{"_id":"6aaeffdd1af2205931075acd","slug":"arrested-during-tree-auction-gargaiya-administrator-removed-bareilly-news-c-4-bly1015-970311-2026-09-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: पेड़ों की नीलामी में डाला अड़ंगा, हटाई गईं गरगइया की प्रशासक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: पेड़ों की नीलामी में डाला अड़ंगा, हटाई गईं गरगइया की प्रशासक
Sun, 20 Sep 2026 03:04 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Sun, 20 Sep 2026 03:04 AM IST
विज्ञापन
बरेली। दमखोदा ब्लॉक की ग्राम पंचायत गरगइया की प्रशासक मुसरत को डीएम ने तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया है। उच्च प्राथमिक विद्यालय परिसर में खड़े पेड़ों की नीलामी और कटान के सरकारी कार्य में व्यवधान डालने समेत अन्य आरोपों की पुष्टि होने पर यह कार्रवाई की गई है। विकास कार्यों के संचालन के लिए एडीओ पंचायत को गांव का नया प्रशासक नामित किया है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की एक जुलाई की रिपोर्ट के अनुसार, खंड शिक्षा अधिकारी दमखोदा की 16 जून की रिपोर्ट और प्रभागीय वनाधिकारी की 25 मई की अनुमति के आधार पर गांव के उच्च प्राथमिक विद्यालय परिसर में खड़े पेड़ों की नीलामी व कटान कराई जानी थी, लेकिन ग्राम प्रशासक मुसरत ने इस सरकारी कार्य में व्यवधान उत्पन्न किया।
इस मामले में उन्हें 22 अगस्त को नोटिस जारी कर 15 दिन में लिखित स्पष्टीकरण और साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए कहा गया था। निर्धारित समय बीतने के बाद भी उनकी ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया। इसके बाद 31 अगस्त को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने भी अनुस्मारक भेजा, लेकिन स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं किया गया। उपलब्ध साक्ष्यों और पत्रावली के आधार पर आरोपों की पुष्टि होने पर डीएम ने मुसरत को प्रशासक पद से हटाने का आदेश जारी किया है।
विज्ञापन
वर्जन
जांच में आरोप पुष्ट होने पर ग्राम पंचायत गरगइया की प्रशासक को डीएम के आदेश पर पद मुक्त कर दिया है। एडीओ पंचायत को गरगइया का नया प्रशासक नामित किया है। - कमल किशोर, जिला पंचायती राज अधिकारी
-- -
मिड-डे मील की निगरानी करेंगे एसडीएम
बहेड़ी। गरगईया के प्राथमिक विद्यालय में 15 दिन तक मध्याह्न भोजन न बनवाने के मामले में जिलाधिकारी ने प्रधानाध्यापिका नीता गंगवार और बीएसए को तहसील सभागार बुलाकर पूछताछ की। उन्होंने बताया गया कि एसडीएम गोपाल शर्मा के पहुंचने के बाद तीन दिन पहले ही भोजन व्यवस्था दोबारा शुरू कराई गई थी। डीएम ने बीएसए को प्रधानाध्यापिका को शो कॉज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। प्रधानाध्यापिका ने बताया कि उन्हें एक माह के मिड-डे मील (एमडीएम) के रुपये नहीं मिले थे। इसकी सूचना खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) को दी थी। डीएम के मुताबिक, रुका हुआ भुगतान तुरंत जारी कर विद्यार्थियों को नियमित भोजन देने और उसकी रोजाना निगरानी करने के लिए एसडीएम को निर्देशित किया गया है।
विज्ञापन
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की एक जुलाई की रिपोर्ट के अनुसार, खंड शिक्षा अधिकारी दमखोदा की 16 जून की रिपोर्ट और प्रभागीय वनाधिकारी की 25 मई की अनुमति के आधार पर गांव के उच्च प्राथमिक विद्यालय परिसर में खड़े पेड़ों की नीलामी व कटान कराई जानी थी, लेकिन ग्राम प्रशासक मुसरत ने इस सरकारी कार्य में व्यवधान उत्पन्न किया।
विज्ञापन
इस मामले में उन्हें 22 अगस्त को नोटिस जारी कर 15 दिन में लिखित स्पष्टीकरण और साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए कहा गया था। निर्धारित समय बीतने के बाद भी उनकी ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया। इसके बाद 31 अगस्त को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने भी अनुस्मारक भेजा, लेकिन स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं किया गया। उपलब्ध साक्ष्यों और पत्रावली के आधार पर आरोपों की पुष्टि होने पर डीएम ने मुसरत को प्रशासक पद से हटाने का आदेश जारी किया है।
विज्ञापन
वर्जन
जांच में आरोप पुष्ट होने पर ग्राम पंचायत गरगइया की प्रशासक को डीएम के आदेश पर पद मुक्त कर दिया है। एडीओ पंचायत को गरगइया का नया प्रशासक नामित किया है। - कमल किशोर, जिला पंचायती राज अधिकारी
मिड-डे मील की निगरानी करेंगे एसडीएम
बहेड़ी। गरगईया के प्राथमिक विद्यालय में 15 दिन तक मध्याह्न भोजन न बनवाने के मामले में जिलाधिकारी ने प्रधानाध्यापिका नीता गंगवार और बीएसए को तहसील सभागार बुलाकर पूछताछ की। उन्होंने बताया गया कि एसडीएम गोपाल शर्मा के पहुंचने के बाद तीन दिन पहले ही भोजन व्यवस्था दोबारा शुरू कराई गई थी। डीएम ने बीएसए को प्रधानाध्यापिका को शो कॉज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। प्रधानाध्यापिका ने बताया कि उन्हें एक माह के मिड-डे मील (एमडीएम) के रुपये नहीं मिले थे। इसकी सूचना खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) को दी थी। डीएम के मुताबिक, रुका हुआ भुगतान तुरंत जारी कर विद्यार्थियों को नियमित भोजन देने और उसकी रोजाना निगरानी करने के लिए एसडीएम को निर्देशित किया गया है।