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Bareilly News: ओसवाल चीनी मिल की नीलामी प्रक्रिया रुकी
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नवाबगंज। ओसवाल चीनी मिल की 22 अक्तूबर को होने वाली नीलामी रुक गई है। मिल प्रबंधन इसके खिलाफ रिट दायर कर हाईकोर्ट में पहुंच गया है।
तहसील नवाबगंज के औरंगाबाद गांव में स्थित ओसवाल चीनी मिल पर क्षेत्र के गन्ना किसानों का पिछले दो सालों का करीब 74 करोड़ रुपये बकाया है। किसानों के बकाये का मिल ने भुगतान नहीं किया तो तहसील प्रशासन ने इस चीनी मिल में तालाबंदी कर मिल की बिजली भी काट दी है।
बकाया दिलाने के लिए गन्ना किसानों ने प्रदर्शन किया था। इस पर शासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए मिल के खिलाफ आरसी जारी कर दी। आरसी जारी होने के बाद जिला प्रशासन ने 22 अक्तूबर को ओसवाल चीनी मिल की नीलामी भी तय कर दी।
एसडीएम सचिन यादव ने बताया कि बृहस्पतिवार को मिल प्रबंधन की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। जिला गन्ना अधिकारी हाईकोर्ट गए हुए हैं। निर्णय के बाद ही आगे की प्रक्रिया की जाएगी।
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मिल ने दिया तर्क
अब मिल प्रबंधन इस नीलामी के खिलाफ हाईकोर्ट जा पहुंचा। मिल के अधिवक्ता द्वारा दायर की गई रिट में मिल के मूल्यांकन को कम आंका जाना बताया गया है।
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तहसील नवाबगंज के औरंगाबाद गांव में स्थित ओसवाल चीनी मिल पर क्षेत्र के गन्ना किसानों का पिछले दो सालों का करीब 74 करोड़ रुपये बकाया है। किसानों के बकाये का मिल ने भुगतान नहीं किया तो तहसील प्रशासन ने इस चीनी मिल में तालाबंदी कर मिल की बिजली भी काट दी है।
बकाया दिलाने के लिए गन्ना किसानों ने प्रदर्शन किया था। इस पर शासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए मिल के खिलाफ आरसी जारी कर दी। आरसी जारी होने के बाद जिला प्रशासन ने 22 अक्तूबर को ओसवाल चीनी मिल की नीलामी भी तय कर दी।
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एसडीएम सचिन यादव ने बताया कि बृहस्पतिवार को मिल प्रबंधन की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। जिला गन्ना अधिकारी हाईकोर्ट गए हुए हैं। निर्णय के बाद ही आगे की प्रक्रिया की जाएगी।
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मिल ने दिया तर्क
अब मिल प्रबंधन इस नीलामी के खिलाफ हाईकोर्ट जा पहुंचा। मिल के अधिवक्ता द्वारा दायर की गई रिट में मिल के मूल्यांकन को कम आंका जाना बताया गया है।