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Bareilly News: नगर निगम की ओटीएस योजना में गड़बड़ी का आरोप
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बरेली। नगर निगम की एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। व्यापारियों और भवन स्वामियों ने कर विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर शासनादेश के अनुसार छूट न देने, बिलों में मनमाने तरीके से ब्याज जोड़ने और सुविधा शुल्क मांगने के आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है।
रुहेलखंड उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारी बृहस्पतिवार को नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य से मिले। मंडल के प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार मेहरोत्रा ने बताया कि नगर निगम में दो तरह के आवेदन फाॅर्म उपलब्ध हैं। एक फॉर्म भरने पर केवल एक-दो साल का ब्याज माफ किया जा रहा है, जबकि 2014-15 से ब्याज माफी की मांग करने पर आवेदन निरस्त होने की बात कही जाती है।
आरोप है कि कई भवन स्वामियों को आवेदन के 10 से 15 दिन बाद आईडी मैच नहीं होने की जानकारी दी जाती है। आईडी ठीक कराने के नाम पर आउटसोर्स कर्मचारियों की ओर से सुविधा शुल्क मांगा जा रहा है।
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बिल और जमा राशि में अंतर का आरोप
व्यापार मंडल के मुताबिक, आईडी 014820 का वर्ष 2025-26 का संपत्ति कर 1,88,620 रुपये था। भवन स्वामी ने 31 मार्च 2026 को एक लाख रुपये जमा किए थे। इसके बावजूद अगले वर्ष के बिल में बकाया राशि 1,18,836 रुपये दर्शाने का आरोप है। जांच कराने की मांग की।
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व्यापार मंडल की शिकायत मिली है। मामले की जांच कराई जाएगी। आरोप सही मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - संजीव कुमार मौर्य, नगर आयुक्त
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रुहेलखंड उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारी बृहस्पतिवार को नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य से मिले। मंडल के प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार मेहरोत्रा ने बताया कि नगर निगम में दो तरह के आवेदन फाॅर्म उपलब्ध हैं। एक फॉर्म भरने पर केवल एक-दो साल का ब्याज माफ किया जा रहा है, जबकि 2014-15 से ब्याज माफी की मांग करने पर आवेदन निरस्त होने की बात कही जाती है।
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आरोप है कि कई भवन स्वामियों को आवेदन के 10 से 15 दिन बाद आईडी मैच नहीं होने की जानकारी दी जाती है। आईडी ठीक कराने के नाम पर आउटसोर्स कर्मचारियों की ओर से सुविधा शुल्क मांगा जा रहा है।
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बिल और जमा राशि में अंतर का आरोप
व्यापार मंडल के मुताबिक, आईडी 014820 का वर्ष 2025-26 का संपत्ति कर 1,88,620 रुपये था। भवन स्वामी ने 31 मार्च 2026 को एक लाख रुपये जमा किए थे। इसके बावजूद अगले वर्ष के बिल में बकाया राशि 1,18,836 रुपये दर्शाने का आरोप है। जांच कराने की मांग की।
व्यापार मंडल की शिकायत मिली है। मामले की जांच कराई जाएगी। आरोप सही मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - संजीव कुमार मौर्य, नगर आयुक्त