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‘मम्मी’ के स्कूल में कैसे किया टॉप.. डीआईओएस देंगे जवाब
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बरेली। यूपी और सीबीएसई दो बोर्ड से परीक्षा देने के मामले में माध्यमिक शिक्षा परिषद के क्षेत्रीय सचिव ने जांच शुरू करा दी है। उन्होंने डीआईओएस को मामले की सघन जांच करने और रिपोर्ट देने को कहा है। डीआईओएस की रिपोर्ट के आधार पर ही इस मामले में कार्रवाई की जाएगी। क्षेत्रीय सचिव का पत्र आने के बाद डीआईओएस कार्यालय में अफरातफरी का माहौल है।
नवाबगंज के अर्पित गंगवार ने यूपी बोर्ड और सीबीएसई दोनों की 10वीं की परीक्षा में हिस्सा लिया था। सीबीएसई में उन्हें सिर्फ 46 प्रतिशत अंक मिले तो यूपी बोर्ड में करीब 91 प्रतिशत अंक हासिल कर उन्होंने टॉप किया था। एक ओर जहां दो बोर्डों की परीक्षा देकर उन्होंने परीक्षा की शुचिता पर सवालिया निशान लगा दिया वहीं सीबीएसई के बेदी इंटरनेशनल स्कूल में और एसएसटी इंटर कॉलेज यानी ‘मम्मी’ के यूपी बोर्ड स्कूल में दी गई परीक्षाओं में हासिल अंक के बीच भारी अंतर ने नकलविहीन परीक्षा पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
शुक्रवार को अमर उजाला ने ‘सीबीएसई और यूपी बोर्ड एक साथ.. एक में फिसड्डी तो दूसरे में टॉप’ शीर्षक से प्रमुखता से खबर प्रकाशित की तो डीआईओएस कार्यालय में हड़कंप मच गया। जिस पर अब माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव ने डीआईओएस से मामले पर रिपोर्ट तलब की है।
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‘मम्मी’ खामोश, बेदी ने भेजी निगेटिव रिपोर्ट
होना तो यह चाहिए था कि दो बोर्डों से परीक्षा देने के मामले में जिन स्कूलों से अर्पित ने पढ़ाई की है, दोनों को अपने-अपने बोर्ड को अंकपत्र निरस्त किए जाने की संस्तुति की जानी चाहिए थी, लेकिन खबर प्रकाशित होने के बाद जहां बेदी इंटरनेशनल स्कूल ने तत्काल सख्त कदम उठाते हुए सीबीएसई को साक्ष्य समेत रिपोर्ट कार्रवाई के लिए भेज दी है तो वहीं, एसएसटी इंटर कॉलेज की ओर से फिलहाल कोई एक्शन नहीं लिया गया है। जिससे स्कूल प्रबंधन की मंशा पर भी सवालिया निशान लग रहा है।
डीआईओएस को पत्र जारी कर मामले की सघन जांच कर रिपोर्ट देने को कहा गया है। रिपोर्ट में फर्जीवाड़ा की पुष्टि होने पर परिषद को कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेज दी जाएगी।
- राकेश कुमार, क्षेत्रीय सचिव, माध्यमिक शिक्षा परिषद
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नवाबगंज के अर्पित गंगवार ने यूपी बोर्ड और सीबीएसई दोनों की 10वीं की परीक्षा में हिस्सा लिया था। सीबीएसई में उन्हें सिर्फ 46 प्रतिशत अंक मिले तो यूपी बोर्ड में करीब 91 प्रतिशत अंक हासिल कर उन्होंने टॉप किया था। एक ओर जहां दो बोर्डों की परीक्षा देकर उन्होंने परीक्षा की शुचिता पर सवालिया निशान लगा दिया वहीं सीबीएसई के बेदी इंटरनेशनल स्कूल में और एसएसटी इंटर कॉलेज यानी ‘मम्मी’ के यूपी बोर्ड स्कूल में दी गई परीक्षाओं में हासिल अंक के बीच भारी अंतर ने नकलविहीन परीक्षा पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
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शुक्रवार को अमर उजाला ने ‘सीबीएसई और यूपी बोर्ड एक साथ.. एक में फिसड्डी तो दूसरे में टॉप’ शीर्षक से प्रमुखता से खबर प्रकाशित की तो डीआईओएस कार्यालय में हड़कंप मच गया। जिस पर अब माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव ने डीआईओएस से मामले पर रिपोर्ट तलब की है।
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‘मम्मी’ खामोश, बेदी ने भेजी निगेटिव रिपोर्ट
होना तो यह चाहिए था कि दो बोर्डों से परीक्षा देने के मामले में जिन स्कूलों से अर्पित ने पढ़ाई की है, दोनों को अपने-अपने बोर्ड को अंकपत्र निरस्त किए जाने की संस्तुति की जानी चाहिए थी, लेकिन खबर प्रकाशित होने के बाद जहां बेदी इंटरनेशनल स्कूल ने तत्काल सख्त कदम उठाते हुए सीबीएसई को साक्ष्य समेत रिपोर्ट कार्रवाई के लिए भेज दी है तो वहीं, एसएसटी इंटर कॉलेज की ओर से फिलहाल कोई एक्शन नहीं लिया गया है। जिससे स्कूल प्रबंधन की मंशा पर भी सवालिया निशान लग रहा है।
डीआईओएस को पत्र जारी कर मामले की सघन जांच कर रिपोर्ट देने को कहा गया है। रिपोर्ट में फर्जीवाड़ा की पुष्टि होने पर परिषद को कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेज दी जाएगी।
- राकेश कुमार, क्षेत्रीय सचिव, माध्यमिक शिक्षा परिषद