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टेरर फंडिंग मामले में एक और नया खुलासा, पुलिस से बचने के लिए निकाला था ये तरीका
Mon, 14 Oct 2019 10:51 PM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बरेली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बरेली
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 14 Oct 2019 10:51 PM IST
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टेरर फंडिंग के आरोपी
- फोटो : Social Media
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टेरर फंडिंग मामले में एक और नया खुलासा हुआ है। गिरोह के सदस्य आमने-सामने काफी कम मिलते थे। फोन कॉल के बजाय एकदूसरे से व्हाट्सएप कॉल और वॉयस मैसेज के जरिये ही एकदूसरे से बात करते थे, ताकि सुरक्षा एजेंसियां उनकी बात न सुन सकें।
सूत्रों के मुताबिक आरोपियों के मोबाइल से तमाम वॉयस रिकॉर्डिंग और व्हाट्सएप पर मैसेज मिले हैं। इन मैसेजों से कई अहम जानकारियां भी पुलिस के हाथ लगी हैं।
जानकार बताते हैं कि आरोपियों को इस बात की जानकारी थी कि पुलिस उनकी कॉल को रिकॉर्ड कर सकती है। इसलिए व्हाट्सएप से मैसेज भेजकर और वॉयस कॉल करते थे।
टेरर फंडिंग : एटीएस ने आरोपियों को सात दिन के रिमांड पर लिया
टेरर फंडिंग के मामले में जेल भेजे गए चार आरोपियों को सोमवार को सुनवाई के बाद सीजेएम ने सात दिन के लिए एटीएस को रिमांड पर देने की मंजूरी दे दी। हालांकि जांच कर रहे एटीएस के डीएसपी ने 10 दिन का रिमांड मांगा था। कोर्ट की मंजूरी मिलने के बाद एटीएस टीम जिला कारागार से चारों आरोपियों को अपने साथ ले गई। अब एटीएस पूछताछ से आतंकियों को रकम पहुंचाने वाले मददगारों को बेनकाब करेगी।
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सूत्रों के मुताबिक आरोपियों के मोबाइल से तमाम वॉयस रिकॉर्डिंग और व्हाट्सएप पर मैसेज मिले हैं। इन मैसेजों से कई अहम जानकारियां भी पुलिस के हाथ लगी हैं।
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जानकार बताते हैं कि आरोपियों को इस बात की जानकारी थी कि पुलिस उनकी कॉल को रिकॉर्ड कर सकती है। इसलिए व्हाट्सएप से मैसेज भेजकर और वॉयस कॉल करते थे।
टेरर फंडिंग : एटीएस ने आरोपियों को सात दिन के रिमांड पर लिया
टेरर फंडिंग के मामले में जेल भेजे गए चार आरोपियों को सोमवार को सुनवाई के बाद सीजेएम ने सात दिन के लिए एटीएस को रिमांड पर देने की मंजूरी दे दी। हालांकि जांच कर रहे एटीएस के डीएसपी ने 10 दिन का रिमांड मांगा था। कोर्ट की मंजूरी मिलने के बाद एटीएस टीम जिला कारागार से चारों आरोपियों को अपने साथ ले गई। अब एटीएस पूछताछ से आतंकियों को रकम पहुंचाने वाले मददगारों को बेनकाब करेगी।
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यूपी एटीएस ने 11 अक्तूबर को लखीमपुर खीरी पुलिस की मदद से नेपाल से आतंकियों को आर्थिक मदद देने वाले गिरोह के चार लोग गिरफ्तार किए थे। इनमें परतापुर चौधरी थाना इज्जतनगर (बरेली) के उम्मेद अली व सलीम सलमानी और तिकुनियां (लखीमपुर खीरी) के संजय अग्रवाल व एराज अली शामिल हैं।
शुक्रवार को पुलिस ने सभी को सीजेएम की अदालत में पेश कर सात दिन का कस्टडी रिमांड मांगा था। कोर्ट ने चारों आरोपियों को जेल भेजते हुए रिमांड की अर्जी पर 14 अक्तूबर को सुनवाई की तिथि तय की थी। इसी दिन आरोपियों से कस्टडी रिमांड अर्जी पर आपत्ति मांगी थी।
सोमवार को सुबह 11.20 बजे अदालत में चारों आरोपियों को पेश किया गया। केवल संजय अग्रवाल की ओर से आपत्ति दाखिल की गई जिसमें कहा गया कि उन्हें फर्जी तरीके से परेशान करने के लिए पुलिस कस्टडी रिमांड मांग रही है। अधिवक्ता ने कहा कि गिरफ्तारी दिखाने से तीन दिन पहले ही पुलिस घर से उठा ले गई थी। उन तीन दिन में जो भी पूछताछ होनी थी, हो चुकी है।
साथ ही आशंका जताई कि कस्टडी में लेकर पुलिस उत्पीड़न करेगी। फर्जी बरामदगी भी दिखा सकती है। लिहाजा एक वकील को पूछताछ के दौरान साथ में रहने दिया जाए।
शुक्रवार को पुलिस ने सभी को सीजेएम की अदालत में पेश कर सात दिन का कस्टडी रिमांड मांगा था। कोर्ट ने चारों आरोपियों को जेल भेजते हुए रिमांड की अर्जी पर 14 अक्तूबर को सुनवाई की तिथि तय की थी। इसी दिन आरोपियों से कस्टडी रिमांड अर्जी पर आपत्ति मांगी थी।
सोमवार को सुबह 11.20 बजे अदालत में चारों आरोपियों को पेश किया गया। केवल संजय अग्रवाल की ओर से आपत्ति दाखिल की गई जिसमें कहा गया कि उन्हें फर्जी तरीके से परेशान करने के लिए पुलिस कस्टडी रिमांड मांग रही है। अधिवक्ता ने कहा कि गिरफ्तारी दिखाने से तीन दिन पहले ही पुलिस घर से उठा ले गई थी। उन तीन दिन में जो भी पूछताछ होनी थी, हो चुकी है।
साथ ही आशंका जताई कि कस्टडी में लेकर पुलिस उत्पीड़न करेगी। फर्जी बरामदगी भी दिखा सकती है। लिहाजा एक वकील को पूछताछ के दौरान साथ में रहने दिया जाए।
एटीएस की ओर से डीएसपी शैलेंद्र सिंह राठौर ने कहा कि वांछित मुमताज के नेपाली लिंक और फहीम तथा सदाकत के नेटवर्क का खुलासा करने के लिए आरोपियों की 10 दिन की कस्टडी जरूरी है।
सुनवाई के बाद कोर्ट ने सात दिन के लिए कस्टडी रिमांड अर्जी मंजूर कर ली। कस्टडी रिमांड की अवधि सोमवार की शाम पांच बजे से शुरू हो गई, जो 21 अक्तूबर की शाम पांच बजे तक रहेगी।
सुनवाई के बाद कोर्ट ने सात दिन के लिए कस्टडी रिमांड अर्जी मंजूर कर ली। कस्टडी रिमांड की अवधि सोमवार की शाम पांच बजे से शुरू हो गई, जो 21 अक्तूबर की शाम पांच बजे तक रहेगी।