{"_id":"5a7c7d774f1c1ba32a8b6640","slug":"anomalies-in-distribution-of-pm-awas-unearthed","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘अपनों’ को आवास की रकम दिलाने का हुआ ‘खेल’ ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘अपनों’ को आवास की रकम दिलाने का हुआ ‘खेल’
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Fri, 09 Feb 2018 08:35 PM IST
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प्रधानमंत्री आवास की 1.20 की रकम ‘चहेतों’ को दिलाने के लिए प्रधान, सेक्रेटरी से लेकर बीडीओ ने लाभार्थियों की लिस्ट में जमकर फर्जीवाड़ा किया है। आवास देने के लिए ब्लॉकों से आए 46 हजार से ज्यादा लोगों की सूची की जब जिले के अधिकारियों से क्रास चेकिंग कराई जा रही है तो उसमें एक के बाद एक गड़बड़ी की परत खुलती जा रही हैं।
गांवों में प्रधानमंत्री आवास योजना में लाभार्थियों को पक्की छत मिल सके, इसके लिए वर्ष 2014-15 में सभी ब्लॉकों में सर्वे कराया गया था। इसमें पात्र मिले 12191 लोगों को प्रधानमंत्री आवास दिए जा रहे हैं। जिला ग्राम्य विकास अभिकरण (डीआरडीए) 2016-17 और 2017-18 में 4781 लाभार्थियों को आवास बनाने की रकम भी दी जा चुकी है। जिला प्रशासन ने प्रधानमंत्री आवास देने के लिए हाल में एक बार फिर नया सर्वे कराया था, ताकि पुरानी सूची में छूटे पात्र लोगों के नाम भी हो सके। इसमें प्रधान, सेक्रेटरी और बीडीओ ने गड़बड़ी का खूब खेल खेला और नई सूची में बड़ी संख्या में अपात्रों के नाम शामिल कर दिए। सूची की हकीकत जानने के लिए उसमें शामिल 46279 लोगों की जब जिला स्तरीय अधिकारियों की 80 टीमों से क्रॉस चेकिंग कराई गई है तो उसमें बड़े पैमाने पर हुई गड़बड़ी से पर्दा उठना शुरू हो गया।
रकम दिलाने के नाम पर खूब हुई उगाही
- प्रधानमंत्री आवास की रकम दिलाने के नाम पर ग्रामीणों से खूब उगाही की गई है। कई लाभार्थियों का कहना है कि नाम सूची में दर्ज कराने के लिए उनसे 15 से 20 हजार रुपये वसूल किए गए हैं। गांवों के लोगों से कहा गया है कि जितने छूटे हैं, उन सभी को घर बनाने का पैसा मिल जाएगा। हालांकि अधिकारी इस तरह की कोई लिखित शिकायत न होने की बात कह रहे हैं।
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हद हो गई...बीडीओ साहब ने तोड़ा गड़बड़ी का रिकार्ड
- प्रधानमंत्री आवास की रकम देने के लिए बीडीओ ने अपने ब्लॉकों से जो आवास लाभार्थियों की लिस्ट भेजी है, उसमें रिकार्ड तोड़ गड़बड़ी सामने आई है। दमखोदा ब्लॉक की ग्राम पंचायत खमरिया गोेपाडांडी के 135 लोगों की जांच क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी ने की तो उसमें केवल 10 लोग ही पात्र मिले। भुता ब्लॉक की ग्राम पंचायत बिलोआ में ग्रामीण अभियंता विकास के अधिशासी अभियंता को 170 लोगों की जांच में सिर्फ 85 पात्रता में खरे मिले हैं। दमखोदा ब्लॉक की ग्राम पंचायत इग्राह में भी 119 लाभार्थियों में केवल 10 लोग ही सही मिले हैं। सूत्र बताते हैं कि अन्य ग्राम पंचायतों में जांच रिपोर्ट के भी यही हाल है, जो जांच अधिकारियों से आ रही हैं।
पीएम आवास के मौजूदा लिस्ट में भी झोल
- ग्रामीणों को मौजूदा जिस लिस्ट के आधार पर पीएम आवास की रकम जारी की जा रही हैं, उसमें भी कम झोल नहीं है। भोजीपुरा की पचदौरा कलां में 30 लोग जांच में अपात्र मिले। इसी गांव में 11 लोग ऐसे थे, जिन्हें आवास बनाने के लिए पहली किस्त भी जारी कर दी गई थी। अब इनसे रिकवरी कराई जा रही है। नवाबगंज की रतना चुन्नीलाल में आठ और भदपुरा में आठ लोगों को आवास की रकम दी जा रही थी लेकिन जांच हुई तो ये सभी अपात्र मिले। ये बानगी है, जबकि अपात्रों की तादाद इससे कहीं अधिक बताई जा रही है।
पीडी बोले : दबाव में शामिल किए अपात्रों के नाम
डीआरडीए के पीडी वीरेंद्र कुमार ने पीएम आवास की नई सूची में अपात्रों के नाम शामिल करने पर बोले कि गांवों में सेक्रेटरी सहित अन्य कर्मचारियों पर काफी दबाव होता है। इसलिए जिला स्तरीय अधिकारियों से सूची की फिर से जांच कराई जा रही है। अपात्र मिलने वालों के नाम हटा दिए जाएंगे।
