UP News: बरेली में राम जनम यादव को सिटी मजिस्ट्रेट का चार्ज, जिलाधिकारी ने जारी किया आदेश
बरेली में अलंकार अग्निहोत्री के निलंबन के बाद उप जिलाधिकारी राम जनम यादव को सिटी मजिस्ट्रेट का अतिरिक्त चार्ज सौंपा गया है। इस संबंध में जिलाधिकारी ने बुधवार सुबह आदेश जारी किया।
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बरेली में जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने सिटी मजिस्ट्रेट पद का अतिरिक्त चार्ज अपर उप जिलाधिकारी राम जनम यादव को दे दिया है। इस संबंध में बुधवार को जिलाधिकारी ने आदेश जारी किया।अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफा दिए जाने और उनके निलंबन होने के बाद सिटी मजिस्ट्रेट का पद रिक्त था। वहीं, सुबह जिला प्रशासन ने सिटी मजिस्ट्रेट के आवास पर अलंकार अग्निहोत्री के निलंबन को आदेश चस्पा कर दिया।
अलंकार अग्निहोत्री दोपहर तक अपने सरकारी आवास में ही रहे। उनके समर्थक लगभग पूरी रात आवास के सामने दामोदर पार्क में डेरा जमा रहे और निगरानी भी करते रहे। समर्थकों को अलंकार अग्निहोत्री को कहीं गोपनीय स्थान पर ले जाए जाने का अंदेशा था। हालांकि, अलंकार के साथ ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। दोपहर के वक्त अलंकार अग्निहोत्री को बरेली से बाहर भेज दिया गया।
दिन में दिया था इस्तीफा, रात में निलंबित
सोमवार सुबह गणतंत्र दिवस पर कलक्ट्रेट में झंडा फहराने के बाद 2019 बैच के पीसीएस अफसर अलंकार ने अपने इस्तीफा देने की बात सार्वजनिक कर दी थी। इस्तीफा भेजने के बाद अलंकार मुखर हो गए थे और यूजीसी बिल लागू होने और शंकराचार्य के अपमान पर वह केंद्र-राज्य सरकार को घेरने लगे थे। फिर देर शाम डीएम से मिलने उनके आवास गए थे। वहां से बाहर निकलने पर उन्होंने डीएम आवास में 45 मिनट तक बंधक बनाए रखे जाने का आरोप लगाया।
हालांकि डीएम ने उनके आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। देर रात अलंकार अग्निहोत्री को निलंबित कर दिया गया था। उन्हें शामली के कलेक्टर ऑफिस से अटैच किया गया है। मामले की जांच मंडलायुक्त बरेली को सौंपी गई।
सड़क से कलक्ट्रेट तक पांच घंटे चला हल्ला बोल
निलंबन के बाद मंगलवार को अलंकार अग्निहोत्री काफी आक्रामक दिखे। सुबह उन्हें उनके आवास पर समर्थकों के साथ हाउस अरेस्ट कर लिया गया था। वह आवास पर समर्थकों के साथ बैठक नहीं कर पाए। 11.00 बजे आवास के पहले गेट पर ताला लगा देख सिटी मजिस्ट्रेट मुख्य गेट की ओर बढ़े। वहां भी पुलिसकर्मियों का पहरा था। हालांकि पुलिस ने उन्हें देखकर गेट खोल दिया और वह समर्थकों संग सीधे कलक्ट्रेट पहुंचे, जहां गेट बंद कर दिया गया। इस पर वह जमीन पर धरने पर बैठ गए। समर्थकों संग सड़क से कलक्ट्रेट तक उनका हल्ला बोल लगभग पांच घंटे चला। फिर वह शाम को कलक्ट्रेट से निकलकर अपने सरकारी आवास चले गए, जहां उन्हें फिर से हाउस अरेस्ट कर लिया गया।