फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Chinmayanand's happiness was left in jail

जेल में घुटकर रह गईं चिन्मयानंद की खुशियां

Sun, 10 Nov 2019 02:40 AM IST
बरेली ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली Published by: बरेली ब्यूरो Updated Sun, 10 Nov 2019 02:40 AM IST
विज्ञापन
Chinmayanand's happiness was left in jail
चिन्मयानंद - फोटो : अमर उजाला

राम मंदिर आंदोलन से जुड़े पूर्व गृह राज्यमंत्री चिन्मयानंद छात्रा से दुष्कर्म के आरोप में आजकल जेल में हैं। सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को अयोध्या में विवादित भूमि पर मंदिर बनाने का फैसला सुनाया तो वह लोगों से अपनी खुशियां नहीं बांट सके। जिला जेल में वह दिनभर टीवी के सामने बैठकर अयोध्या प्रकरण पर चर्चा सुनते रहे।

विज्ञापन


अयोध्या मेें 6 दिसंबर 1992 को हुई घटना से पहले से चिन्मयानंद श्रीराम जन्म भूमि मुक्ति आंदोलन समिति के संयोजक बनाए गए थे। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू होने और कुछ साल पहले ही दुष्कर्म के आरोपों मेें फंसने के बाद चिन्मयानंद ने राजनीति से खुद को तटस्थ कर लिया। योगी सरकार ने उन्हें सियासी वनवास से उबारने की कोशिश की, लेकिन इस बार वह अपने ही कॉलेज में पढ़ने वाली कानून की छात्रा से दुष्कर्म के आरोपों से घिरकर जेल चले गए।
विज्ञापन


अगस्त 2013 में सपा की सरकार द्वारा अयोध्या में चौरासी कोसी परिक्रमा को प्रतिबंधित किए जाने के दौरान चिन्मयानंद लखनऊ हवाई अड्डे पर गिरफ्तार कर मुमुक्षु आश्रम लाए गए थे। तब पुलिस छावनी में तब्दील हुए मुमुक्षु आश्रम में चिन्मयानंद को नजरबंद करके रखा गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


जिले के वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में उन्हें बाद में हरिद्वार भेजने के लिए ट्रेन में बैठा दिया गया था। अयोध्या से जुड़े आंदोलन में स्वामी चिन्मयानंद ने भूमिका निभाई। लेकिन जब मंदिर निर्माण को लेकर सुप्रीम का निर्णय आया तो वह इसकी खुशियां बांटने के लिए न तो अपने आश्रम में रह पाए और न ही उन्हें बधाई देने वाले पहुंचे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed