फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Bad bygone in Ajmer, locked in hotel, hungry all day

अजमेर में बुरी बीती जायरीन पर, होटल में कर दिया तालाबंद, दिन भर रहे भूखे

Wed, 22 Apr 2020 01:23 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 22 Apr 2020 01:23 AM IST
विज्ञापन
Bad bygone in Ajmer, locked in hotel, hungry all day
अजमेर में फंसे लोग। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

दरगाह पर हाजिरी देने गए बरेली के 50 से ज्यादा जायरीन फंसे हुए हैं अजमेर में
विज्ञापन

जायरीन ने बमुश्किल पहुंचाया दरगाह के चेयरपरसन तक संदेश तब खुला ताला

बरेली। हजरत ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह पर हाजिरी देने अजमेर शरीफ गए बरेली के तमाम जायरीन वहां महीने भर से ज्यादा समय से फंसे हुए हैं। पहले तमाम मुश्किलें झेल रहे इन जायरीन के सामने मंगलवार को तब एक नई मुसीबत खड़ी हो गई जब उनके होटल का मैनेजर मेन गेट पर ताला लगाकर पूरे स्टाफ के साथ गायब हो गया। दिन भर इंतजार के बावजूद स्टाफ नहीं लौटा तो भूखे-प्यासे जायरीन बमुश्किल दरगाह के चेयर परसन तक अपना संदेश भिजवाया तब कहीं होटल का ताला खुला और उन्हें खाना मयस्सर हुआ।
अजमेर में फंसे जायरीन के मुताबिक वहां दरगाह के पास कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने के बाद पूरे इलाके को सील कर दिया गया है। बदकिस्मती से कई ऐसे होटल भी सील इलाके के दायरे में आ गए जहां दरगाह पर हाजिरी देने गए जायरीन ठहरे हुए थे। मंगलवार को इन्हीं में से एक होटल का मैनेजर सुबह ही मेनगेट का ताला लगाकर पूरे स्टाफ के साथ गायब हो गया। इस होटल में ठहरे बरेली के 12 जायरीन ने सुबह उठकर दूध बगैरह के लिए बाहर जाने की कोशिश की तो पता लगा कि गेट पर ताला लगा है और मैनेजर भी लापता है। काफी देर तक उन्होंने मैनेजर के लौटने का इंतजार किया लेकिन जैसे-जैसे समय गुजरता गया, उनकी बेचैनी बढ़ती गई।
विज्ञापन

पूरे दिन भूखे रहे इन जायरीन ने शाम के वक्त यहां दरगाह आला दरगाह से जुड़े नासिर कुरैशी को फोन कर पूरी बात बताई। नासिर ने राजस्थान हज कमेटी के पूर्व चेयरमैन एवं अजमेर दरगाह के चेयरपर्सन अमीन पठान को जानकारी दी। अमीर पठान ने दरगाह कमेटी के नायब नाजिम शादाब अहमद को फोन किया तो उन्होंने मैनजर का पता लगवाकर पुलिस के साथ उसे होटल भेजा और ताला खुलवाया। जायरीन के लिए दूध-चाय और खाने की व्यवस्था भी करवाई। मैनेजर ने सफाई दी कि वह दूध लेने निकला था। रास्ते में पुलिस ने रोका तो डरकर अपने दोस्त के घर में छिप गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

फोन पर सुनाई फरियाद

हम लोग लॉकडाउन से पहले 18 मार्च को यहां आए थे। वापसी का आरक्षण 23 मार्च को था लिहाजा फंसे रह गए। तमाम कोशिश के बाद भी यहां से जाने का कोई रास्ता नहीं बन पा रहा है।- आशू रजा, मीरा की पैंठ
हम औरतें-बच्चे सभी हैं और हताश हैं। जो पैसे लाए थे वह खत्म हो चुके हैं। खाने-पीने की परेशानी होने लगी है। सरकार कोई रास्ता निकालकर हमें घर तक पहुंचाने का इंतजाम करे। - मलका बेगम, बानखाना

कई शहरों के जायरीन फंसे हैं अजमेर में

अजमेर शरीफ में बरेली जिले के लगभग 50 जायरीन फंसे हुए हैं। इसमें लगभग 15-20 महिलाएं और 10-12 बच्चे हैं। इसके अलावा मुरादाबाद, शाहजहांपुर, गोरखपुर, बस्ती, कानपुर, आगरा और झांसी आदि के भी तमाम जायरीन हैं जो जहां-तहां रुके हुए हैं और वापसी के लिए परेशान हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed