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आंवला में बदल सकता है बसपा का टिकट
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Sun, 17 Apr 2016 02:02 AM IST
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आंवला विधानसभा में बसपा टिकट बदल सकती है। अब तक तैयारी कर रहे अगम मौर्य के स्थान पर पार्टी बदले समीकरण में किसी ब्राह्मण चेहरे को प्रत्याशी बना सकती है। पार्टी सूत्रों ने बताया कि बसपा हाईकमान को पार्टी के रणनीतिकारों ने संदेश दिया है कि इस विधानसभा में मौर्य बिरादरी का प्रत्याशी नहीं जीत सकता। पिछले चुनाव का हवाला भी दिया गया है। मौर्य बिरादरी के प्रत्याशी इस सीट पर जीत नहीं सके। बुलाकीराम मौर्य 2002 में बसपा से यहां चुनाव लड़े तो 29704 वोटों पर ही सिमट गए। 2007 में उन्होंने सवा से भाग्य आजमाया तो भी 30750 वोट ही पा सके। पिछले चुनाव में कांग्रेस से चुनाव लड़ीं अनुपमा मौर्य को 15715 वोट ही मिल सके। पार्टी हाईकमान को संदेश दिया गया है कि सपा से महिपाल सिंह के आने के बाद यादव और मुस्लिम वोट बैंक के सहारे और लोधी, कश्यप, क्षत्रिय तथा अन्य वोटों के बल पर भाजपा के धर्मपाल सिंह भी 50 हजार से ज्यादा वोट पा सकते हैं, ऐसे में मौर्य जीतने की स्थिति में शायद न आ सकें। कांग्रेस अगर मैदान से बाहर रहती है और महानदल का कोई प्रत्याशी मैदान में आता है तो भी बसपा के लिए मुस्किल होगी। ऐसे में बसपा के रणनीतिकारों ने 2007 के समीकरण को आजमाने की पैरवी की है, तब डॉ. आरके शर्मा पार्टी के प्रत्याशी थे और लगभग 10 हजार वोटों से जीते थे। इस समीकरण से न सिर्फ ब्राह्मणों को भाजपा में जाने से रोका जा सकता है बल्कि कुछ अन्य सवर्ण वोटों के अलावा पार्टी के परंपरागत और मुस्लिम वोटों के बल पर यह सीट जीती जा सकती है।
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