लाभार्थियों की नई सूची की त्रिस्तरीय जांच कराई जाएगी। जिला स्तरीय अधिकारियों से अभी पहले स्तर की जांच हुई है। अभी दो जांच और होने के बाद लिस्ट फाइनल की जाएगी।
- सत्येंद्र कुमार, सीडीओ
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गांवों में प्रधानमंत्री आवास योजना में लाभार्थियों को पक्की छत मिल सके, इसके लिए वर्ष 2014-15 में सभी ब्लॉकों में सर्वे कराया गया था। इसमें पात्र मिले 12191 लोगों को प्रधानमंत्री आवास दिए जा रहे हैं। जिला ग्राम्य विकास अभिकरण (डीआरडीए) 2016-17 और 2017-18 में 4781 लाभार्थियों को आवास बनाने की रकम भी दी जा चुकी है। जिला प्रशासन ने प्रधानमंत्री आवास देने के लिए हाल में एक बार फिर नया सर्वे कराया था, ताकि पुरानी सूची में छूटे पात्र लोगों के नाम भी हो सके। इसमें प्रधान, सेक्रेटरी और बीडीओ ने गड़बड़ी का खूब खेल खेला और नई सूची में बड़ी संख्या में अपात्रों के नाम शामिल कर दिए। सूची की हकीकत जानने के लिए उसमें शामिल 46279 लोगों की जब जिला स्तरीय अधिकारियों की 80 टीमों से क्रॉस चेकिंग कराई गई है तो उसमें बड़े पैमाने पर हुई गड़बड़ी से पर्दा उठना शुरू हो गया।
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रकम दिलाने के नाम पर खूब हुई उगाही
- प्रधानमंत्री आवास की रकम दिलाने के नाम पर ग्रामीणों से खूब उगाही की गई है। कई लाभार्थियों का कहना है कि नाम सूची में दर्ज कराने के लिए उनसे 15 से 20 हजार रुपये वसूल किए गए हैं। गांवों के लोगों से कहा गया है कि जितने छूटे हैं, उन सभी को घर बनाने का पैसा मिल जाएगा। हालांकि अधिकारी इस तरह की कोई लिखित शिकायत न होने की बात कह रहे हैं।
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हद हो गई...बीडीओ साहब ने तोड़ा गड़बड़ी का रिकार्ड
- प्रधानमंत्री आवास की रकम देने के लिए बीडीओ ने अपने ब्लॉकों से जो आवास लाभार्थियों की लिस्ट भेजी है, उसमें रिकार्ड तोड़ गड़बड़ी सामने आई है। दमखोदा ब्लॉक की ग्राम पंचायत खमरिया गोेपाडांडी के 135 लोगों की जांच क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी ने की तो उसमें केवल 10 लोग ही पात्र मिले। भुता ब्लॉक की ग्राम पंचायत बिलोआ में ग्रामीण अभियंता विकास के अधिशासी अभियंता को 170 लोगों की जांच में सिर्फ 85 पात्रता में खरे मिले हैं। दमखोदा ब्लॉक की ग्राम पंचायत इग्राह में भी 119 लाभार्थियों में केवल 10 लोग ही सही मिले हैं। सूत्र बताते हैं कि अन्य ग्राम पंचायतों में जांच रिपोर्ट के भी यही हाल है, जो जांच अधिकारियों से आ रही हैं।
पीएम आवास के मौजूदा लिस्ट में भी झोल
- ग्रामीणों को मौजूदा जिस लिस्ट के आधार पर पीएम आवास की रकम जारी की जा रही हैं, उसमें भी कम झोल नहीं है। भोजीपुरा की पचदौरा कलां में 30 लोग जांच में अपात्र मिले। इसी गांव में 11 लोग ऐसे थे, जिन्हें आवास बनाने के लिए पहली किस्त भी जारी कर दी गई थी। अब इनसे रिकवरी कराई जा रही है। नवाबगंज की रतना चुन्नीलाल में आठ और भदपुरा में आठ लोगों को आवास की रकम दी जा रही थी लेकिन जांच हुई तो ये सभी अपात्र मिले। ये बानगी है, जबकि अपात्रों की तादाद इससे कहीं अधिक बताई जा रही है।
पीडी बोले : दबाव में शामिल किए अपात्रों के नाम
डीआरडीए के पीडी वीरेंद्र कुमार ने पीएम आवास की नई सूची में अपात्रों के नाम शामिल करने पर बोले कि गांवों में सेक्रेटरी सहित अन्य कर्मचारियों पर काफी दबाव होता है। इसलिए जिला स्तरीय अधिकारियों से सूची की फिर से जांच कराई जा रही है। अपात्र मिलने वालों के नाम हटा दिए जाएंगे।
लाभार्थियों की नई सूची की त्रिस्तरीय जांच कराई जाएगी। जिला स्तरीय अधिकारियों से अभी पहले स्तर की जांच हुई है। अभी दो जांच और होने के बाद लिस्ट फाइनल की जाएगी।
- सत्येंद्र कुमार, सीडीओ