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.... और सरकारी मेहमान खिसक लिए
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली
Updated Tue, 25 Oct 2016 01:18 AM IST
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राशन की दुकान पर लगी सूची को देखते उपभोक्ता।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो हाथरस
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राज्य खाद्य व आवश्यक वस्तु निगम चेयरमैन के प्रतिनिधि बनकर आया चार सदस्यीय निरीक्षण दल असलियत खुलते ही खिसक लिया। इस दल को सोमवार सुबह नवाबगंज तहसील स्थित सरकारी राशन दुकान, रेस्त्रां, और ढाबों का निरीक्षण करना था। यह खुलासा हुआ कि इनको छापे या निरीक्षण का अधिकार नहीं है तो उनके खिलाफ कार्रवाई को प्रोटोकाल विभाग से कहा गया है।
एसएफसी (राज्य खाद्य व आवश्यक वस्तु निगम) चेयरमैन चौधरी रियासत राना के निजी सचिव इंतजार मलिक ने शनिवार में एक फैक्स जिलाधिकारी बरेली नाम से प्रेषित किया था। इसमें निर्देशित किया गया कि चेयरमैन के निर्देश पर उनकी प्रतिनिधि समाजवादी महिला सभा प्रदेश सचिव सुश्री मिथलेश गौतम के साथ अशोक शर्मा, चौधरी लियाकत अली तथा मनोज कुमार कश्यप निरीक्षण करेंगे। निजी सचिव ने सर्किट हाउस/ लोनिवि अतिथि गृह में कक्ष आरक्षण और प्रोटोकाल के तहत सुरक्षा आदि प्रदान करने को कहा। निजी सचिव ने नवाबगंज तहसील में राशन दुकानें, ढाबे और रेस्त्रां आदि चेकिंग के दौरान संबंधित विभाग से एक एक अधिकारी साथ रहेगा।
निजी सचिव पत्र आते ही नगर मजिस्ट्रेट कार्यालय सक्रिय हो गया और जिला प्रबंधक एसएफसी और डीएसओ को निर्देश जारी कर दिए। सर्किट हाउस का कक्ष भी आरक्षित कर दिया सोमवार सुबह अफसरों से बैठक और चेकिंग का कार्यक्रम तय था। एक दो अफसर पहुंचे, लेकिन बैठक जैसा कोई माहौल ही नहीं था। मामला जब जिला अधिकारी तक पहुंचा तो नगर मजिस्ट्रेट मनोज से छानबीन करने को कहा गया। नगर मजिस्ट्रेट ने लखनऊ फोन किए और पूरी जानकारी जुटायी, इसके बाद संबंधित अफसरों से कह दिया कि वे सर्किट हाउस से वापस आ जाएं। इसकी भनक निरीक्षण दल लगी और दाल में कुछ काला समझा। करीब सवा 11 बजे चार सदस्यीय दल सर्किट से खिसक लिया।
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निरीक्षण दल नेतृत्व कर रहीं सुश्री मिथलेश गौतम ने फोन पर बताया कि अचानक जरूरी काम आने से कार्यक्रम रद करना पड़ा है। बरेली में राशन वितरण, कालाबाजारी आदि ज्यादा शिकायतें है, त्योहार पर मिलावट और घटतौली हो रही है। करीब दर्जन भर जिलों में चेकिंग हो चुकी है, फिर से बरेली कार्यक्रम बनेगा।
‘जब यह संज्ञान में आया कि उनका निरीक्षण करना नियमों के विपरीत है तो उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रोटोकाल विभाग को लिखा जा रहा है।’ मनोज, सिटी मजिस्ट्रेट
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एसएफसी (राज्य खाद्य व आवश्यक वस्तु निगम) चेयरमैन चौधरी रियासत राना के निजी सचिव इंतजार मलिक ने शनिवार में एक फैक्स जिलाधिकारी बरेली नाम से प्रेषित किया था। इसमें निर्देशित किया गया कि चेयरमैन के निर्देश पर उनकी प्रतिनिधि समाजवादी महिला सभा प्रदेश सचिव सुश्री मिथलेश गौतम के साथ अशोक शर्मा, चौधरी लियाकत अली तथा मनोज कुमार कश्यप निरीक्षण करेंगे। निजी सचिव ने सर्किट हाउस/ लोनिवि अतिथि गृह में कक्ष आरक्षण और प्रोटोकाल के तहत सुरक्षा आदि प्रदान करने को कहा। निजी सचिव ने नवाबगंज तहसील में राशन दुकानें, ढाबे और रेस्त्रां आदि चेकिंग के दौरान संबंधित विभाग से एक एक अधिकारी साथ रहेगा।
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निजी सचिव पत्र आते ही नगर मजिस्ट्रेट कार्यालय सक्रिय हो गया और जिला प्रबंधक एसएफसी और डीएसओ को निर्देश जारी कर दिए। सर्किट हाउस का कक्ष भी आरक्षित कर दिया सोमवार सुबह अफसरों से बैठक और चेकिंग का कार्यक्रम तय था। एक दो अफसर पहुंचे, लेकिन बैठक जैसा कोई माहौल ही नहीं था। मामला जब जिला अधिकारी तक पहुंचा तो नगर मजिस्ट्रेट मनोज से छानबीन करने को कहा गया। नगर मजिस्ट्रेट ने लखनऊ फोन किए और पूरी जानकारी जुटायी, इसके बाद संबंधित अफसरों से कह दिया कि वे सर्किट हाउस से वापस आ जाएं। इसकी भनक निरीक्षण दल लगी और दाल में कुछ काला समझा। करीब सवा 11 बजे चार सदस्यीय दल सर्किट से खिसक लिया।
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निरीक्षण दल नेतृत्व कर रहीं सुश्री मिथलेश गौतम ने फोन पर बताया कि अचानक जरूरी काम आने से कार्यक्रम रद करना पड़ा है। बरेली में राशन वितरण, कालाबाजारी आदि ज्यादा शिकायतें है, त्योहार पर मिलावट और घटतौली हो रही है। करीब दर्जन भर जिलों में चेकिंग हो चुकी है, फिर से बरेली कार्यक्रम बनेगा।
‘जब यह संज्ञान में आया कि उनका निरीक्षण करना नियमों के विपरीत है तो उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रोटोकाल विभाग को लिखा जा रहा है।’ मनोज, सिटी मजिस्ट्रेट