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बरेली एयरपोर्ट पर एप्रन निर्माण के लिए टेंडर की कवायद शुरू
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बरेली। यहां एयरपोर्ट पर एप्रन निर्माण के लिए टेंडर मांगे गए हैं। टेंडर की प्रक्रिया के अगले माह तक पूरा होने की उम्मीद है। एप्रन बनने के बाद फ्लाइट से सुबह दिल्ली जाकर शाम को बरेली वापसी और अन्य शहरों के लिए घरेलू उड़ानें शुरू होने की उम्मीद भी पूरी हो जाएगी।
एयरपोर्ट प्रशासन से प्राप्त जानकारी के मुताबिक एयरपोर्ट पर एप्रन की सुविधा न होने से रात में विमान खड़े नहीं हो पा रहे हैं। लिहाजा, अभी तक उड़ान का शेड्यूल महज आगमन और प्रस्थान तक ही सीमित है। एप्रन बन जाने के बाद विमान रात में बरेली एयरपोर्ट पर ठहरने के बाद सुबह उड़ान भर सकेंगे। इससे सुबह जाकर शाम को बरेली वापसी की उम्मीद पूरी हो सकती है। साथ ही, अन्य जिलों और देश के प्रमुख शहरों के लिए डोमेस्टिक फ्लाइट का संचालन शुरू होने की भी संभावना है। अभी बरेली एयरपोर्ट पर सिर्फ एक एप्रन की सुविधा है, जो त्रिशूल एयरबेस के अधीन बताया जा रहा है।
पिछले साल सितंबर में प्रदेश के तत्कालीन नागरिक उड्डयन मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने केंद्रीय उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से मुलाकात कर बरेली एयरपोर्ट पर एप्रन बनाने का प्रस्ताव सौंपा था। प्रस्ताव पर विचार करने के बाद केंद्रीय उड्डयन मंत्रालय ने निर्माण को मंजूरी दे दी थी। इधर, विधानसभा चुनाव के चलते टेंडर का कार्य प्रभावित रहा। अब एप्रन निर्माण के लिए टेंडर की कवायद शुरू कर दी गई है।
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लखनऊ के लिए फ्लाइट का फिलहाल इंतजार
बरेली एयरपोर्ट प्रशासन के मुताबिक लखनऊ से बरेली के लिए प्रस्तावित फ्लाइट शुरू होने के संबंध में फिलहाल कोई दिशानिर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं। उन्होंने प्रदेश स्तर पर ही लखनऊ तक की उड़ान के लिए कवायद किए जाने की बात कही है। बता दें कि बीते साल टर्बो एयरलाइन ने लखनऊ से बरेली के लिए उड़ान को एटीआर विमान शुरू करने के लिए टेंडर डाला था। टेंडर मंजूर होने के बाद एयरपोर्ट प्रशासन न नए साल में लखनऊ के लिए बरेली से उड़ान शुरू होने की उम्मीद जताई थी। हालांकि, अब तक उड़ान के संबंध में किसी भी गतिविधि की जानकारी से अधिकारी इनकार कर रहे हैं।
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एयरपोर्ट प्रशासन से प्राप्त जानकारी के मुताबिक एयरपोर्ट पर एप्रन की सुविधा न होने से रात में विमान खड़े नहीं हो पा रहे हैं। लिहाजा, अभी तक उड़ान का शेड्यूल महज आगमन और प्रस्थान तक ही सीमित है। एप्रन बन जाने के बाद विमान रात में बरेली एयरपोर्ट पर ठहरने के बाद सुबह उड़ान भर सकेंगे। इससे सुबह जाकर शाम को बरेली वापसी की उम्मीद पूरी हो सकती है। साथ ही, अन्य जिलों और देश के प्रमुख शहरों के लिए डोमेस्टिक फ्लाइट का संचालन शुरू होने की भी संभावना है। अभी बरेली एयरपोर्ट पर सिर्फ एक एप्रन की सुविधा है, जो त्रिशूल एयरबेस के अधीन बताया जा रहा है।
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पिछले साल सितंबर में प्रदेश के तत्कालीन नागरिक उड्डयन मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने केंद्रीय उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से मुलाकात कर बरेली एयरपोर्ट पर एप्रन बनाने का प्रस्ताव सौंपा था। प्रस्ताव पर विचार करने के बाद केंद्रीय उड्डयन मंत्रालय ने निर्माण को मंजूरी दे दी थी। इधर, विधानसभा चुनाव के चलते टेंडर का कार्य प्रभावित रहा। अब एप्रन निर्माण के लिए टेंडर की कवायद शुरू कर दी गई है।
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लखनऊ के लिए फ्लाइट का फिलहाल इंतजार
बरेली एयरपोर्ट प्रशासन के मुताबिक लखनऊ से बरेली के लिए प्रस्तावित फ्लाइट शुरू होने के संबंध में फिलहाल कोई दिशानिर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं। उन्होंने प्रदेश स्तर पर ही लखनऊ तक की उड़ान के लिए कवायद किए जाने की बात कही है। बता दें कि बीते साल टर्बो एयरलाइन ने लखनऊ से बरेली के लिए उड़ान को एटीआर विमान शुरू करने के लिए टेंडर डाला था। टेंडर मंजूर होने के बाद एयरपोर्ट प्रशासन न नए साल में लखनऊ के लिए बरेली से उड़ान शुरू होने की उम्मीद जताई थी। हालांकि, अब तक उड़ान के संबंध में किसी भी गतिविधि की जानकारी से अधिकारी इनकार कर रहे हैं।