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Bareilly News: उपकरण खरीद में अनियमितता का आरोप, कार्रवाई की मांग
Sat, 03 Oct 2026 01:04 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Sat, 03 Oct 2026 01:04 AM IST
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बरेली। उच्च प्राथमिक विद्यालयों में आईसीटी लैब (1,35,000 रुपये) और इन्वर्टर-बैटरी (38,000 रुपये) की खरीद में वित्तीय अनियमितताओं का आरोप है। शिक्षक संघ यूटा के जिलाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने शिकायत के छह माह बीतने पर भी कार्रवाई न होने पर विभाग के उच्चाधिकारियों तक बात पहुंचाने की बात कही है।
जिलाध्यक्ष के मुताबिक, उन्होंने छह माह पहले बीएसए से शिकायत की थी कि एसएमसी खातों से प्रधानाध्यापकों की जानकारी के बिना, पीएफएमएस जनरेट होने से पहले ही मनपसंद फर्मों के बिल तैयार कर लिए गए। बीआरसी पर प्रधानाध्यापकों को बुलाकर उन्हीं फर्मों से सामान लेने का दबाव बनाया गया। मामले में सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) ने आलमपुर जाफराबाद और भुता के खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) को नोटिस जारी किया था, लेकिन छह माह बीतने पर भी कार्रवाई नहीं हुई है। बल्कि, जांच अधिकारियों ने शिकायतकर्ता से ही शपथ पत्र मांग लिया है। आरोप है कि बीईओ की मिलीभगत से कई स्कूलों में अब तक पूरा सामान नहीं पहुंचा है। कई जगहों पर लैब शुरू होने से पहले ही ठप हो चुकी हैं। यूटा जिलाध्यक्ष ने दोषी अधिकारियों पर जल्द कार्रवाई की मांग की है और उच्चाधिकारियों को शपथ पत्र सौंपने की बात कही है। इस बाबत मामले की जांच कमेटी के अध्यक्ष एवं डीआरडीए परियोजना निदेशक चंद्रप्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि एक हफ्ते में मामले की जांच पूरी कर रिपोर्ट अधिकारियों को सौंप दी जाएगी।
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जिलाध्यक्ष के मुताबिक, उन्होंने छह माह पहले बीएसए से शिकायत की थी कि एसएमसी खातों से प्रधानाध्यापकों की जानकारी के बिना, पीएफएमएस जनरेट होने से पहले ही मनपसंद फर्मों के बिल तैयार कर लिए गए। बीआरसी पर प्रधानाध्यापकों को बुलाकर उन्हीं फर्मों से सामान लेने का दबाव बनाया गया। मामले में सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) ने आलमपुर जाफराबाद और भुता के खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) को नोटिस जारी किया था, लेकिन छह माह बीतने पर भी कार्रवाई नहीं हुई है। बल्कि, जांच अधिकारियों ने शिकायतकर्ता से ही शपथ पत्र मांग लिया है। आरोप है कि बीईओ की मिलीभगत से कई स्कूलों में अब तक पूरा सामान नहीं पहुंचा है। कई जगहों पर लैब शुरू होने से पहले ही ठप हो चुकी हैं। यूटा जिलाध्यक्ष ने दोषी अधिकारियों पर जल्द कार्रवाई की मांग की है और उच्चाधिकारियों को शपथ पत्र सौंपने की बात कही है। इस बाबत मामले की जांच कमेटी के अध्यक्ष एवं डीआरडीए परियोजना निदेशक चंद्रप्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि एक हफ्ते में मामले की जांच पूरी कर रिपोर्ट अधिकारियों को सौंप दी जाएगी।
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