{"_id":"66f4b7311f5fae6cd70d7066","slug":"animal-remains-found-on-the-banks-of-the-devraniyan-river-baheri-news-c-124-1-sbly1010-102921-2024-09-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: देवरनियां नदी के किनारे मिले पशु अवशेष","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: देवरनियां नदी के किनारे मिले पशु अवशेष
Thu, 26 Sep 2024 06:51 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Thu, 26 Sep 2024 06:51 AM IST
विज्ञापन
भोजीपुरा। प्रहलादपुर गांव के पास से बह रही देवरनियां नदी के किनारे बुधवार को पशु अवशेष मिले। इन्हें संरक्षित पशु का बताकर ग्रामीणों ने पुलिस से शिकायत की। नमूना जांच के लिए भेजने के साथ ही पुलिस ने अवशेष दफन करा दिए। गांव में दो सितंबर को भी संरक्षित पशु के अवशेष मिले थे। दोनों ही मामलों में रिपोर्ट दर्ज न करने को लेकर ग्रामीणों में थाना पुलिस के प्रति आक्रोश है।
ग्रामीणों ने बताया कि बुधवार को गांव के ही कुछ लोग नदी की ओर जा रहे थे, इसी दौरान उन्होंने अवशेष पड़े देखे। मौके पर पड़ा खून व गोबर ताजा था। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि रात के समय यहां संरक्षित पशु की हत्या करने के बाद तस्कर मांस ले गए। सूचना पर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद अवशेष गड्ढा खोदवाकर दफन करा दिए गए।
खाल का एक टुकड़ा जांच के लिए पशु चिकित्सा अधिकारी को दिया गया है। एसआई संदेश कुमार सिंह कहना है कि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि अवशेष संरक्षित पशु के हैं या नहीं। वहीं, गांव वालों ने आरोप लगाया कि पुलिस कार्रवाई के नाम पर हीलाहवाली कर रही है। इससे पहले भी दो सितंबर को गांव में संरक्षित पशु के अवशेष मिले थे। पुलिस गांव भी पहुंची मगर कार्रवाई के बिना ही लौट आई।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि पुलिस की ढिलाई के चलते क्षेत्र में मांस तस्करों के हौसले बुलंद हैं। आए दिन संरक्षित पशुओं की हत्या की घटनाएं सामने आती हैं। ज्यादातर मामलों में तस्कर पकड़े ही नहीं जाते। मामले में प्रभारी निरीक्षक प्रवीन सोलंकी का कहना है कि मामले में जांच के बाद ही कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने बताया कि बुधवार को गांव के ही कुछ लोग नदी की ओर जा रहे थे, इसी दौरान उन्होंने अवशेष पड़े देखे। मौके पर पड़ा खून व गोबर ताजा था। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि रात के समय यहां संरक्षित पशु की हत्या करने के बाद तस्कर मांस ले गए। सूचना पर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद अवशेष गड्ढा खोदवाकर दफन करा दिए गए।
विज्ञापन
खाल का एक टुकड़ा जांच के लिए पशु चिकित्सा अधिकारी को दिया गया है। एसआई संदेश कुमार सिंह कहना है कि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि अवशेष संरक्षित पशु के हैं या नहीं। वहीं, गांव वालों ने आरोप लगाया कि पुलिस कार्रवाई के नाम पर हीलाहवाली कर रही है। इससे पहले भी दो सितंबर को गांव में संरक्षित पशु के अवशेष मिले थे। पुलिस गांव भी पहुंची मगर कार्रवाई के बिना ही लौट आई।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि पुलिस की ढिलाई के चलते क्षेत्र में मांस तस्करों के हौसले बुलंद हैं। आए दिन संरक्षित पशुओं की हत्या की घटनाएं सामने आती हैं। ज्यादातर मामलों में तस्कर पकड़े ही नहीं जाते। मामले में प्रभारी निरीक्षक प्रवीन सोलंकी का कहना है कि मामले में जांच के बाद ही कार्रवाई की जाएगी।