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Bareilly News: चीनी मिल की जमीन की नीलामी फिर टली, हंगामा
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बहेड़ी। केसर चीनी मिल पर किसानों के 162 करोड़ रुपये के बकाया भुगतान के मामले में प्रशासन द्वारा कुर्क की गई जमीन की नीलामी एक बार फिर नहीं हो सकी है। तहसील परिसर में शनिवार को हुई नीलामी प्रक्रिया में नियमों का पेच फंस गया। नीलामी में चार खरीदार पहुंचे, लेकिन शर्त पूरी केवल एक ही कर सका। एडीएम फाइनेंस को नीलामी ही स्थगित करनी पड़ी, जिसके बाद किसानों ने एक घंटे तक हंगामा किया।प्रशासन ने 16 जुलाई को नैनीताल रोड हाईवे किनारे ग्राम मुड़िया मुकर्रमपुर स्थित केसर चीनी मिल की 11.443 हेक्टेयर जमीन कुर्क की थी। यह इस जमीन की दूसरी नीलामी थी, इससे पहले हुई नीलामी को आरोपों के चलते जिलाधिकारी ने स्थगित कर दिया था। शनिवार दोपहर एक बजे एडीएम फाइनेंस संतोष कुमार सिंह और एसडीएम गोपाल शर्मा के नेतृत्व में नीलामी प्रक्रिया शुरू हुई। मौके पर गन्ना विभाग और चीनी मिल के अधिकारी भी मौजूद रहे।नियमानुसार बोली लगाने के लिए बोलीदाताओं से साढ़े तीन करोड़ रुपये का डिमांड ड्राफ्ट मांगा गया था। एएनजी इंफ्रा इंजीनियरिंग प्रा. लि. बरेली ने ही साढ़े तीन करोड़ का डिमांड ड्राफ्ट जमा किया, जबकि किच्छा के घ्यासी लाल अग्रवाल, रुद्रपुर की एपी ट्रेडर्स आकांक्षा ऑटोमोबाइल और किच्छा के ही अजय पाल यादव ने चेक जमा कर दिए। दोपहर 2:30 बजे जांच के बाद एडीएम फाइनेंस ने स्पष्ट किया कि नियम व शर्तों के अनुसार केवल डिमांड ड्राफ्ट ही मान्य है, चेक किसी भी दशा में मान्य नहीं होगा। उन्होंने कहा कि पूर्व में भी चीनी मिल की खरीद में चेक बाउंस हो चुका है, इसलिए चेक स्वीकार नहीं किया जा सकता। नीलामी के लिए कम से कम तीन बोलीदाताओं का होना अनिवार्य है और वर्तमान में केवल एक ही पात्र है, लिहाजा नीलामी स्थगित की जाती है। संवाद
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आदेश सुनते ही भड़के किसान, कड़ी शर्तों का किया विरोध
आदेश सुनते ही तहसील परिसर में मौजूद किसान भड़क गए। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी जगत सिंह, तहसील अध्यक्ष राजेश गुप्ता, रालोद के सचिन चौधरी, पंकज सिंह समेत कई किसान व वकीलों ने एडीएम का घेराव कर हंगामा शुरू कर दिया।
किसानों ने दो मांगें रखीं : या तो डीडी जमा करने वाले को ही जमीन दे दी जाए, या चेक लाने वालों को भी बोली में शामिल किया जाए। किसानों का आरोप था कि प्रशासन चेक लाने वालों से लिखित में कारण पूछ रहा है, फिर बोली से वंचित क्यों कर रहा है। इसी बीच मौके पर पहुंचे पूर्व ब्लॉक प्रमुख व भाजपा नेता मोहन सिंह ने कहा कि प्रशासन ने इतनी कड़ी शर्तें लगा दी हैं कि डीडी जमा करना मुमकिन ही नहीं है। इस बात को लेकर उनकी एडीएम से तीखी बहस भी हुई।
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एडीएम फाइनेंस ने मनाया, तब माने किसान : आक्रोशित किसान नीलामी हॉल में ही जमीन पर धरने पर बैठ गए। गन्ना समिति के अध्यक्ष और कोषाध्यक्ष भी उनके साथ बैठ गए। स्थिति बिगड़ती देख एडीएम फाइनेंस खुद किसानों के बीच पहुंचे और उन्हें समझाया। उन्होंने आश्वस्त किया कि यदि सोमवार तक और बोलीदाताओं के डिमांड ड्राफ्ट आ जाते हैं, तो जल्द ही नीलामी प्रक्रिया पूरी करा दी जाएगी, जिसके बाद किसान शांत हुए।
