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Bareilly News: पान मसाले की आवक ठप, मुनाफाखोर सक्रिय, 25-30 रुपये बढ़े दाम

Wed, 04 Dec 2024 01:24 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 04 Dec 2024 01:24 PM IST
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Arrival of pan masala stopped, profiteers active, prices increased by Rs 25-30

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बरेली। शासन की ओर से सघन निगरानी की वजह से कई पान मसाला फैक्टरियों ने उत्पादन बंद कर दिया है। नतीजा, अब जमाखोर सक्रिय हो गए हैं। पूर्व में मंगाया गया माल अब 25-30 रुपये प्रति पैकेट महंगा बिक रहा है। दुकानों से पान मसाला के कुछ ब्रांड गायब भी हो गए हैं।
राज्यकर अपर आयुक्त ग्रेड-1 एचपी राव दीक्षित के मुताबिक बरेली मंडल में कोई पान मसाला की फैक्टरी नहीं है। रुहेलखंड क्षेत्र में 90 फीसदी पान मसाले की आवक कानपुर से होती है। कुछ ब्रांड का पान मसाला गाजियाबाद, राजस्थान, दिल्ली से भी आता है। शासन से जारी आदेश के तहत अब प्रदेश की पान मसाला बनाने वाली फैक्टरियों की निगरानी के साथ सभी जिलों में राज्यकर विभाग की प्रवर्तन टीमें सक्रिय हो गई हैं। ई-वे बिल के बगैर पान मसाले की खेप लेकर वाहनों का जिले में प्रवेश प्रतिबंधित है।
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कारोबारियों के मुताबिक बरेली में मध्यम और निम्न आय वर्ग के लोग कानपुर से आ रहे गगन पान मसाले का सेवन करता है, जिसकी आपूर्ति करीब सप्ताह भर से ठप है। पूर्व में मंगाया गया स्टॉक खत्म हो रहा है। लिहाजा, मुनाफाखोर सक्रिय हुए हैं। महंगे दामों पर पान मसाले की बिक्री शुरू की है।
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मंगलवार को पान मसाला लेने के लिए कारोबारियों के पास पहुंचे फुटकर विक्रेता दाम सुनकर चौंक गए। रविवार तक जो पैकेट 120 रुपये का मिलता था, उसके भाव 145 रुपये पहुंच गए। पैकेट की बिक्री पर पहले 25 रुपये बचते थे, अब पांच रुपये बच रहे हैं। रामपुर गार्डन में पान मसाला बेचने वाले मोनू ने बताया कि दिन भर बिक्री के बाद पांच रुपये मिलते, इसलिए वे पैकेट नहीं लाए।


पान मसाला विक्रेता अमित भारद्वाज के मुताबिक शासन की सख्ती से उत्पादन बंद हो गया है। इससे फैक्टरी में कार्यरत सैकड़ों कर्मचारियों की रोजी पर संकट गहराया है। वहीं, जिले के डीलर, एजेंट आदि भी प्रभावित होंगे। सरकार को भी राजस्व का नुकसान होने का अनुमान है। अगर यही स्थिति रही तो कंपनियां उत्तर प्रदेश के बजाय अन्य प्रदेशों का रुख करने पर मंथन कर रही हैं।
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