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शिक्षित बनकर ही बेटियां कर सकती हैं समाज का मार्गदर्शन

Tue, 28 Jan 2020 08:24 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 28 Jan 2020 08:24 PM IST
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Only by becoming educated, daughters can guide the society
शिक्षित बनकर ही बेटियां कर सकती हैं समाज का मार्गदर्शन - फोटो : अमर उजाला, बरेली
अमर उजाला के ‘अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स’ अभियान के तहत हुए कई कार्यक्रम
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रैली निकालकर और पोस्टर व भाषण प्रतियोगिता से दिया बेटी आगे बढ़ाने का संदेश
पोस्टर बनाने में प्रिया और कोमल ने भाषण देने में सबको पीछे छोड़ा
बिलसंडा (पीलीभीत)। अमर उजाला के ‘अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स’ अभियान के तहत कृष्णा नरेश महाविद्यालय की छात्राओं ने जागरूकता रैली निकाली। रैली मुख्य मार्गों से होकर पूरे कस्बे में घूमी। इसमें बेटी पढ़ाने और बेटी आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया।
रैली के बाद महाविद्यालय में छात्राओं की भाषण और पोस्टर प्रतियोगिता हुई। पोस्टर बनाने में प्रिया और भाषण देने में कोमल ने बाजी मारी। दोनों छात्राएं प्रथम स्थान पर रहीं। इस मौके पर हुई गोष्ठी में वक्ताओं ने महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए बेटियों की शिक्षा पर जोर दिया और कहा कि पढ़ लिखकर बेटियां स्वावलंबी बनकर समाज का मार्गदर्शन कर सकती हैं।
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गौहनिया स्थित महाविद्यालय से निकली रैली में ‘बेटी पढ़ेगी, तभी आगे बढ़ेगी’ जैसे स्लोगन लिखे बैनर लेकर निकली छात्राओं ने कस्बे में घूमकर अभिभावकों को अपनी बेटियों को शिक्षित करने पर जोर दिया। रैली मुख्य मार्गों से होकर वापस महाविद्यालय प्रांगण में संपन्न हुई। इसके बाद महिला सशक्तिकरण पर आधारित पोस्टर प्रतियोगिता कराई गई। इसमें लगभग 60 छात्राओं ने प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में प्राचार्य बीके सिंह, आलोक मिश्रा और मोहम्मद रियाज शामिल रहे। पोस्टर प्रतियोगिता में प्रिया पटेल, कनक मिश्रा, महिमा वर्मा और भाषण प्रतियोगिता में कोमल, तान्या गुप्ता, नवलप्रीत कौर कमश: प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पर रहीं।
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छात्राओं पर समाज के निर्माण का दायित्व
प्रतियोगिता के बाद हुई गोष्ठी को संबोधित करते हुए प्रबंधक अखिल अग्रवाल ने कहा कि छात्राओं और किशोरियों पर समाज के निर्माण की जिम्मेदारी है। समाज को भयमुक्त बनाना है तो आपको भी महसूस करना होगा कि आप समाज के साथ कदम ताल कर रही हैं। महिला को जननी कहा जाता है तो यह भी ध्यान रखना होगा कि जननी कभी भी पराजित नहीं होती है। वह हमेशा अपराजिता रहती है। प्राचार्य बीके सिंह ने कहा कि छात्राओं को अपनी ताकत पहचानकर इसका सदुपयोग करना चाहिए। महिलाएं अंतरिक्ष तक पहुंची हैं। किसी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। छात्राएं मन लगाकर पढ़ाई करें और किसी भी प्रकार का उत्पीड़न होने पर चुप्पी न साधें। गोष्ठी को अमित अग्रवाल ने भी संबोधित किया। संचालन आशीष सक्सेना ने किया।

महिला वर्ग खासतौर पर लड़कियों को आत्मनिर्भर बनाने की मुहिम प्रशंसनीय है। सभी छात्राएं इस मुहिम का हिस्सा बनें और आत्मरक्षा के गुर सीखें। -रूपाली कनौजिया

समाज में पुरुष महिलाओं का सम्मान करें। स्वामी विवेकानंद जी ने कहा था कि जिस देश में महिलाओं का सम्मान नहीं होता वह देश प्रगति नहीं कर सकता। -प्रिया पटेल


कन्या भ्रूण हत्या समाज के लिए अभिशाप है। इसे रोकने के लिए सरकार ने जो कानून बनाए हैं। उनका कड़ाई से पालन होना चाहिए। महिलाओं को कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठानी चाहिए। -पल्लवी सिंह

दहेज प्रथा समाज की बुराई है। इस बुराई को खत्म करने के लिए सरकार ठोस कदम उठाए। इससे निपटने के लिए बेटियों को आत्मनिर्भर बनना पड़ेगा। -पारूल वर्मा
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