ग्रेटर बरेली आवासीय योजना: दो सेक्टरों में छह माह में आवंटियों को मिलेंगे कब्जे, बना सकेंगे आशियाना
ग्रेटर बरेली आवासीय योजना के दो सेक्टरों में आवंटियों को छह महीने में कब्जे मिल जाएंगे। इसके बाद वह अपने भूखंड पर आशियाना बना सकेंगे।
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बरेली में 238 हेक्टेयर भूमि पर बसाई जा रही ग्रेटर बरेली आवासीय योजना के दो सेक्टरों में स्थल विकास शुरू हो गया है। कार्यदायी संस्था ने सीवर, सड़क और बिजली लाइनों का काम शुरू कर दिया है। छह महीने में स्थल विकास के ज्यादातर काम पूरे होंगे और आवंटियों को उनके भूखंडों के बैनामे कर दिए जाएंगे। इसके बाद वे अपना आशियाना बना सकेंगे।
बरेली-बीसलपुर मार्ग के किनारे ग्रेटर बरेली के सेक्टर वन-बी में विभिन्न श्रेणियों के 495 भूखंड बनाए गए हैं। इनमें से 435 आवंटित हो चुके हैं। सेक्टर दो-ए में 798 भूखंड विकसित किए गए हैं। इसमें से 624 आवंटित हो गए हैं, लेकिन किसी आवंटी को अब तक कब्जा नहीं मिला है। सेक्टर एक के विकास के लिए 32.28 करोड़ रुपये की परियोजना पहले ही मंजूर हो चुकी है।
सेक्टर तीन और चार में होंगे आठ सौ भूखंड
ग्रेटर बरेली के सेक्टर तीन और चार में स्थल विकास की योजना मंजूर हो गई है। रेरा में रजिस्ट्रेशन हो चुका है। दोनों सेक्टरों में आठ सौ भूखंड विकसित किए जाएंगे, जिनके लिए जल्दी ही विज्ञापन प्रकाशित होगा। बीडीए सचिव ने बताया कि भूखंड की दर 31 मार्च तक 32,500 रुपये प्रति वर्ग मीटर होगी। सेक्टर पांच व छह के लिए स्थल विकास की परियोजना भी बन गई है।
33 हेक्टेयर जमीन का अनिवार्य रूप से होगा अधिग्रहण
ग्रेटर बरेली परियोजना के लिए 33 हेक्टेयर जमीन बीडीए अनिवार्य रूप से अधिग्रहीत करेगा। बदले में किसानों के खाते में 191 करोड़ रुपये भेजे जाएंगे। बीडीए सचिव के मुताबिक आकलन पूरा हो गया है। विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी को दो दिन में भुगतान भेजा जाएगा। वहां से 250 किसानों के खाते में उनकी जमीन का मुआवजा भेजा जाएगा।
बीडीए सचिव योगेंद्र कुमार ने बताया कि ग्रेटर बरेली के दो सेक्टरों में स्थल विकास का काम चल रहा है। छह माह में इसे पूरा कराकर आवंटियों को कब्जा दे दिया जाएगा।