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Bareilly News: वेतन निर्धारण में घूस मांगने का आरोप
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सेवानिवृत्ति के आठ साल बाद भी राजेंद्र प्रसाद के संशोधित वेतन का नहीं हो पाया निर्धारण
बरेली। सेवानिवृत्ति के आठ साल बाद भी सहायक लेखाकार राजेंद्र प्रसाद सक्सेना के संशोधित वेतन का निर्धारण नहीं हो पाया है। उन्होंने डीडीओ और पटल प्रभारी पर घूस मांगने का आरोप लगाकर शिकायत मंडलायुक्त से की है।
शिकायतीपत्र में राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि वह 31 अक्तूबर 2016 को मीरगंज ब्लॉक से सेवानिवृत्त हुए थे। आज तक न तो उनके संशोधित वेतन का निर्धारण हो पाया है और न ही भुगतान हुआ है। जबकि, इस मामले में हाईकोर्ट से भी आदेश पारित हो चुके हैं।
उन्हाेंने बताया कि 17 अप्रैल को डीडीओ ने बीडीओ मीरगंज को निर्देश भी दिए थे। लेकिन, यह मामला अभी तक डीडीओ और बीडीओ के बीच ही उलझा है। इस मामले में डीडीओ दिनेश यादव ने अपना कोई पक्ष नहीं दिया, जबकि बीडीओ मीरगंज विजय आनंद यादव ने यह जरूर बताया कि उन्होंने राजेंद्र प्रसाद का संशोधित वेतन निर्धारण कर दिया है।
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फाइल भी डीडीओ कार्यालय को भेज दी है। इनका भुगतान क्यों नहीं है, इस बारे में उन्हे कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि अपने कार्यालय में देख लेते हैं कि डीडीओ के यहां से कोई आपत्ति लग कर फाइल वापस ब्लॉक तो नहीं आ गई है। संवाद
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इस प्रकरण को मैं अपने स्तर से देखूंगी। फाइल किसके स्तर पर, कब से और क्यों लंबित है, इसकी भी जांच कराई जाएगी। लापरवाही मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई भी होगी। - देवयानी, मुख्य विकास अधिकारी
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बरेली। सेवानिवृत्ति के आठ साल बाद भी सहायक लेखाकार राजेंद्र प्रसाद सक्सेना के संशोधित वेतन का निर्धारण नहीं हो पाया है। उन्होंने डीडीओ और पटल प्रभारी पर घूस मांगने का आरोप लगाकर शिकायत मंडलायुक्त से की है।
शिकायतीपत्र में राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि वह 31 अक्तूबर 2016 को मीरगंज ब्लॉक से सेवानिवृत्त हुए थे। आज तक न तो उनके संशोधित वेतन का निर्धारण हो पाया है और न ही भुगतान हुआ है। जबकि, इस मामले में हाईकोर्ट से भी आदेश पारित हो चुके हैं।
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उन्हाेंने बताया कि 17 अप्रैल को डीडीओ ने बीडीओ मीरगंज को निर्देश भी दिए थे। लेकिन, यह मामला अभी तक डीडीओ और बीडीओ के बीच ही उलझा है। इस मामले में डीडीओ दिनेश यादव ने अपना कोई पक्ष नहीं दिया, जबकि बीडीओ मीरगंज विजय आनंद यादव ने यह जरूर बताया कि उन्होंने राजेंद्र प्रसाद का संशोधित वेतन निर्धारण कर दिया है।
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फाइल भी डीडीओ कार्यालय को भेज दी है। इनका भुगतान क्यों नहीं है, इस बारे में उन्हे कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि अपने कार्यालय में देख लेते हैं कि डीडीओ के यहां से कोई आपत्ति लग कर फाइल वापस ब्लॉक तो नहीं आ गई है। संवाद
इस प्रकरण को मैं अपने स्तर से देखूंगी। फाइल किसके स्तर पर, कब से और क्यों लंबित है, इसकी भी जांच कराई जाएगी। लापरवाही मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई भी होगी। - देवयानी, मुख्य विकास अधिकारी