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बा स्कूल का प्रस्ताव वापस, डील खटाई में
बरेली
Updated Thu, 14 Jan 2016 01:55 AM IST
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बरेली। नगर निगम से संचालित कस्तूरबा कन्या इंटर कालेज की बिल्डिंग हस्तांतरण का प्रस्ताव उपसभापति रेहान अली ने वापस ले लिया। उन्होंने डील के आरोपों की जांच की भी मांग की। मेयर ने इसे गंभीर मामला बताते हुए मांग से सहमति जताई और प्रस्ताव निरस्त कर दिया। अब डील की जांच भी होगी।
बोर्ड के एजेंडे के प्रस्ताव संख्या 18 में उपसभापति रेहान अली ने कस्तूरबा कन्या इंटर कालेज की बिल्डिंग तिलक इंटर कालेज हस्तांतरित करने और जमीन खाली कराने का प्रस्ताव रखा था। बोर्ड की मीटिंग में उपसभापति ने खुद ही अपना प्रस्ताव वापस ले लिया। उन्होंने कहा कि स्कूल की जमीन हस्तांतरण में डील अगर किसी ने की है तो उसकी जांच कराई जाए। पार्षद मोहम्मद नदीम ने सदन में खुलकर कहा कि पांच पार्षदों ने स्कूल की जमीन खाली कराने की उन लोगों से डील की है जिनका जमीन पर मालिकाना हक नहीं है। नदीम ने कहा कि बा स्कूल की जमीन पर पहले वक्फ के नाम से मदरसा था। जिनकी ये जमीन है, उनकी छह बेटियां थीं। पार्षद ने मेयर और नगर आयुक्त को पत्र देकर जमीन के मालिकाना हक की जांच की मांग की। पार्षद विकास शर्मा और राममिलन यादव ने ये मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन बताते हुए प्रस्ताव पर बहस को निरर्थक बताया। मेयर डा. आईएस तोमर ने इसे गंभीर बताया और प्रस्ताव स्थगित कर दिया। मेयर ने डील के आरोपों की जांच के भी आदेश दिए।
लोकायुक्त तक जाएगा मामला
अधिवक्ता मोहम्मद खालिद जिलानी ने कहा कि कस्तूरबा स्कूल की इमारत गिरने का खतरा बताकर जमीन खाली कराने की पार्षदों और अफसरों के बीच डील के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी। उन्होंने कहा कि वह इस मामले को लोकायुक्त के दफ्तर ले जाएंगे। बा स्कूल बचाने के लिए शहरवासियों की मदद से जमीन की सौदेबाजी के खिलाफ आंदोलन भी किया जाएगा।
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बोर्ड के एजेंडे के प्रस्ताव संख्या 18 में उपसभापति रेहान अली ने कस्तूरबा कन्या इंटर कालेज की बिल्डिंग तिलक इंटर कालेज हस्तांतरित करने और जमीन खाली कराने का प्रस्ताव रखा था। बोर्ड की मीटिंग में उपसभापति ने खुद ही अपना प्रस्ताव वापस ले लिया। उन्होंने कहा कि स्कूल की जमीन हस्तांतरण में डील अगर किसी ने की है तो उसकी जांच कराई जाए। पार्षद मोहम्मद नदीम ने सदन में खुलकर कहा कि पांच पार्षदों ने स्कूल की जमीन खाली कराने की उन लोगों से डील की है जिनका जमीन पर मालिकाना हक नहीं है। नदीम ने कहा कि बा स्कूल की जमीन पर पहले वक्फ के नाम से मदरसा था। जिनकी ये जमीन है, उनकी छह बेटियां थीं। पार्षद ने मेयर और नगर आयुक्त को पत्र देकर जमीन के मालिकाना हक की जांच की मांग की। पार्षद विकास शर्मा और राममिलन यादव ने ये मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन बताते हुए प्रस्ताव पर बहस को निरर्थक बताया। मेयर डा. आईएस तोमर ने इसे गंभीर बताया और प्रस्ताव स्थगित कर दिया। मेयर ने डील के आरोपों की जांच के भी आदेश दिए।
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लोकायुक्त तक जाएगा मामला
अधिवक्ता मोहम्मद खालिद जिलानी ने कहा कि कस्तूरबा स्कूल की इमारत गिरने का खतरा बताकर जमीन खाली कराने की पार्षदों और अफसरों के बीच डील के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी। उन्होंने कहा कि वह इस मामले को लोकायुक्त के दफ्तर ले जाएंगे। बा स्कूल बचाने के लिए शहरवासियों की मदद से जमीन की सौदेबाजी के खिलाफ आंदोलन भी किया जाएगा।
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