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नोटों का ब्योरा देने में एक्सिस बैंक सबसे फिसड्डी
Axis Bank notes provide details of the booby
Updated Fri, 23 Dec 2016 02:19 AM IST
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एक्सिस बैंक
- फोटो : self
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नोटबंदी के बाद पुराने नोट जमा करने और नए नोट जारी करने में बरेली में बड़े स्तर खेल होने का अंदेशा है। प्राइवेट बैंकों की बात करें तो सबसे ज्यादा नोटों की बदली बरेली में एक्सिस बैंक की शाखाओं में हुई। खास बात यह कि एक्सिस बैंक के आधिकारी इसका ब्योरा भी लीड बैंक को नहीं दे रहे थे। आंकड़े छिपाने पर ईडी ने सख्ती की, आईबी अपने स्तर से जांच करने लगी तो आखिरी वक्त में चीजें दुरुस्त करने की कोशिशें हो रही हैं। एक्सिस बैंक ने 22 दिसंबर की शाम को लीड बैंक को नवंबर महीने का ब्योरा दिया है। इसमें उल्लेखनीय बात यह है कि इस बैंक की शहर की तीन और बरेली देहात की तीन यानी कुल छह शाखाओं में नवंबर महीने में सभी प्राइवेट बैंकों में सबसे ज्यादा करीब 12 करोड़ रुपये की पुरानी नकदी जमा हुई है। यह रकम एचडीएफसी से दोगुनी है और आईसीआईसी बैंक से भी दो करोड़ अधिक है। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय स्तर पर भी एक्सिस बैंक में ही घपले के अब तक सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं।
आठ नवंबर को हुई नोट बंदी के बाद जिले की 423 बैंक शाखाओं ने 11 नवंबर से पुराने नोटों को जमा और नए नोट वितरण की शुरुआत की थी। इस अभियान में पुराने और नए खाते खोलकर जमकर धनराशि जमा कराई गई। यहां तक कि आईडी के आधार पर करेंसी का एक्सचेंज भी किया गया। जिसके दिसंबर के पहले सप्ताह में नवंबर तक जमा हुई धनराशि का ब्योरा केंद्र सरकार के वित्त मंत्रालय, आयकर, ईडी तथा जिला प्रशासन के माध्यम से स्तर से मांगा था। कई बैंक इन आंकड़ों को दे नहीं रहे थे। एक्सिस बैंक की छह शाखाएँ इस मामले में कुछ ज्यादा ही फिसड्डी रही। बार-बार की रिपोर्ट में एक्सिस बैंक का रिकार्ड निल देख कर इस बारे में जांच एजेंसियों ने दबाव बनाया। ईडी, आईबी तथा अन्य एजेंसियों की ओर से इन छह शाखाओं के खिलाफ वित्त मंत्रालय को रिपोर्ट भेज दी गई। उसी के बाद 30 नवंबर तक जमा हुई धनराशि का ब्योरा भेजा गया।
टाप थ्री का ब्योरा
सरकारी बैंक धनराशि
----------------------------------
स्टेट बैंक 5.75 (अरब)
बैंक आफ बडौदा 5.65 (अरब)
ग्रामीण बड़ौदा बैंक 2.75 (अरब)
प्राइवेट बैंक धनराशि
------------------------------------
एचडीएफसी 6.50 (करोड़)
आईसीआईसी 10.00 (करोड़)
एक्सिस बैंक 12.00 (करोड़)
‘एक्सिस बैंक के उच्च अधिकारियों के माध्यम से ही वित्त मंत्रालय ईडी तथा अन्य स्तर पर रिपोर्ट भेजी जाती हैं, उनकोे वहीं से रिपोर्ट उपलब्ध कराई गई होंगी। हम अपने हेड आफिस को सूचनाएं दे रहे थे। जिला स्तर पर लीड बैंक की ओर से जो सूचनाएं मांगी गईं थीं, उनमें देरी जरूर हुई है। ये सूचनाएं आज शाम लीड बैंक को उपलब्ध करा दी गईं हैं।,
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मनोज कुमार, समन्वयक, एक्सिस बैंक
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आठ नवंबर को हुई नोट बंदी के बाद जिले की 423 बैंक शाखाओं ने 11 नवंबर से पुराने नोटों को जमा और नए नोट वितरण की शुरुआत की थी। इस अभियान में पुराने और नए खाते खोलकर जमकर धनराशि जमा कराई गई। यहां तक कि आईडी के आधार पर करेंसी का एक्सचेंज भी किया गया। जिसके दिसंबर के पहले सप्ताह में नवंबर तक जमा हुई धनराशि का ब्योरा केंद्र सरकार के वित्त मंत्रालय, आयकर, ईडी तथा जिला प्रशासन के माध्यम से स्तर से मांगा था। कई बैंक इन आंकड़ों को दे नहीं रहे थे। एक्सिस बैंक की छह शाखाएँ इस मामले में कुछ ज्यादा ही फिसड्डी रही। बार-बार की रिपोर्ट में एक्सिस बैंक का रिकार्ड निल देख कर इस बारे में जांच एजेंसियों ने दबाव बनाया। ईडी, आईबी तथा अन्य एजेंसियों की ओर से इन छह शाखाओं के खिलाफ वित्त मंत्रालय को रिपोर्ट भेज दी गई। उसी के बाद 30 नवंबर तक जमा हुई धनराशि का ब्योरा भेजा गया।
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टाप थ्री का ब्योरा
सरकारी बैंक धनराशि
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स्टेट बैंक 5.75 (अरब)
बैंक आफ बडौदा 5.65 (अरब)
ग्रामीण बड़ौदा बैंक 2.75 (अरब)
प्राइवेट बैंक धनराशि
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एचडीएफसी 6.50 (करोड़)
आईसीआईसी 10.00 (करोड़)
एक्सिस बैंक 12.00 (करोड़)
‘एक्सिस बैंक के उच्च अधिकारियों के माध्यम से ही वित्त मंत्रालय ईडी तथा अन्य स्तर पर रिपोर्ट भेजी जाती हैं, उनकोे वहीं से रिपोर्ट उपलब्ध कराई गई होंगी। हम अपने हेड आफिस को सूचनाएं दे रहे थे। जिला स्तर पर लीड बैंक की ओर से जो सूचनाएं मांगी गईं थीं, उनमें देरी जरूर हुई है। ये सूचनाएं आज शाम लीड बैंक को उपलब्ध करा दी गईं हैं।,
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मनोज कुमार, समन्वयक, एक्सिस बैंक