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एक और लेखपाल पर बाढ़ पीड़ितों से धन उगाही करने का आरोप, डीएम से शिकायत
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धौरहरा के बाढ़ कटान पीड़ित डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन करते
- फोटो : LAKHIMPUR
लखीमपुर खीरी। धौरहरा तहसील क्षेत्र में बाढ़ पीड़ितों से लेखपाल द्वारा अवैध धन उगाही किए जाने का एक और मामला सामने आया है। भाजपा नेता विनोद धौरहरा की अगुवाई में गांव मिलिक के बाढ़ पीड़ित किसान शिकायत लेकर शुक्रवार पूर्वाह्न 11 बजे कलक्ट्रेट में डीएम कार्यालय पहुंचे और क्षेत्रीय लेखपाल व मुंशी पर कृषि निवेश अनुदान दिलाने के लिए प्रत्येक किसान से 500 से 1000 रुपये वसूलने का आरोप लगाया। साथ ही बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री वितरित करने में भेदभाव करने का आरोप लगाया है।
अक्तूबर में हुई बेमौसम बारिश से घाघरा व शारदा नदियों में आई भीषण बाढ़ के कारण सैकड़ों गांव प्रभावित हुए थे। इसमें धौरहरा क्षेत्र का मिलिक गांव भी शामिल है। बाढ़ से किसानों को भारी नुकसान हुआ था। घर समेत पूरी फसलें नष्ट हो हो गईं। बाढ़ पीड़ित बिहारी, सीताराम आदि ने डीएम को दिए शिकायती पत्र में बताया है कि क्षेत्रीय लेखपाल व उनके मुंशी ने मिलकर अनुदान दिलाने के नाम पर प्रति किसान 500 से 1000 रुपये वसूले। इसके बाद सरकार से मिलने वाले अनुदान में भी 40 प्रतिशत कमीशन की वसूली के लिए बाढ़ पीड़ितों पर दबाव बनाया जा रहा था। आरोप है कि लेखपाल व उसके मुंशी ने लोगों के मोबाइल बंद करा दिए फिर धमकाया कि जो 40 प्रतिशत कमीशन नहीं देगा उसे अनुदान नहीं दिलाया जाएगा। साथ ही शिकायत करने पर भूमाफिया की कार्रवाई के तहत मुकदमा दर्ज कराने की धमकी दी है। बाढ़ पीड़ित तहसील गए लेकिन वहां सुनवाई नहीं हुई।
बताते चलें कि धौरहरा तहसील क्षेत्र के गांव समैसा के लेखपाल पुष्पेंद्र कुमार को डीएम के आदेश पर एसडीएम धौरहरा ने 23 नवंबर को निलंबित किया था। क्योंकि बाढ़ पीड़ितों ने अनुदान दिलाने के नाम पर धन उगाही करते हुए वीडियो बनाकर वायरल कर दिया था।
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धौरहरा क्षेत्र के गांव मिलिक के किसानों ने लेखपाल के खिलाफ शिकायत की है। जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। आरोपों की पुष्टि होने पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- महेंद्र बहादुर सिंह, डीएम
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अक्तूबर में हुई बेमौसम बारिश से घाघरा व शारदा नदियों में आई भीषण बाढ़ के कारण सैकड़ों गांव प्रभावित हुए थे। इसमें धौरहरा क्षेत्र का मिलिक गांव भी शामिल है। बाढ़ से किसानों को भारी नुकसान हुआ था। घर समेत पूरी फसलें नष्ट हो हो गईं। बाढ़ पीड़ित बिहारी, सीताराम आदि ने डीएम को दिए शिकायती पत्र में बताया है कि क्षेत्रीय लेखपाल व उनके मुंशी ने मिलकर अनुदान दिलाने के नाम पर प्रति किसान 500 से 1000 रुपये वसूले। इसके बाद सरकार से मिलने वाले अनुदान में भी 40 प्रतिशत कमीशन की वसूली के लिए बाढ़ पीड़ितों पर दबाव बनाया जा रहा था। आरोप है कि लेखपाल व उसके मुंशी ने लोगों के मोबाइल बंद करा दिए फिर धमकाया कि जो 40 प्रतिशत कमीशन नहीं देगा उसे अनुदान नहीं दिलाया जाएगा। साथ ही शिकायत करने पर भूमाफिया की कार्रवाई के तहत मुकदमा दर्ज कराने की धमकी दी है। बाढ़ पीड़ित तहसील गए लेकिन वहां सुनवाई नहीं हुई।
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बताते चलें कि धौरहरा तहसील क्षेत्र के गांव समैसा के लेखपाल पुष्पेंद्र कुमार को डीएम के आदेश पर एसडीएम धौरहरा ने 23 नवंबर को निलंबित किया था। क्योंकि बाढ़ पीड़ितों ने अनुदान दिलाने के नाम पर धन उगाही करते हुए वीडियो बनाकर वायरल कर दिया था।
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धौरहरा क्षेत्र के गांव मिलिक के किसानों ने लेखपाल के खिलाफ शिकायत की है। जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। आरोपों की पुष्टि होने पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- महेंद्र बहादुर सिंह, डीएम