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Bareilly News: उमेश पाल की हत्या की साजिश में व्हाट्सएप कॉल से जुड़ा था अशरफ

Thu, 02 Mar 2023 01:52 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 02 Mar 2023 01:52 AM IST
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Ashraf was linked to a WhatsApp call in the conspiracy to kill Umesh Pal
बरेली/प्रयागराज। राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल की हत्या की साजिश रचने वालों में बरेली जेल में बंद माफिया अतीक का भाई अशरफ भी है। हत्याकांड के साजिशकर्ता सदाकत के फोन से यह खुलासा हुआ है। यहीं नहीं, सूत्रों के अनुसार घटना को अंजाम देने वाले हमलावरों ने परिचित बनकर जेल में अशरफ से मुलाकात भी की थी। यहां अशरफ ने उन्हें फुलप्रूफ प्लान के बारे में बताया था। इसके साथ ही बरेली जेल की व्यवस्था पर सवाल खड़ा हो गया है कि जेल में बंद अशरफ आखिर मोबाइल पर बात कैसे करता था। वहीं, प्रयागराज पुलिस को यह भी पता चला है कि सदाकत के मोबाइल से कुछ व्हाट्सएप कॉल व चैट डिलीट भी किए गए हैं।
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रविवार को गोरखपुर से सदाकत को गिरफ्तार किया गया था। जांच में पता चला है कि सदाकत के साथ मिलकर मुस्लिम बोर्डिंग हास्टल के कमरे में उमेश पाल हत्याकांड की साजिश रची गई थी। साजिश में साबरमती जेल से अतीक अहमद और बरेली जेल में बंद अशरफ भी व्हाट्सएप कॉल से शामिल हुए थे। सदाकत के फोन से अतीक के चौथे नंबर के बेटे की चैट भी पुलिस के हाथ लगी है जिसमें कुछ मेसेज डिलीट किए गए हैं। पुलिस मिटाए गए मेसेज का डाटा निकलवा रही है।
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जेल अधीक्षक का दावा... नहीं आया स्मार्ट फोन
बरेली जेल के अंदर अशरफ के पास स्मार्ट फोन कहां से आया, इस बात की जांच हो रही है। हालांकि बरेली जिला जेल अधीक्षक राजीव शुक्ला अशरफ के पास किसी मोबाइल के न होने का दावा कर रहे हैं। फिलहाल संदिग्ध नंबरों की सीडीआर निकलवाई जा रही है जिसके बाद हत्याकांड से जुड़ी अहम बातें सामने आ सकती हैं। प्रयागराज के पुलिस कमिश्नर रमित शर्मा ने भी स्वीकार किया कि हत्याकांड की साजिश के दौरान जेलों से व्हाट्सएप पर वीडियो और ऑडियो कॉल किए गए थे। इन्हें ट्रेस कर अन्य आरोपियों व दोषियों का पता लगाया जा रहा है। ब्यूरो
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अशरफ की सुरक्षा में तैनात कर्मी कर सकते हैं खुलासा
बरेली। अतीक अहमद के भाई पूर्व विधायक अशरफ का नाम आया तो आननफानन जेल प्रशासन ने उसकी सुरक्षा में लगे स्टाफ को ही बदल दिया। सूत्रों के मुताबिक कई बार सुरक्षा में तैनात स्टाफ भी बंदियों की जरूरी सूचनाएं जेल के बाहर पहुंचाते हैं। ऐसे में अशरफ की सुरक्षा में तैनात स्टाफ से भी उसके बारे में जानकारी ली जा सकती है। जेल में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच से भी कई राज खुलने की उम्मीद है।

बरेली जेल में बंद बबलू श्रीवास्तव का पुराना गुर्गा है गुड्डू मुस्लिम
बरेली। प्रयागराज की घटना के दौरान वीडियो में बम फेंकते दिख रहा गुड्डू मुस्लिम किसी जमाने में माफिया डॉन बबलू श्रीवास्तव का खास गुर्गा था। बबलू इन दिनों बरेली सेंट्रल जेल में बंद है। दरअसल गुड्डू एक वक्त में मुख्तार अंसारी का विश्वस्त गुर्गा था। इसके बाद वह काफी समय बबलू श्रीवास्तव के साथ रहा। बबलू को नैनी जेल में बंद करने के दौरान उसे शानशौकत से रहने के संसाधन मुहैया कराने की जिम्मेदारी गुड्डू के ही पास थी। इस बीच बबलू की शिकायत हुई और उसे बरेली सेंट्रल जेल शिफ्ट कर दिया गया। इसके बाद गुड्डू अतीक अहमद से जुड़ गया। वह अशरफ के काफी करीब है। हमलावरों में वह सबसे उम्रदराज है और राजू पाल हत्याकांड के बाद पहली बार किसी घटना में सीधे तौर पर शामिल हुआ है। ब्यूरो
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