उमेश पाल अपहरण कांड: बरेली से प्रयागराज तक खौफ में रहा अशरफ; पढ़ें- 10 घंटे के सफर की कहानी
माफिया अतीक अहमद का भाई अशरफ सोमवार शाम को प्रयागराज पहुंच गया। प्रयागराज पुलिस उसे बरेली जेल से कड़ी सुरक्षा में ले गई। 10 घंटे के सफर में अशरफ खौफ में रहा।
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बरेली केंद्रीय कारागार -2 से प्रयागराज की 10 घंटे की यात्रा अशरफ के लिए खौफनाक रही। माफिया को प्रयागराज ले जाने के लिए जेल से बाहर निकाला गया तो उसका चेहरा खौफजदा था। दिखावे के लिए उसने भले ही जुबान नहीं खोली, लेकिन एनकाउंटर के डर से जर्द चेहरा सारी कहानी बयां कर रहा था।
प्रयागराज जाने के लिए जब अशरफ गाड़ी में बैठ गया तो पत्रकारों ने उससे बात करने की कोशिश की तो उसने नेताओं के अंदाज में इशारों में ही जवाब दिया। खतरे के सवाल पर गाड़ी की खिड़की पर हाथा मारा। डर को छिपाने के लिए अशरफ ने सभी को रमजान और वासंतिक नवरात्रि की शुभकामना दी। इसके बाद गाड़ी तेजी से आगे बढ़ गई।
थानों या पुलिस लाइन में रोकने की अनुमति
वकीलों ने बताया कि अशरफ को बरेली से शाहजहांपुर, हरदोई, सीतापुर, लखनऊ, रायबरेली, प्रतापगढ़, अमेठी होते हुए प्रयागराज ले जाया गया। इस बीच किसी ढाबे या होटल पर रुकने की मनाही थी। भोजन या अन्य व्यवस्था के लिए रास्ते के चिह्नित थानों या पुलिस लाइन जैसे सुरक्षित स्थान पर रोकने का ही निर्देश था।
वकीलों ने जेल अधीक्षक को रिसीव कराया कोर्ट का आदेश
अतीक परिवार के वकील विजय मिश्रा के तीन शागिर्द फिलहाल अशरफ के वकील के तौर पर बरेली आए थे। इनमें राज शर्मा, आशीष श्रीवास्तव और हिमांशु त्रिपाठी शामिल थे। इन तीनों ने मीडिया से बातचीत में बताया कि वे लोग हाईकोर्ट का निर्देश जेल अधीक्षक को देने आए हैं।अतीक के भाई को सताया डर: बरेली से रवानगी के दौरान गाड़ी में बैठा अशरफ बोला- हां, मुझे खतरा है
इसमें स्पष्ट है कि अशरफ को अगर प्रयागराज ले जाया जाए तो कड़ी सुरक्षा की जाए। साथ ही उससे कोई भी पूछताछ अधिवक्ता की मौजूदगी में की जाए। वकीलों ने कहा कि अशरफ की सुरक्षा पुलिस के हाथ में है। वे लोग भी काफिले के पीछे-पीछे प्रयागराज तक जाएंगे।