अलीगंज प्रकरणः दो सगे भाइयों समेत तीन युवकों ने सामूहिक दुष्कर्म के बाद की थी बच्ची की हत्या
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अलीगंज थाना क्षेत्र में बहन की शादी के दौरान जनवासे से घर लौट रही बच्ची के साथ दुष्कर्म उसके दो रिश्तेदारों ने ही अपने एक दोस्त के साथ किया था। सामूहिक दुष्कर्म के बाद पकड़े जाने के डर से तीनों ने बच्ची की गला दबाकर हत्या कर दी और फिर से शादी में शामिल हो गए। आरोपियों में दो पावर कॉरपोरेशन में संविदा लाइनमैन हैं। घटना के खुलासे के बाद तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया। एसएसपी ने घटना का खुलासा करने वाली टीम को 25 हजार रुपये का इनाम और प्रशस्तिपत्र देने की घोषणा की है।
अलीगंज थाने में 20 जून को एक ग्रामीण ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी आठ साल की बच्ची की दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई है। घटनास्थल पर पत्तों से बिछौना बनाया गया था। अमर उजाला ने पहले ही आशंका जताई थी कि दरिंदगी किसी परिचित ने की है। पुलिस भी पहले घटना में एक आरोपी के शामिल होने की बात मानकर चल रही थी। शुक्रवार को एसएसपी शैलेश पांडेय ने पुलिस लाइन में घटना का खुलासा किया। बताया, बच्ची के रिश्ते के दो भाइयों रमनपाल उर्फ रमिया और राजीव तथा उनके साथी सत्यप्रकाश उर्फ नन्हे ने बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म करने के बाद उसकी गला दबाकर हत्या की थी।
एसएसपी ने बताया कि गांव का मामला होने से सर्विलांस और सीसीटीवी से साक्ष्य मिलने का सवाल नहीं था, लेकिन पुलिस ने बेसिक नेटवर्क के जरिये घटना का खुलासा कर दिया। एसएसपी ने अलीगंज और भमोरा थाना के साथ ही क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम को 25 हजार रुपये के इनाम और प्रशस्ति पत्र देने की घोषणा की। एडीजी और डीआईजी स्तर से भी टीम को इनाम देने की घोषणा की गई है।
दरोगा तक पहुंचाई बेगुनाह होने की बात तो फंस गए आरोपी
एसएसपी ने बताया कि रमन और राजीव सगे भाई हैं। दोनों बच्ची के पिता के मौसेरे भाई के बेटे हैं। रिश्तेदार होने के नाते ही दोनों बच्ची की चचेरी बहन की शादी में शामिल होने आए थे। राजीव पावर कॉरपोरेशन में संविदा लाइनमैन है। वह अपने दोस्त संविदा लाइनमैन नन्हे को भी साथ ले आया था। तीनों ने बच्ची को टॉफी दिलाने के बहाने बुलाया और एकांत में ले गए। रमनपाल ने यूकेलिप्टस के पत्तों से बिछौना बनाया। इस बाद तीनों ने बच्ची से दुष्कर्म किया।
सामूहिक दुष्कर्म के बाद बच्ची के पहचान लेने के डर से तीनों ने उसकी गला दबाकर हत्या कर दी और फिर शादी में शामिल हो गए ताकि किसी को शक न हो। घटना के बाद कोई सुराग न मिलने पर पुलिस ने मुखबिरों का जाल फैलाया। पुलिस आसपास के गांवों में भी टोह ले रही थी। इसी बीच राजीव ने किसी व्यक्ति को यह कहने के लिए तैयार कर लिया कि वह घटना वाली रात पड़ोस के गांव में बिजली लाइन ठीक करने गया था। यह बात दरोगा उदयवीर और नीरज के पास पहुंची तो पुलिस ने राजीव को उठा लिया। शुरू में उसने बहाने बनाए, लेकिन सख्ती करने पर घटना कबूल ली।