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आरोप : 20 साल से नहीं हुई विवि में वार्षिक सभा की बैठक
Fri, 18 Aug 2023 01:31 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Fri, 18 Aug 2023 01:31 AM IST
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बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय पर शासनादेश का अनुपालन न करने और अनियमितता का आरोप लगा है। पूर्व में सभा के सदस्य रह चुके लोगों ने राज्यपाल, सीएम व जनप्रतिनिधियों को पत्र भेजकर प्रकरण की जांच कराने व नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
पूर्व सदस्य रमेश जैन और वीरेंद्र कुमार अटल की ओर से राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, सीएम योगी आदित्यनाथ समेत विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, कैंट विधायक संजीव अग्रवाल, एमएलसी जयपाल सिंह व्यस्त, कुंवर महाराज सिंह समेत बदायूं, बीसलपुर के विधायकों को पत्र भेजा गया है। जनप्रतिनिधियों को बताया है कि वे उत्तर प्रदेश विधानसभा की ओर से रुहेलखंड विश्वविद्यालय की सभा (कोर्ट) के नामित सदस्य हैं। विश्वविद्यालय अधिनियम 1973 के अनुसार विश्वविद्यालय के कुशल और विधि अनुसार संचालन के लिए वार्षिक सभा होनी जरूरी है। बीते 20 साल से अधिनियम के अनुसार सभा और कार्य परिषद का गठन हुआ। सभा के जरिये विश्वविद्यालय की कार्य योजना और बजट पास करवाने का प्रावधान है। जिसका अनुपालन नहीं हो रहा।
उच्च शिक्षा मंत्रालय और वित्त मंत्रालय की उच्च स्तरीय कमेटी से प्रकरण की जांच कराने की मांग की है। साथ ही, सभा का गठन व अधिनियम का पालन नहीं कराने वाले व्यक्ति को फिर से कुलपति के लिए आवेदन से अयोग्य घोषित करने, कुलसचिव की चरित्र पंजिका में विपरीत आख्या का प्रावधान कराने, अनुदान न देने, नैक निरीक्षण के दौरान प्रबंधन की व्यवस्था को चेक लिस्ट में शामिल करने की अनुशंसा करने की मांग की है।
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पूर्व सदस्य रमेश जैन और वीरेंद्र कुमार अटल की ओर से राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, सीएम योगी आदित्यनाथ समेत विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, कैंट विधायक संजीव अग्रवाल, एमएलसी जयपाल सिंह व्यस्त, कुंवर महाराज सिंह समेत बदायूं, बीसलपुर के विधायकों को पत्र भेजा गया है। जनप्रतिनिधियों को बताया है कि वे उत्तर प्रदेश विधानसभा की ओर से रुहेलखंड विश्वविद्यालय की सभा (कोर्ट) के नामित सदस्य हैं। विश्वविद्यालय अधिनियम 1973 के अनुसार विश्वविद्यालय के कुशल और विधि अनुसार संचालन के लिए वार्षिक सभा होनी जरूरी है। बीते 20 साल से अधिनियम के अनुसार सभा और कार्य परिषद का गठन हुआ। सभा के जरिये विश्वविद्यालय की कार्य योजना और बजट पास करवाने का प्रावधान है। जिसका अनुपालन नहीं हो रहा।
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उच्च शिक्षा मंत्रालय और वित्त मंत्रालय की उच्च स्तरीय कमेटी से प्रकरण की जांच कराने की मांग की है। साथ ही, सभा का गठन व अधिनियम का पालन नहीं कराने वाले व्यक्ति को फिर से कुलपति के लिए आवेदन से अयोग्य घोषित करने, कुलसचिव की चरित्र पंजिका में विपरीत आख्या का प्रावधान कराने, अनुदान न देने, नैक निरीक्षण के दौरान प्रबंधन की व्यवस्था को चेक लिस्ट में शामिल करने की अनुशंसा करने की मांग की है।
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