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Bareilly News: पेड़ों की शिफ्टिंग के आकलन के बाद मिलेगी मार्ग के चौड़ीकरण की मंजूरी
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बरेली। मीरगंज-दिवना मार्ग का चौड़ीकरण होना है। पर्यावरण संकट के मद्देनजर इसकी मंजूरी अटक गई है। जिन पेड़ों को काटे बिना मार्ग का चौड़ीकरण हो सकता है, लोक निर्माण विभाग की व्यय वित्त समिति ने उनकी गिनती कराने और जो इसकी जद में आ रहे हैं, उनको शिफ्ट करने की व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए हैं। इन निर्देशों के अनुरूप एस्टीमेट तैयार होने पर ही चौड़ीकरण को मंजूरी दी जाएगी।
लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड ने अन्य जिला मार्ग की श्रेणी में आने वाले 9.6 किलोमीटर लंबे मार्ग का चौड़ीकरण 17 करोड़ 15 लाख रुपये की लागत से प्रस्तावित किया गया है। सड़क को 3.75 मीटर से 5.5 मीटर चौड़ा किया जाना है। इसका लोक निर्माण विभाग ने एस्टीमेट तैयार किया है। एस्टीमेट के मुताबिक 344 पेड़ काटने पड़ेंगे। पेड़ काटने और दूसरी जगह पौधे लगाने पर 2.8 करोड़ रुपये व्यय होने का आकलन किया गया है। जब व्यय वित्त समिति को पता चला कि 344 पेड़ काटे जाएंगे तो सदस्य बोले- बेशक चौड़ीकरण जरूरी है, लेकिन पेड़ कम से कम कटें, यह सुनिश्चित करना सबकी जिम्मेदारी है। इसी मंशा से दोबारा आकलन कराएं। मुख्य अभियंता अजय कुमार ने बताया कि पेड़ों की गणना फिर से कराई जाएगी।
सांसद छत्रपाल गंगवार और मीरगंज के विधायक डीसी वर्मा ने चौड़ीकरण का पहले प्रस्ताव दिया था। कहा था कि मार्ग पर वाहनों का आवागमन लगातार बढ़ रहा है। सड़क की मौजूदा हालत खराब है। इसी मार्ग से तीस गांवों के किसानों का ब्लाक और तहसील मुख्यालय के साथ मीरगंज शुगर मिल तक किसानों का आना-जाना होता है। विधायक डीसी वर्मा विधानसभा में सड़क की बदहाली का मुद्दा कई बार उठा चुके हैं। अब आने वाले सत्र में सवाल करेंगे। मुख्यमंत्री से भी मिलेंगे।
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लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड ने अन्य जिला मार्ग की श्रेणी में आने वाले 9.6 किलोमीटर लंबे मार्ग का चौड़ीकरण 17 करोड़ 15 लाख रुपये की लागत से प्रस्तावित किया गया है। सड़क को 3.75 मीटर से 5.5 मीटर चौड़ा किया जाना है। इसका लोक निर्माण विभाग ने एस्टीमेट तैयार किया है। एस्टीमेट के मुताबिक 344 पेड़ काटने पड़ेंगे। पेड़ काटने और दूसरी जगह पौधे लगाने पर 2.8 करोड़ रुपये व्यय होने का आकलन किया गया है। जब व्यय वित्त समिति को पता चला कि 344 पेड़ काटे जाएंगे तो सदस्य बोले- बेशक चौड़ीकरण जरूरी है, लेकिन पेड़ कम से कम कटें, यह सुनिश्चित करना सबकी जिम्मेदारी है। इसी मंशा से दोबारा आकलन कराएं। मुख्य अभियंता अजय कुमार ने बताया कि पेड़ों की गणना फिर से कराई जाएगी।
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सांसद छत्रपाल गंगवार और मीरगंज के विधायक डीसी वर्मा ने चौड़ीकरण का पहले प्रस्ताव दिया था। कहा था कि मार्ग पर वाहनों का आवागमन लगातार बढ़ रहा है। सड़क की मौजूदा हालत खराब है। इसी मार्ग से तीस गांवों के किसानों का ब्लाक और तहसील मुख्यालय के साथ मीरगंज शुगर मिल तक किसानों का आना-जाना होता है। विधायक डीसी वर्मा विधानसभा में सड़क की बदहाली का मुद्दा कई बार उठा चुके हैं। अब आने वाले सत्र में सवाल करेंगे। मुख्यमंत्री से भी मिलेंगे।
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