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31 को आंदोलन का एलान
भाकियू के युवा प्रदेश अध्यक्ष अनुज ठाकुर ने कहा कि 31 अक्तूबर को सुबह 11 बजे बहेड़ी के 72 हजार किसान अपने ट्रैक्टर-ट्रॉली के साथ गन्ना समिति पर जुटेंगे। वहां से पैदल मार्च कर तहसील का घेराव करेंगे।
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केवल एक का ही डिमांड ड्राफ्ट जमा हुआ था। इस कारण नीलामी स्थगित करनी पड़ी। बोली के लिए तीन बोली लगाने वाले होने जरूरी होते हैं। तीन बोली लगाने वाले ऐसे थे, जिन्होंने चेक जमा किए थे। शर्तें पहले ही खोल दी गई थी। उन्होंने शर्तों का पालन नहीं किया। प्रशासन किसानों के साथ है जल्द नीलामी की नई तिथि घोषित की जाएगी।
- संतोष कुमार सिंह, एडीएम, वित्त एवं राजस्व विभाग, बरेली
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आदेश सुनते ही भड़के किसान, कड़ी शर्तों का किया विरोध
आदेश सुनते ही तहसील परिसर में मौजूद किसान भड़क गए। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी जगत सिंह, तहसील अध्यक्ष राजेश गुप्ता, रालोद के सचिन चौधरी, पंकज सिंह समेत कई किसान व वकीलों ने एडीएम का घेराव कर हंगामा शुरू कर दिया।
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किसानों ने दो मांगें रखीं : या तो डीडी जमा करने वाले को ही जमीन दे दी जाए, या चेक लाने वालों को भी बोली में शामिल किया जाए। किसानों का आरोप था कि प्रशासन चेक लाने वालों से लिखित में कारण पूछ रहा है, फिर बोली से वंचित क्यों कर रहा है। इसी बीच मौके पर पहुंचे पूर्व ब्लॉक प्रमुख व भाजपा नेता मोहन सिंह ने कहा कि प्रशासन ने इतनी कड़ी शर्तें लगा दी हैं कि डीडी जमा करना मुमकिन ही नहीं है। इस बात को लेकर उनकी एडीएम से तीखी बहस भी हुई।
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एडीएम फाइनेंस ने मनाया, तब माने किसान : आक्रोशित किसान नीलामी हॉल में ही जमीन पर धरने पर बैठ गए। गन्ना समिति के अध्यक्ष और कोषाध्यक्ष भी उनके साथ बैठ गए। स्थिति बिगड़ती देख एडीएम फाइनेंस खुद किसानों के बीच पहुंचे और उन्हें समझाया। उन्होंने आश्वस्त किया कि यदि सोमवार तक और बोलीदाताओं के डिमांड ड्राफ्ट आ जाते हैं, तो जल्द ही नीलामी प्रक्रिया पूरी करा दी जाएगी, जिसके बाद किसान शांत हुए।
31 को आंदोलन का एलान
भाकियू के युवा प्रदेश अध्यक्ष अनुज ठाकुर ने कहा कि 31 अक्तूबर को सुबह 11 बजे बहेड़ी के 72 हजार किसान अपने ट्रैक्टर-ट्रॉली के साथ गन्ना समिति पर जुटेंगे। वहां से पैदल मार्च कर तहसील का घेराव करेंगे।
केवल एक का ही डिमांड ड्राफ्ट जमा हुआ था। इस कारण नीलामी स्थगित करनी पड़ी। बोली के लिए तीन बोली लगाने वाले होने जरूरी होते हैं। तीन बोली लगाने वाले ऐसे थे, जिन्होंने चेक जमा किए थे। शर्तें पहले ही खोल दी गई थी। उन्होंने शर्तों का पालन नहीं किया। प्रशासन किसानों के साथ है जल्द नीलामी की नई तिथि घोषित की जाएगी।
- संतोष कुमार सिंह, एडीएम, वित्त एवं राजस्व विभाग, बरेली