई करानी चाहिए।
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जल्द हटेगा कूड़े का ढेर
नगर आयुक्त अभिषेक आनंद ने बताया कि सथरापुर में प्लांट चालू होने के बाद कूड़े का निस्तारण किया जाना है। प्लांट जल्द चालू होने की उम्मीद है। इसके बाद बाकरगंज से कूडे़ के ढेर को भी हटा दिया जाएगा। यहां के कूड़े का निस्तारण करने के लिए भी कंपनियाें से बात की गई है।
बिहारीपुर में अभी तक ढूंढ नहीं पाए लीकेज
बरेली। शहर के मोहल्ला बिहारीपुर कहरवान में होली के पहले से गंदा पानी आ रहा है। होली में तो मोहल्ले में कई रंग का पानी पहुंचा। अब पिछले एक सप्ताह से गंदा काला पानी घरों में पहुंच रहा है मगर अभी तक जलकल विभाग लीकेज नहीं तलाश पाया है। जलकल जीएम राजेश यादव का कहना है कि होली के दौरान बिहारीपुर कहरवान में पानी की समस्या का हल कर दिया गया था लेकिन अभी दोबारा हुआ लीकेज टीम को नहीं मिला है। बुधवार को इसे दोबारा दिखाया जाएगा और जल्द ही समस्या का निस्तारण कराया जाएगा।
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कूड़े का पहाड़ और प्रदूषित किला नदी के कारण पानी गंदा बरेली। शहर में बाकरगंज के पास नदी से सटे इलाके में नलों से बदबूदार पानी आ रहा है। करीब तीस साल से क्षेत्र के लोग दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। कई लोग गंभीर बीमारियों से ग्रसित भी हुए। जिले के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को कई बार ज्ञापन भी दिए गए मगर आज तक बाकरगंज वालों को दूषित पानी से निजात नहीं मिल सकी।
स्थानीय निवासी हामिद ने बताया कि करीब पचास साल पहले यहां मैला डाला जाता था। उसके बाद यहां कूड़ा डालना शुरू कर दिया गया। यहां मैला पड़ने के बाद से ही धीमे-धीमे पानी दूषित होने लगा। बबलू ने बताया कि करीब तीस साल से यहां का पानी गंदा ही है। पास से ही किला नदी बह रही है। इस नदी में सालों से मलबा, सीवर और मृत जानवर पड़ते रहे। या यूं कहें कि अब तक पड़ते हैं। क्षेत्र का पानी दूषित होने का ये भी एक बड़ा कारण है। यहां रहने वाली फूल बानो नल से पानी निकालकर दिखाते हुए बताती हैं कि पानी इतना गंदा है कि इसे पीकर कोई भी बीमार पड़ जाए। इसमें इतनी बदबू उठती है कि इसे जानवर भी नहीं पीते। उनके पड़ोस की रवीना ने बताया कि नल का पानी पीकर घर में कई लोग बीमार हो चुके हैं। ऐसे में अब वह लोग इस पानी को पीने से बचते हैं। ईदगाह पर नल लगा हुआ है। कई लोग वहां से पानी लाकर पीने में उसका इस्तेमाल करते हैं।
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कूड़े का ढेर हटाने को कर चुके हैं अनशन
समाजसेवी नदीम शमसी करीब छह माह पहले बाकरगंज में कूड़े के पहाड़ को हटाने के लिए अनशन भी कर चुके हैं। करीब पंद्रह दिनों बाद नगर निगम के अधिकारियों के कूड़े के पहाड़ हटाने के आश्वासन देने के बाद उनका अनशन खत्म करा दिया था। उनके अलावा अन्य कई सामाजिक संगठन और क्षेत्रीय लोग इसे हटानेे के लिए आवाज उठा चुके हैं। कहा कि यहां कूड़े का पहाड़ होने से यहां का पूरा वातावरण प्रदूषित है। अक्सर लोग बीमार रहते हैं। पूरे क्षेत्र में हर समय बदबू फैली रहती है। एक बार कूड़े का पहाड़ हटे तो वातावरण शुद्ध होगा और उसके बाद प्रशासन को किला नदी की सफाई करानी चाहिए।
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