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गरीबों के लिए बीडीए बनाएगा एक हजार घर
बरेली।
Updated Fri, 15 Sep 2017 02:25 AM IST
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प्रधानमंत्री आवास योजना में बीडीए गरीबों के लिए एक हजार आवास बनाएगा। यह आवास उन गरीबों को मिलेंगे जो हाल ही में डूडा के सर्वे में चिह्नित किए गए हैं। लाभार्थी को ईडब्ल्यूएस मकान 4.5 लाख में मिलेंगे। इसमें 1.5 लाख रुपये केंद्र सरकार, एक लाख रुपये यूपी सरकार और दो लाख रुपये लाभार्थी को देने होंगे। शासन ने बीडीए से एक हफ्ते के अंदर लाभार्थियों की सूची मांगी है। अगले चरण में प्राइवेट कॉलोनाइजर्स को 250 आवासों की कॉलोनी में 33 फीसदी ईडब्ल्यूएस मकान गरीबों के लिए आरक्षित करने होंगे। तभी उनकी कॉलोनी का नक्शा स्वीकृत हो सकेगा।
प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को हुई बैठक में पीएम आवास योजना की नीति पर स्थिति स्पष्ट कर दी गई। बरेली विकास प्राधिकरण को एक हजार घर बनाकर देने को कहा गया। बीडीए उपाध्यक्ष डॉ. सुरेंद्र पांडेय ने बताया कि बीडीए चार अलग-अलग स्थानों पर गरीबों के लिए घर बनाएगा। पात्रों का सर्वे नगरीय विकास प्राधिकरण (डूडा) ने कर लिया है, उससे सूची मांगी गई है। अगले हफ्ते तक आवासों की डिटेल प्रोेजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) बनाने को कहा गया है। बता दें कि पहले प्राइवेट कॉलोनाइजर्स और बिल्डर्स से आवास बनवाने की योजना थी। इसके लिए उन्हें प्रति आवास 2.5 लाख रुपये दिया जाना था लेकिन उन्होंने इतनी कम कीमत में आवास बनाने में असमर्थता जाहिर कर दी। जब बीडीए ने भी 2.5 लाख रुपये में आवास देने से हाथ खड़े कर दिए। तो सरकार ने 4.5 लाख रुपये में आवास देने की नीति तय की। प्रारंभिक चरण में एक हजार आवास निर्माण का लक्ष्य रखा गया है।
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प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को हुई बैठक में पीएम आवास योजना की नीति पर स्थिति स्पष्ट कर दी गई। बरेली विकास प्राधिकरण को एक हजार घर बनाकर देने को कहा गया। बीडीए उपाध्यक्ष डॉ. सुरेंद्र पांडेय ने बताया कि बीडीए चार अलग-अलग स्थानों पर गरीबों के लिए घर बनाएगा। पात्रों का सर्वे नगरीय विकास प्राधिकरण (डूडा) ने कर लिया है, उससे सूची मांगी गई है। अगले हफ्ते तक आवासों की डिटेल प्रोेजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) बनाने को कहा गया है। बता दें कि पहले प्राइवेट कॉलोनाइजर्स और बिल्डर्स से आवास बनवाने की योजना थी। इसके लिए उन्हें प्रति आवास 2.5 लाख रुपये दिया जाना था लेकिन उन्होंने इतनी कम कीमत में आवास बनाने में असमर्थता जाहिर कर दी। जब बीडीए ने भी 2.5 लाख रुपये में आवास देने से हाथ खड़े कर दिए। तो सरकार ने 4.5 लाख रुपये में आवास देने की नीति तय की। प्रारंभिक चरण में एक हजार आवास निर्माण का लक्ष्य रखा गया है।
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